
विभागों को सौंपी गई जिम्मेदारी, सभी समन्वय बनाएंगे आपस में जुड़ेंगे
राज्य स्तर पर डीजी स्वास्थ्य व जिला स्तर पर सीएमओ होंगे नोडल अफसर
पहाड़ का सच देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्ति को त्वरित और प्रभावी ट्रॉमा चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराए जाने के मामले में
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को तत्काल अमल में लाने के लिए संबंधित विभागों की गुरुवार को अहम बैठक ली। उन्होंने विभागों को नोडल एजेंसी की जिम्मेदारी सौंपी।
मुख्य सचिव ने सभी आपातकालीन हेल्पलाइन सेवाओं को एकीकृत आपातकालीन हेल्पलाइन 112 से तकनीकी एवं परिचालानात्मक रूप से जोड़े जाने के निर्देश दिए। सुप्रीम कोर्ट की तरफ से निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करते हुए इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि गुड सेमेरिटन शिकायत निवारण तंत्र के लिए राज्य स्तर पर डीजी स्वास्थ्य व जनपद स्तर पर सीएमओ को नोडल अधिकारी नामित करते हुए मासिक बैठकें आयोजित की जाएं। उन्होंने बैठकों का कार्यवृत्त पोर्टल पर अपलोड करने के लिए कहा। सार्वजनिक एवं निजी एम्बुलेंसों में AIS-125 मानकों का अनुपालन एवं GPS/VLTD उपकरणों की स्थापना सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि इसकी प्रभावी निगरानी के लिए हेल्पलाइन 112 से रियल टाइम इंटीग्रेशन किया जाए। ट्रॉमा रजिस्ट्री के लिए परिवहन विभाग नोडल Agency होगा। परिवहन विभाग राज्य स्तरीय ट्रॉमा रजिस्ट्री स्थापित करते हुए सभी चिकित्सा संस्थानों को इससे इंटीग्रेट करेगा। इसे राष्ट्रीय ट्रॉमा रजिस्ट्री से भी जोड़ा जाए।
उन्होंने पीएम राहत योजना का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए कहा। सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, अपर सचिव विनीत कुमार, रोहित मीणा, तृप्ति भट्ट एवं संयुक्त परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह बैठक में उपस्थित थे।

