
पुलिस के अलावा राज्य की सीमा व चार धाम यात्रा मार्ग पर आईटीबीपी तैनात
निहंग पीछे हटने को तैयार नहीं, सुरक्षा बल सीमा में नहीं घुसने देंगे
पहाड़ का सच विकासनगर। चंडीगढ़ और पंजाब से निहंगों के बड़े जत्थे के उत्तराखण्ड आने की सूचना के बाद राज्य सरकार ने उत्तराखण्ड व हिमाचल की सीमा पर स्थित कुल्हाल बैरियर के अलावा चार धाम यात्रा मार्ग पर सभी जगह भारी पुलिस बल के साथ आईटीबीपी को भी तैनात किया गया है। उत्तराखंड में प्रवेश से पहले हर वाहन की जांच की जा रही है।
पिछले कुछ दिनों से चल रहे उत्तराखंड में निहंगों सिखों के विवाद का मामला शांत होने का नाम ही नहीं ले रहा है। निहंगों ने उत्तराखंड कूच का एलान किया था। गुरुवार को उत्तराखंड के देहरादून जिले में हिमाचल और यूपी बॉर्डर पर हाई अलर्ट रहा। हिमाचल राज्य की सीमा पर स्थित कुल्हाल बैरियर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। हाई अलर्ट के दौरान उत्तराखंड में प्रवेश से पहले हर वाहन की जांच होती रही।
गुरुवार को निहंग काफी संख्या में पांवटा साहिब पहुंचे। दोपहर बाद पुलिस अधीक्षक देहात पंकज गैरोला, विकासनगर थाना प्रभारी राजीव रौथाण समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहकर सुरक्षा प्रबंधों की निगरानी करते रहे। देहरादून की विकासनगर थाना क्षेत्र के कुल्हाल बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था दिन भर सख्त रही। यहां बड़ी संख्या में उत्तराखंड पुलिस और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवान तैनात रहे। देहरादून एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के निर्देश मिलने पर किसी भी वाहन या समूह को बिना आवश्यक जांच और अनुमति के उत्तराखंड की सीमा में प्रवेश नहीं करने दिया गया। उत्तराखंड की सुरक्षा एजेंसियां सीमा क्षेत्र में हर गतिविधि पर पल-पल पैनी नजर बनाए हुए नजर आई।
कुल्हाल बॉर्डर पर दिन भर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
उत्तराखंड राज्य के हिमाचल से सटे विकासनगर क्षेत्र के कुल्हाल बॉर्डर पर दिन भर सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से चाक चौबंद रही। निहंगों की संभावित आवाजाही की सूचनाओं के मद्देनजर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती रही। बुधवार देर रात से लेकर वीरवार तड़के तक पुलिस की अलग-अलग टीमें क्षेत्रों में सक्रिय रहीं। डाकपत्थर पुल और डाकपत्थर बैराज क्षेत्र में भी सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। यह क्षेत्र उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के बीच आवाजाही का प्रमुख संपर्क मार्ग है। वहीं, दोपहर से निहंगों ने पांवटा साहिब शुरू कर दिया। पांवटा साहिब में उत्तराखंड से पुलिस अधीक्षक देहात पंकज गैरोला, एसडीएम विकासनगर विनोद कुमार व थाना प्रभारी विकासनगर राजीव रतन, थाना प्रभारी पांवटा साहिब कुलवंत सिंह मौजूद रहे।
उत्तराखंड पुलिस ने कुल्हाल बैरियर पर संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रहे व्यक्तियों से पूछताछ की। उनकी पहचान और सत्यापन संबंधी जानकारियां जुटाई गई। स्थानीय अधिकारियों को खुद सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने कहा कि ये किसी विशेष समुदाय या समूह को लक्षित करने के लिए नहीं, बल्कि शांति, कानून-व्यवस्था और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
कर्णप्रयाग कूच से पहले हाई वोल्टेज ड्रामा, निहंगों और प्रशासन के बीच 4 घंटे चली बातचीत, नतीजा नहीं निकला
रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू गुरुद्वारे से निहंग सिख भले ही रवाना हो गए हैं लेकिन अभी विवाद थमा नहीं है। क्योंकि इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैला हुआ है। लोगों ने नगरासू में भय का माहौल बनाने वाले निहंग सिखों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। गुलाबराय मैदान में यूकेडी सहित स्थानीय युवाओं व महिलाओं ने धरना देते हुए कहा कि सरकार निहंग सिखों के सामने झुक गई है। वहीं इस बीच जानकारी मिली है कि मोहाली से सैकड़ों की संख्या में निहंग और सिख श्रद्धालु कर्णप्रयाग के लिए रवाना हो गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक,सुबह जानकारी मिली कि चंडीगढ़ से सैकड़ों की संख्या में सिखों का जत्था उत्तराखंड की तरफ रवाना हो चुका है। पंजाब से सैकड़ों निहंग सिखों का जत्था कर्णप्रयाग के लिए रवाना हो गया है जो 3 बजे तक पहुंचने तक करणप्रयाग पहुंच जाएगा। ये सभी पंजाब के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में मोहाली में श्रद्धालु एकत्रित हुए। 25 जून को कर्णप्रयाग पहुंचने के अल्टीमेटम के बाद हलचल बढ़ गई थी। राज्य के सभी सीमावर्ती बॉर्डरों पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। कुल्हाल बॉर्डर पर पुलिस के साथ अर्धसैनिक बल ने मोर्चा संभाल लिया है। बॉर्डर से गुजरने वाले सभी वाहनों की तलाशी ली जा रही है।
जानकारी दे दें कि कुछ दिन पहले रुद्रप्रयाग में नगरासु गुरुद्वारा पर निहंगों ने कब्जा कर लिया था। कुछ दिनों के बाद हुए समझोते के चलते निहंगों ने गुरुद्वारा को कब्जा मुक्त कर दिया और वापस पंजाब लौट गए।
निहंगों और प्रशासन के बीच 4 घंटे कुल्हाल बॉर्डर पर चली वार्ता . पंजाब से पहुंचे सैकड़ों निहंग सिखों और उत्तराखंड प्रशासन के बीच पांवटा साहिब गुरुद्वारा में चार घंटे लगातार वार्ता चली। बैठक में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, मोहाली से आए निहंग प्रतिनिधि, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश पुलिस के अधिकारी मौजूद थे।
बैठक में विकासनगर के एसपी देहात, एसडीएम विकासनगर समेत कई प्रशासनिक अधिकारी शामिल थे। प्रशासन की ओर से निहंग सिखों को समझाने और स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने का प्रयास किया गया है। वहीं किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए हिमाचल-उत्तराखंड सीमा पर स्थित कुल्हाल बॉर्डर पर भारी पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है।
विकासनगर के कुल्हाल चेकपोस्ट से पुलिस ने वापस लौटाई निहंगों के जत्थे की गाड़ियां
पांवटा साहिब से उत्तराखंड की ओर बढ़ रहे निहंगों के जत्थे की कुछ गाड़ियों को विकासनगर के कुल्हाल चेकपोस्ट पर पुलिस ने रोककर वापस लौटा दिया है। लौटते समय निहंगों का कहना है कि वे धार्मिक यात्रा के उद्देश्य से उत्तराखंड जा रहे थे लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। फिलहाल पुलिस सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था के तहत सघन चेकिंग और निगरानी कर रही है।
निहंगों के कूच से पहले पुलिस सतर्क, पांवटा साहिब गुरुद्वारा पहुंची प्रशासनिक टीम
उत्तराखंड के विकासनगर और पांवटा साहिब क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। 16 जून को कर्णप्रयाग में हुई घटना को लेकर नाराज निहंग सिखों के आह्वान के बीच पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. एसपी देहात और एसडीएम सदर के नेतृत्व में पुलिस अधिकारियों की टीम पांवटा साहिब गुरुद्वारा पहुंची और निहंग प्रतिनिधियों से वार्ता की. वहीं निहंग सिखों का जत्था भी गुरुद्वारा पहुंच चुका है. संभावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए कुल्हाल बॉर्डर समेत सभी सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस, आईटीबीपी और अर्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है तथा हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है.
निहंगों की कर्णप्रयाग पहुंचने की चेतावनी के पीछे कांग्रेस: बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का बड़ा बयान आया है. निहंगों का गुरूद्वारे पर कब्जे का मामला हो या फिर कर्णप्रयाग पहुंचने की चेतावनी का मामला, महेंद्र भट्ट ने कहा कि इस सबके पीछे कांग्रेस इन्बॉल्ब है. दरअसल, कर्णप्रयाग और नगरासू की घटना को कांग्रेस ने सरकार का फेल्योर बताया था. महेंद्र ने कहा कि चारधाम यात्रा के मददेनजर सरकार मामले को शांत करना चाहती है,लेकिन कांग्रेस उकसाने का काम कर रही है.
नगरासू गुरुद्वारा प्रकरण को लेकर रुद्रप्रयाग में आक्रोश, निष्पक्ष जांच की मांग तेज
नगरासू गुरुद्वारा प्रकरण को लेकर रुद्रप्रयाग में जनाक्रोश बढ़ता नजर आ रहा है. मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर गुलाबराय मैदान में विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और जन संगठनों की एक जनसभा आयोजित की. सभा में यूकेडी, स्वाभिमान मोर्चा सहित कई संगठनों ने नगरासू गुरुद्वारा प्रकरण को गंभीर बताते हुए इसकी निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग उठाई. वक्ताओं ने कहा कि यह केवल एक क्षेत्र विशेष का मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और जनभावनाओं से जुड़ा विषय है. उन्होंने लोगों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से
देवभूमि का माहौल खराब करने की किसी को इजाजत नहीं, शांति और सद्भाव सर्वोपरि: भाजपा
निहंग विवाद पर भाजपा की दो टूक: राजनीति और चुनाव से बड़ा है प्रदेश का हित
अफवाहों पर ध्यान न दें, अमन-चैन में प्रशासन का सहयोग करें : भाजपा
भाजपा ने उत्तराखंड ने निहंग विवाद पर कड़ा रुख अपनाते हुए दो टूक शब्दों में कहा है कि देवभूमि की शांति, सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव के साथ खिलवाड़ करने की इजाजत किसी को नहीं है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि भाजपा के लिए राजनीति और चुनाव से कहीं अधिक महत्वपूर्ण प्रदेश का आपसी भाईचारा, अमन और चैन है।
पार्टी मुख्यालय में मीडिया के सवालों का ज़बाब देते हुए प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने विपक्षी दलों की संकुचित मानसिकता पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब पूरा प्रदेश शांति की अपील कर रहा है, तब कुछ विपक्षी पार्टियां इस संवेदनशील मुद्दे पर भी अपने राजनीतिक नफे-नुकसान को तौल रही हैं। वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति के चक्कर में विपक्ष माहौल खराब करने वाले तत्वों के पक्ष में खड़ा दिखाई दे रहा है, जिसे देवभूमि की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।
भाजपा ने आरोप लगाया कि इस पूरे विवाद के पीछे कुछ बाहरी और स्थानीय राजनीतिक ताकतों का हाथ है। पंजाब में अपनी खोई हुई राजनीतिक अहमियत को वापस पाने के लिए छटपटा रहे कुछ नेता और उत्तराखंड में पूरी तरह अप्रासंगिक हो चुके कुछ राजनीतिक दल मिलकर राज्य का माहौल बिगाड़ने की साजिश रच रहे हैं। समाज के सभी राजनैतिक और सामाजिक पक्षों की यह अहम जिम्मेदारी है कि वे शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें, न कि आग में घी डालने का काम करें।
उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि राज्य सरकार कानून व्यवस्था से समझौता करने वालों से सख्ती से निपटेगी। मुख्यमंत्री पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि उत्तराखंड में किसी भी प्रकार की अराजकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी तत्व राज्य विरोधी या देश विरोधी हरकतों में संलिप्त पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। देवभूमि की सांस्कृतिक मर्यादा और सुरक्षा की रक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
उन्होंने प्रदेश की जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और राज्य में अमन-चैन का माहौल बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।

