– शिविर में बढ़े हुए पेयजल बिलों की होनी थी सुनवाई
– अर्द्धनगरीय पेजयल योजना का विरोध, शासनादेश में नहीं है गांव का नाम
– तीन रोज पहले ईई को मिले थे समिति के पदाधिकारी, डीएम भी दे चुके जांच के निर्देश
रायवाला। अर्द्धनगरीय पेयजल योजना के बिलों का विरोध कर रहे ग्राम सभा रायवाला के ग्रामीणों ने विभाग द्वारा आयोजित जन सुनवाई शिविर में उपस्थित होने से साफ इन्कार कर दिया है। इस मामले में पेयजल उपभोक्ता संघर्ष समिति ने जल संस्थान के विभागीय अधिकारियों को लिखित ज्ञापन सौंपकर ग्रामीणों की मांग पूरी न होने तक इस प्रकार के शिविरों का बहिष्कार जारी रखने के निर्णय लिया है।
जबरन थोपी गई पेयजल योजना के विरोध में फूटा ग्रामीणों का आक्रोश
ग्राम सभा रायवाला के ग्रामीणों को जबरन दिए जा रहे अर्द्धनगरीय पेयजल योजना के बिलों का विरोध अब और अधिक मुखर होने लगा है। इस मामले में बढ़े हुए पेयजल बिलों को संशोधित करने और नए कनेक्शनों के आवेदनों की सुनवायी हेतु बीते रोज जल संस्थान द्वारा ग्राम सभा रायवाला में एक शिविर लगाया जाना था। जिसकी सूचना विभाग द्वारा ग्राम प्रधान और पेयजल उपभोक्ता संघर्ष समिति के पदाधिकारियों को भी दे दी गयी थी।
हांलाकि दिन भर जारी भारी बारिश की वजह से शिविर का स्थल चयन नहीं हो पाया और विभागीय अधिकारियों ने स्थानीय ग्राम प्रधान से संपर्क साधकर अपरान्ह समय पंचायत घर में ही जन सुनवायी करने की बात कही किन्तु प्रधान और पेयजल उपभोक्ता संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने शिविर में पेयजल समस्या से संबन्धित मुद्दों को रखने से ही मना कर दिया।
ग्राम प्रधान व समिति के अध्यक्ष सागर गिरी की अगुवायी में समिति पदाधिकारियों ने अधिकारियों को बताया कि उनकी मांग बढ़े हुए पेयजल बिलों के संशोधन को लेकर नहीं बल्कि शासनादेश के विपरीत ग्रामीणों में जबरन थोपी गयी ’अर्द्धनगरीय पेयजल योजना’ को वापिस लेने की है।
समिति ने कहा कि इस मामले में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान भी जल संस्थान के उच्चाधिकारियों को निर्देश दे चुके हैं। बताया कि वर्ष 2019 में स्वीकृत इस योजना की डीपीआर में ग्राम सभा रायवाला का नाम कहीं भी उल्लेखित नहीं है। इसके बावजूद ग्रामीणों को अर्द्धनगरीय पेयजल योजना के भारी भरकम बिल भेजना न केवल सरकार की नीति के खिलाफ है अपितु जल संस्थान द्वारा रायवाला के ग्रामीणों पर योजना को जबरन थोपे जाने का गंभीर विषय भी है।
ग्राम प्रधान सागर गिरी ने कहा कि जब तक ’नियत ग्रामीण घरेलू दरों’ के आधार पर ग्रामीणों के सभी पेयजल बिलों को संशोधित नहीं किया गया और रायवाला में अर्द्धनगरीय पेयजल योजना की जगह जल जीवन मिशन योजना लागू नहीं की गयी तब तक पेयजल बिलों का पुरजोर तरीके से विरोध जारी रहेगा। इस मामले में समिति ने मौके पर मौजूद जल संस्थान के अधिशासी अभियंता राजेश निरवाल और अवर अभियंता विपिन चौधरी को अपनी मांग के पक्ष में ज्ञापन सौंपा।
उधर, पेयजल उपभोक्ता संघर्ष समिति के सचिव वीरेन्द्र नौटियाल ने बताया कि शासन द्वारा जिस गांव को योजना में शामिल ही नहीं किया गया है, उसमें अर्द्धनगरीय पेयजल योजना के टैरिफ के आधार पर भारी भरकम बिल भेजे जाना विभाग की तानाशाही है। उन्होंने बताया कि आवश्यकता पड़ी तो इस मामले में न्यायालय की शरण ली जाएगी।
इस दौरान ग्राम प्रधान सागर गिरी, उप प्रधान गौरव चौहान, पेयजल उपभोक्ता समिति के संरक्षक दीपक बडोला, उपाध्यक्ष प्रकाश पांडेय सहित कैलाश भट्ट, नीरज सिंह दानू आदि मौजूद रहे।

