
आरोपी मां और किशोरी को खरीदने वाले मुजफ्फरनगर व मेरठ के तीन आरोपी गिरफ्तार
पहाड़ का सच देहरादून। पैसों के लिए एक मां ने अपनी नाबालिग बेटी को ही बेच दिया। महिला ने बेटी का सौदा एक व्यक्ति से डेढ़ लाख रुपये में किया और जब पैसे पूरे नहीं मिले तो पुलिस को अपहरण की झूठी शिकायत कर दी। पुलिस ने किशोरी को बरामद कर आरोपी मां और खरीदने वाले मुजफ्फरनगर और मेरठ के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि पिंकी और लवी ने किशोरी को डेढ़ लाख में खरीदा और मनीष को दो लाख में बेच दिया, जबकि किशोरी की मां को 80 हजार रुपये ही दिए, बाकी 70 हजार बाद में देने के लिए कहा। जब बाकी रकम नहीं मिली तो किशोरी की मां ने उसके अपहरण की झूठी कहानी बनाकर पुलिस में रिपोर्ट कर दी। पिछले महीने पांच जुलाई को सहस्त्रधारा रोड क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने अपनी 15 वर्षीय बेटी के अपहरण की शिकायत की थी। राजपुर पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की।
सूचना पर पुलिस मुजफ्फरनगर पहुंची और वहां से जानसठ क्षेत्र के घटायन गांव के मनीष कुमार और मेरठ के फलावदा के नांगोरी को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से नाबालिग को भी
बरामद किया गया।
पुलिस के अनुसार लवी ने बताया कि उसने मुजफ्फरनगर के कुकड़ा मंडी इलाके की रहने वाली पिंकी मलिक के माध्यम से किशोरी को डेढ़ लाख रुपये में खरीदा था। फिर दो लाख रुपये में मनीष को बेच दिया। मनीष ने किशोरी को शादी के लिए खरीदा था। इसके बाद पुलिस ने पिंकी मलिक और किशोरी की मां को भी गिरफ्तार कर लिया। किशोरी की मां ने आर्थिक स्थिति बदहाल होने के कारण बेटी को बेचने की बात कबूली है। एसएसपी प्रमेंद्र डोवाल ने बताया कि पता लगाया जा रहा है कि इन लोगों ने इस तरह से अन्य घटनाओं को तो अंजाम नहीं दिया।

