
ज्योतिष इंद्रमोहन डंडरियाल
🚩 *~ सनातन पंचांग ~*🚩
🌤️ *दिनांक – 20 जून 2026*
🌤️ *दिन – शनिवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन – उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु – ग्रीष्म ॠतु*
🌤️ *अमांत – 6 गते आषाढ़ मास प्रविष्टि*
🌤️ *राष्ट्रीय तिथि – 29 ज्येष्ठ मास*
🌤️ *मास – ज्येष्ठ*
🌤️ *पक्ष – शुक्ल*
🌤️ *तिथि – षष्ठी शाम 03:46 तक तत्पश्चात सप्तमी*
🌤️ *नक्षत्र – मघा सुबह 09:25 तक तत्पश्चात पूर्वाफाल्गुनी*
🌤️ *योग – वज्र दोपहर 12:48 तक तत्पश्चात सिद्धि*
🌤️*राहुकाल – सुबह 09:49 से सुबह 11:34 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 05:16*
🌤️ *सूर्यास्त – 07:21*
👉 *दिशाशूल – पूर्व दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- अरण्य षष्ठी*
💥*विशेष- *षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🌷 *व्यतिपात योग* 🌷
➡️ *21 जून 2026 रविवार को दोपहर 11:21 से 22 जून सुबह 10:31 तक व्यतिपात योग है।*
🙏🏻 *व्यतिपात योग की ऐसी महिमा है कि उस समय जप पाठ प्राणायम, माला से जप या मानसिक जप करने से भगवान की और विशेष कर भगवान सूर्यनारायण की प्रसन्नता प्राप्त होती है जप करने वालों को, व्यतिपात योग में जो कुछ भी किया जाता है उसका १ लाख गुना फल मिलता है।*
🙏🏻 *वाराह पुराण में ये बात आती है व्यतिपात योग की।*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🌷 *घातक रोगों से मुक्ति पाने का उपाय* 🌷
👉🏻 *21 जून 2026 रविवार को सूर्योदय से दोपहर 03:20 तक रविवारी सप्तमी है।*
🙏🏻 *रविवार सप्तमी के दिन बिना नमक का भोजन करें। बड़ दादा के १०८ फेरे लें । सूर्य भगवान का पूजन करें, अर्घ्य दें व भोग दिखाएँ, दान करें । तिल के तेल का दिया सूर्य भगवान को दिखाएँ ये मंत्र बोलें :-*
🌷 *”जपा कुसुम संकाशं काश्य पेयम महा द्युतिम । तमो अरिम सर्व पापघ्नं प्रणतोस्मी दिवाकर ।।”*
💥 *नोट : घर में कोई बीमार रहता हो या घातक बीमारी हो तो परिवार का सदस्य ये विधि करें तो बीमारी दूर होगी ।*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🌷*विजया सप्तमी* 🌷
👉🏻 *विजया सप्तमी को किया हुआ स्नान, दान, ध्यान, जप, तप, होम और उपवास – सब कुछ बड़े-बड़े पातकों का नाश करनेवाला है। (ब्रह्म पुराण)*
👉🏻 *धर्मशास्त्रों के अनुसार विजया सप्तमी का व्रत रखने और सूर्य देव को अर्घ्य देने से व्यक्ति के जन्म-जन्मांतर के पाप मिट जाते हैं। यहाँ तक कि अनजाने में किए गए बड़े पापों से भी मुक्ति मिलती है।*

