ज्योतिष इंद्रमोहन डंडरियाल
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक – 18 सितंबर 2026*
🌤️ *दिन – शुक्रवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन – दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु – शरद ॠतु*
🌦️ *अमांत – 2 गते आश्विन मास प्रविष्टि*
🌦️ *राष्ट्रीय तिथि – 26 भाद्रपद मास*
🌤️ *मास – भाद्रपद*
🌤️ *पक्ष – शुक्ल*
🌤️ *तिथि – सप्तमी दोपहर 01:00 तक तत्पश्चात अष्टमी*
🌤️ *नक्षत्र – ज्येष्ठा रात्रि 10:44 तक तत्पश्चात मूल*
🌤️ *योग – प्रीति दोपहर 01:35 तक तत्पश्चात आयुष्मान*
🌤️*राहुकाल – सुबह 10:40 से दोपहर 12:11 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 06:03*
🌤️ *सूर्यास्त – 06:19*
👉 *दिशाशूल – पश्चिम दिशा मे*
🚩*व्रत पर्व विवरण – गौरी पूजन, महालक्ष्मी व्रत आरम्भ*
*विशेष- सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है तथा शरीर का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
👉🏻 *महालक्ष्मी व्रत की आसान पूजन विधि! आर्थिक प्रगति के लिए करें ये विशेष उपाय और इस मंत्र का जरूर करें जप*
🌷 *राधा अष्टमी* 🌷
🙏🏻 *19 सितम्बर, शनिवार को श्रीराधा अष्टमी है। जन्माष्टमी के पूरे 15 दिन बाद ब्रज के रावल गांव में राधा जी का जन्म हुआ । भाद्रपद शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को राधाष्टमी व्रत रखा जाता है। पुराणों में राधा और रुक्मिणी को एक ही माना जाता है। जो लोग राधा अष्टमी के दिन राधा जी की उपासना करते हैं, उनका घर धन संपदा से सदा भरा रहता है।*
➡ *पुराणों के अनुसार राधा अष्टमी*
🙏🏻 *स्कंद पुराण के अनुसार राधा श्रीकृष्ण की आत्मा हैं। इसी कारण भक्तजन सीधी-साधी भाषा में उन्हें ‘राधारमण’ कहकर पुकारते हैं।*
🙏🏻 *पद्म पुराण में ‘परमानंद’ रस को ही राधा-कृष्ण का युगल-स्वरूप माना गया है। इनकी आराधना के बिना जीव परमानंद का अनुभव नहीं कर सकता।*
🙏🏻 *भविष्य पुराण और गर्ग संहिता के अनुसार, द्वापर युग में जब भगवान श्रीकृष्ण पृथ्वी पर अवतरित हुए, तब भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी के दिन महाराज वृषभानु की पत्नी कीर्ति के यहां भगवती राधा अवतरित हुई। तब से भाद्रपद शुक्ल अष्टमी ‘राधाष्टमी’ के नाम से विख्यात हो गई।*
🙏🏻 *नारद पुराण के अनुसार ‘राधाष्टमी’ का व्रत करनेवाला भक्त ब्रज के दुर्लभ रहस्य को जान लेता है।*
🙏🏻 *पद्म पुराण में सत्यतपा मुनि सुभद्रा गोपी प्रसंग में राधा नाम का स्पष्ट उल्लेख है। राधा और कृष्ण को ‘युगल सरकार’ की संज्ञा तो कई जगह दी गई है।*
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌷 *घर में सदैव आर्थिक परेशानी रहती है तो* 🌷
🙏🏻 *स्कंदपुराण और दूसरे ग्रंथों में बात आयी है कि जिन लोगों के घर में सदैव आर्थिक परेशानी रहती है उनके लिए भाद्र शुक्ल अष्टमी (18 सितम्बर, शुक्रवार) के दिन से लेकर आश्विन कृष्ण अष्टमी (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार भाद्रपद कृष्ण अष्टमी) माने 03 अक्टूबर, शनिवार तक महालक्ष्मी माता का पूजन विधान स्कंदपुराण, आदि ग्रंथो में बताया गया है और इस सरल विधान के अनुसार 18 सितम्बर से 03 अक्टूबर तक नित्य प्रात: लक्ष्मी माता का सुमिरन करते हुए – ॐ लक्ष्मयै नम: ॐ लक्ष्मयै नम: ॐ लक्ष्मयै नम: मंत्र का 16 बार प्रति दिन जप करें और फिर लक्ष्मीमाता का पूजन करते हुए एक श्लोक पाठ करें । इससे समय, शक्ति खर्च नहीं होगी उल्टा पुण्य भी बढ़ेगा | श्लोक इस प्रकार है-*
🌷 *धनं धान्यं धराम हरम्यम, कीर्तिम आयुर्यश: श्रीयं,*
*दुर्गां दंतीन: पुत्रां, महालक्ष्मी प्रयच्छ मे ‘*
*”ॐ श्री महालक्ष्मये नमः” “ॐ श्री महालक्ष्मये नमः”*

