– दो लाख से अधिक छात्र-छात्राओं ने किया सामूहिक राष्ट्रगीत गायन
देहरादून। राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा देशभर में आयोजित ‘नमामि भारतम्—सामूहिक वंदे मातरम्’ कार्यक्रम के अंतर्गत उत्तराखंड के लगभग 450 विद्या भारती विद्यालयों में सामूहिक राष्ट्रगीत गायन हुआ।
प्रदेश के सुदूर हिमालयी एवं सीमांत क्षेत्रों से लेकर गाँवों और नगरों तक विद्यालय परिसरों में एक साथ राष्ट्रगीत की गूंज सुनाई दी। चमोली के नीति क्षेत्र, उत्तरकाशी के नेटवाड़, पिथौरागढ़ के मुआनी, मुनस्यारी और गंगोलीहाट जैसे दुर्गम क्षेत्रों के विद्यालय भी इस राष्ट्रीय आयोजन के सहभागी बने।

कार्यक्रम में दो लाख से अधिक छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षकों, पूर्व छात्र-छात्राओं, अभिभावकों तथा समाज के गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की। विभिन्न विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों में मुख्य अतिथियों एवं वक्ताओं ने ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक, साहित्यिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय महत्व पर प्रकाश डाला।
महान साहित्यकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित ‘वंदे मातरम्’ भारतीय राष्ट्रीय चेतना का एक महत्वपूर्ण स्वर रहा है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में इस गीत ने देशवासियों में मातृभूमि के प्रति समर्पण और राष्ट्रीय जागरण की भावना को सशक्त किया।
उत्तराखंड के हिमालयी सीमांत से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक विद्यालयों में एक साथ गूंजा ‘वंदे मातरम्’ का स्वर इस आयोजन को विशेष बना गया। विद्यार्थियों के साथ समाज की व्यापक सहभागिता ने कार्यक्रम को विद्यालय की चारदीवारी से बाहर निकालकर राष्ट्रीय एकात्मता, देशभक्ति और सामाजिक सहभागिता के सामूहिक उत्सव का स्वरूप प्रदान किया।
देशभर में एक साथ आयोजित ‘नमामि भारतम्’ कार्यक्रम ने राष्ट्रगीत की 150वीं वर्षगांठ को स्मरणीय बनाते हुए नई पीढ़ी को भारत की राष्ट्रीय चेतना और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का संदेश दिया।

