
अवकाश के बावजूद एमडी ध्यानी का दो दिवसीय रहा कुमाऊं दौरा, निर्देश पर रविवार को भी फील्ड में उतरी UPCL की टीम , मानसून तैयारियों का लिया जायजा
एमडी ध्यानी के निर्देश ,हर कार्मिक काम करेगा,निगम की तरक्की में सहयोग देगा
पहाड़ का सच पिथौरागढ़/ देहरादून। ऊर्जा निगम के प्रबंध निदेशक की कुर्सी संभालने के साथ ही पीसी ध्यानी ने ऑफिस में बैठने बजाय फिल्ड में कार्मिकों के बीच जाकर बिजली व्यवस्था में सुधार व योजनाओं को समय से पूरा होने के लिए कार्य योजना बनाने का काम किया है। उन्होंने खुद काम करने निगम के कार्मिकों के भीतर काम के प्रति जिज्ञासा पैदा कर दी है।
कुमाऊं में योजनाओं के दो दिवसीय स्थलीय निरीक्षण के दौरान प्रबंध निदेशक ध्यानी के निर्देश पर रविवार को निदेशक (वितरण एवं परियोजना) तथा निगम के मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं एवं अधिशासी अभियंताओं ने प्रदेश के विभिन्न विद्युत उपकेंद्रों एवं महत्वपूर्ण विद्युत प्रतिष्ठानों का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।

प्रबंध निदेशक ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारियों द्वारा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कहीं पर भी झूलते हुए तार न दिखाई दें, यदि आवश्यक हो तो उनको तत्काल कसा जाए लीकेज करंट की स्थिति को भी जांचा परखा जाएगा, जिससे विद्युत दुर्घटना न होने पाए।
निगम के प्रवक्ता के अनुसार प्रबंध निदेशक स्वयं पिथौरागढ़ में मुख्य अभियंता रुद्रपुर के साथ बिजलीघरों के निरीक्षण पर पहुंचे तथा सभी अधिकारियों को मुख्यालय पर रहने के लिए निर्देशित किया । सभी कार्मिकों को कहा गया है कि आपदा की स्थिति में विद्युत आपूर्ति तुरंत सुचारू करने हेतु आवश्यक प्रयास किए जाएं एवं सभी स्टोर सामग्री का भंडारण समय रहते कर लिया जाए। निदेशक परिचालन एमआर आर्या द्वारा रुड़की स्थित सोलानीपुरम उपकेंद्र तथा विद्युत वितरण खंड शहरी रुड़की का निरीक्षण किया गया।

मुख्यालय स्थित मुख्य अभियंताओं को भी फील्ड में भ्रमण करने हेतु निर्देशित किया गया। इस क्रम में राजकुमार मुख्य अभियंता द्वारा मसूरी क्षेत्र में, मोहित जोशी मुख्य अभियंता द्वारा ऋषिकेश एवं जसवंत सिंह मुख्य अभियंता द्वारा विकास नगर क्षेत्र में स्थित बिजलीघरों, कालसी स्थित 33/ 11 के वी बिजलीघर एवं अन्य क्षेत्रों का भ्रमण कर विद्युत आपूर्ति सुचारू रखने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।
एनएस बिष्ट मुख्य अभियंता गढ़वाल क्षेत्र द्वारा टिहरी के अंतर्गत चंबा बिजली घर तथा 220 के वी उपकेंद्र, पिटकुल का निरीक्षण किया गया। उनके साथ प्रशांत बहुगुणा, अधीक्षण अभियंता एवं सुधीर अधिशासी अभियंता भी मौजूद थे। अनिल धीमान, अधीक्षण अभियंता द्वारा यूपीसीएल कॉल सेंटर का विजिट किया गया तथा वहां स्थित कर्मचारियों को आपदा के दौरान आने वाली शिकायतों को तत्काल दूर करने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश एवं प्रशिक्षण दिया गया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने उपकेंद्रों की कार्यप्रणाली, विद्युत आपूर्ति की विश्वसनीयता, आपदा की स्थिति में त्वरित विद्युत बहाली की कार्ययोजना, आवश्यक उपकरणों एवं सामग्री की उपलब्धता, वैकल्पिक विद्युत व्यवस्था, संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन से संबंधित सभी व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया। साथ ही अधिकारियों ने फील्ड कार्मिकों को मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पूरी सतर्कता एवं तत्परता बनाए रखने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान विद्युत लाइनों की पेट्रोलिंग, पेड़ों की छंटाई, जलभराव संभावित क्षेत्रों की निगरानी, ट्रांसफार्मरों एवं उपकेंद्रों की सुरक्षा, आपातकालीन मरम्मत दलों की उपलब्धता तथा आवश्यक स्पेयर सामग्री का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की विद्युत बाधा की स्थिति में उपभोक्ताओं को न्यूनतम समय में विद्युत आपूर्ति बहाल करना सर्वोच्च प्राथमिकता रहे।
इस अवसर पर निदेशक (वितरण एवं परियोजना) ने कहा कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए मानसून के दौरान विशेष सतर्कता की आवश्यकता होती है। निगम की सभी टीमें 24×7 अलर्ट मोड पर कार्य कर रही हैं तथा किसी भी आपदा अथवा आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
रविवार जैसे अवकाश के दिन भी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा स्वयं फील्ड में पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करना यूपीसीएल की उपभोक्ता सेवा के प्रति प्रतिबद्धता और कार्यसंस्कृति को दर्शाता है। प्रबंध निदेशक के नेतृत्व में निगम का पूरा तंत्र मानसून के दौरान प्रदेशवासियों को निर्बाध, सुरक्षित एवं विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य कर रहा है।
यूपीसीएल ने प्रदेश के उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया है कि मानसून एवं संभावित आपदा की प्रत्येक स्थिति पर निगम की निरंतर निगरानी बनी हुई है तथा किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में विद्युत आपूर्ति को शीघ्र बहाल करने के लिए सभी फील्ड इकाइयों, नियंत्रण कक्षों एवं आपदा प्रबंधन टीमों को पूर्ण रूप से सक्रिय रखा गया है। निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदेश के प्रत्येक उपभोक्ता तक सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण एवं 24×7 विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

