
ज्योतिष इंद्रमोहन डंडरियाल
🚩 * सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक – 01 नवम्बर 2026*
🌤️ *दिन – रविवार*
🌤️ *विक्रम संवत – 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत – 1948*
🌤️ *अयन – दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु – हेमंत ऋतु*
🌤️ *मास – कार्तिक (गुजरात महाराष्ट्र अनुसार आश्विन)*
🌤️ *पक्ष – कृष्ण*
🌤️ *तिथि – सप्तमी दोपहर 02:51 तक तत्पश्चात अष्टमी*
🌤️ *नक्षत्र – पुष्य 02 नवंबर प्रातः 04:30 तक तत्पश्चात अश्लेशा*
🌤️ *योग – साध्य दोपहर 02:39 तक तत्पश्चात शुभ*
🌤️*राहुकाल – शाम 04:05 से शाम 05:26 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 06:30*
🌤️ *सूर्यास्त – 05:30*
👉 *दिशाशूल – पश्चिम दिशा में*
🚩*व्रत पर्व विवरण – रविवारी सप्तमी (सूर्योदय से दोपहर 02:51 तक), कालाष्टमी, रविपुष्य योग (सूर्योदय से 02 नवम्बर प्रातः 04:30 तक)*
*विशेष – सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है तथा शरीर का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🌷 *धनतेरस के दिन यमदीपदान* 🌷
➡ *06 नवम्बर


