जिलाधिकारी से मिला उपभोक्ता कोर कमेटी प्रतिनिधमंडल, कहा जबरन थोपी जा यही योजना

राहत नहीं मिली तो कोर्ट में जाने की चेतावनी,आरोप है कि पुरानी योजना का नाम बदला और भारी गोलमाल कर दिया
पहाड़ का सच रायवाला। ग्राम सभा रायवाला में लागू की गई ‘अर्द्ध नगरीय पेयजल योजना’ के मामले में जिला प्रशासन और जल संस्थान द्वारा की कार्रवाई की जाएंगी।
ग्राम सभा रायवाला की पेयजल उपभोक्ता कोर कमेटी के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को देहरादून में जिलाधिकारी आशीष चौहान से एक बार फिर मुलाकात कर इस मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जल संस्थान के अधिशासी अभियंता आशीष भट्ट को फोन पर ही कड़े शब्दों में निर्देश दिए कि इस मामले में रायवाला के प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता कर का शीघ्र अति शीघ्र निस्तारण के प्रयास करें और त्वरित कार्रवाई से अवगत कराएं।
कोर कमेटी की अधिशासी अभियंता से वार्ता
जिलाधिकारी के निर्देश के बाद प्रतिनिधिमंडल ने जल संस्थान के अधिशासी अभियंता आशीष भट्ट के कार्यालय में पहुंचकर विभिन्न प्रपत्रों और आवश्यक दस्तावेजों को प्रस्तुत कर रायवाला से उक्त अर्धनगरीय पेयजल योजना को हटाने की पुरजोर पैरवी की और पूछा कि आखिर ग्राम सभा रायवाला में अर्द्ध नगरीय पेयजल योजना किस आधार पर लागू की गई है ? जबकि शासन द्वारा ग्राम सभा रायवाला को इस योजना में शामिल ही नहीं किया गया था।
विभाग और प्रतिनिधि मंडल के बीच विभिन्न दस्तावेजों व तथ्यों के आधार पर यह वार्ता लगभग आधे घंटे से अधिक समय तक चली। अधि. अभियंता ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को भेजी जाएगी और रायवाला को उक्त योजना से बाहर करवाने के लिए सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कैंप लगाकर समस्याओं का समाधान करने के दिये निर्देश
अधिशासी अभियंता जल संस्थान ने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंगलवार, 18 अगस्त से अगले एक सप्ताह तक उनके अधीनस्थ सहायक अभियंता और अवर अभियंता रायवाला में ही कैंप लगाकर ग्रामीण उपभोक्ताओं की समस्याओं को सुनेंगे और बिलों का निस्तारण व नए संयोजनों के मामलों का निस्तारण करेंगे।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख पदाधिकारी सागर गिरी (अध्यक्ष, पेयजल उपभोक्ता कोर कमेटी रायवाला एवं ग्राम प्रधान) वीरेंद्र नौटियाल (सचिव) प्रकाश पांडे (उपाध्यक्ष), गणेश कंसवाल (सलाहकार) गौरव चौहान (उपप्रधान) तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
पेयजल योजना’ में हमारी ग्राम सभा रायवाला/ग्राम पंचायत रायवाला का नाम शामिल नहीं था, फिर भी विभाग ने बिना ग्रामीणों को विश्वास में लिए हम लोगों पर शहरी दरों के अनुरूप इस योजना के बिल थोप दिए। ग्राम पंचायत रायवाला इसका पुरजोर तरीके से विरोध कर रही है। पंचायत ने खुली बैठक कर प्रस्ताव भी पारित कर दिया है कि यदि शासन प्रशासन द्वारा इसका समय रहते समाधान नहीं किया गया तो ग्राम सभा रायवाला

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ग्राम प्रधान/ अध्यक्ष पेयजल उपभोक्ता कोर कमेटी रायवाला
“यह मामला पूरी तरह अधिकारियों की मनमानी से जुड़ा है। इस मामले में राज्य के सूचना आयुक्त भी रायवाला के ग्रामीणों के पक्ष में फैसला दे चुके हैं। ग्रामीण अब आरपार की लड़ाई लड़ने का मन बना चुके हैं।

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सचिव, पेयजल उपभोक्ता कोर कमेटी उत्तराखंड के ऋषिकेश के पास स्थित रायवाला क्षेत्र में अर्ध-नगरीय पेयजल योजना (Peri-Urban Drinking Water Scheme) का मुख्य मामला ग्रामीण इलाकों में भेजे जा रहे भारी-भरकम और बढ़े हुए पानी के बिलों के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश है। .
मुख्य कारण और विवाद: अर्ध-नगरीय दरों का विरोध: ग्रामीणों, युवाओं और पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि रायवाला एक ग्रामीण क्षेत्र है, लेकिन यहाँ पेयजल योजना के नाम पर अर्ध-नगरीय दरें (Urban/Semi-urban water tariffs) लागू की जा रही हैं, जो उन्हें स्वीकार्य नहीं हैं।
भारी-भरकम बिल: उपभोक्ताओं को एकमुश्त (lump-sum) और बहुत ज़्यादा राशि के पानी के बिल भेजे जा रहे हैं, जिससे आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
ग्रामीणों की मांग: ग्रामीणों ने खुली बैठकें करके यह मांग उठाई है कि पेयजल कनेक्शनों के नियमों में संशोधन किया जाए और बिलों को पूरी तरह से ग्राम सभा क्षेत्र की आर्थिक स्थिति के अनुकूल तय किया जाए।
