
पहाड़ का सच देहरादून। उत्तराखंड जल विद्युत निगम द्वारा वर्तमान ऊर्जा संकट, ऊर्जा संरक्षण की राष्ट्रीय आवश्यकता तथा सतत विकास के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए ऊर्जा लेखा परीक्षण (Energy Audit) एवं ISO 50001 ऊर्जा प्रबंधन प्रणाली (Energy Management System) को लागू करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए प्रबंध निदेशक अजय कुमार सिंह ने बताया कि ऊर्जा लेखा परीक्षण एवं ISO 50001 के प्रभावी क्रियान्वयन से ऊर्जा प्रदर्शन में निरंतर सुधार तथा परिचालन दक्षता में वृद्धि होगी। साथ ही इससे ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी तथा ऊर्जा लागत नियंत्रण हेतु वैज्ञानिक एवं डेटा-आधारित व्यवस्था भी विकसित होगी। इसके क्रियान्वयन से संस्थानों एवं उद्योगों को ऊर्जा संसाधनों के अधिकतम, विवेकपूर्ण एवं प्रभावी उपयोग में भी सहायता मिलेगी।
उन्होंने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “मेरा भारत, मेरा योगदान” अभियान तथा उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ऊर्जा संरक्षण एवं संसाधनों के प्रभावी उपयोग संबंधी विज़न के अनुरूप लागू की जा रही है। उत्तराखण्ड सरकार द्वारा ऊर्जा बचत हेतु अपनाए गए कदम जैसे सरकारी वाहनों के उपयोग में कमी, साप्ताहिक “नो व्हीकल डे” का पालन तथा निजी एवं सरकारी कार्यालयों में एयर कंडीशनर के सीमित उपयोग आदि ऊर्जा संरक्षण के प्रति सरकार की गंभीरता को दर्शाते हैं।
प्रबंध निदेशक ने कहा कि वर्तमान समय में ऊर्जा दक्षता केवल आवश्यकता नहीं बल्कि आर्थिक एवं पर्यावरणीय जिम्मेदारी भी है। उन्होंने बताया कि यदि ऊर्जा दक्षता उपायों के माध्यम से मात्र 0.1 प्रतिशत ऊर्जा बचत भी सुनिश्चित की जाती है, तो यूजेवीएन लिमिटेड को लगभग 5 मिलियन यूनिट ऊर्जा की बचत प्राप्त हो सकती है। यह बचत न केवल आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगी, बल्कि प्रदेश एवं राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करेगी।
उन्होंने कहा कि यूजेवीएन लिमिटेड ऊर्जा दक्षता उपायों के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से इन बचतों को अधिकतम स्तर तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। यूजेवीएन लिमिटेड पहले से ही ISO 9001 (QMS), ISO 14001 (EMS), ISO 45001 (OH & MS) तथा ISO 27001 (ISMS) जैसी अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता एवं प्रबंधन प्रणालियों से प्रमाणित है। ISO 50001 ऊर्जा प्रबंधन प्रणाली के लागू होने से कार्यबल के सभी स्तरों पर ऊर्जा जागरूकता, संसाधनों के संरक्षण तथा सतत विकास की संस्कृति को और अधिक बढ़ावा मिलेगा।
प्रबंध निदेशक अजय कुमार सिंह ने यूजेवीएन लिमिटेड की ओर से प्रदेश के औद्योगिक, वाणिज्यिक एवं संस्थागत उपभोक्ताओं से ऊर्जा संरक्षण को जन आंदोलन बनाने तथा ऊर्जा दक्षता उपायों को अपनाने की अपील की जिससे भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को सुरक्षित, संतुलित एवं पर्यावरण अनुकूल बनाया जा सके।
क्या है ISO 50001 ऊर्जा प्रबंधन प्रणाली: (Energy Management System – EnMS) यह एक अंतरराष्ट्रीय मानक है। यह किसी भी आकार या प्रकार के व्यवसाय को ऊर्जा उपयोग, दक्षता और खपत में लगातार सुधार करने में मदद करता है, जिससे ऊर्जा की लागत और ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन कम होता है।
इस मानक के मुख्य बिंदु और विशेषताए निम्नलिखित हैं:यह कैसे काम करता है?
ISO 50001 निरंतर सुधार के ‘प्लान-डू-चेक-एक्ट’ (PDCA) चक्र पर आधारित है:प्लान (Plan): ऊर्जा की समीक्षा करना, लक्ष्य निर्धारित करना और आधार रेखा (Energy Baseline) तैयार करना। ऊर्जा-बचत के उपायों और योजनाओं को लागू करना। डेटा का उपयोग करके ऊर्जा खपत की निगरानी करना और यह जांचना कि लक्ष्य पूरे हो रहे हैं या नहीं। ऊर्जा दक्षता को और बेहतर बनाने के लिए सुधारात्मक कदम उठाना।
ISO 50001 के लाभलागत में कमी: कुशल ऊर्जा प्रबंधन से बिजली, ईंधन और अन्य संसाधनों की भारी बचत होती है।पर्यावरण संरक्षण: ऊर्जा की खपत कम होने से कार्बन उत्सर्जन और पर्यावरण पर पड़ने वाला नकारात्मक प्रभाव घटता है।नियामक अनुपालन: यह सरकारी ऊर्जा नियमों का पालन करने में सहायता करता है।अन्य मानकों के साथ एकीकरण: इसे पहले से लागू गुणवत्ता प्रबंधन (ISO 9001) और पर्यावरण प्रबंधन (ISO 14001) प्रणालियों के साथ आसानी से जोड़ा जा सकता है।

