उत्तराखंड की धरती पर नफरत और भेदभाव की राजनीति बर्दाश्त नहीं: कुमारी सैलजा
धर्म व जाति के नाम पर समाज को बंटने नहीं देंगे: पीसीसी चीफ गोदियाल
शुद्ध’ और ‘अशुद्ध’ बताने की मानसिकता संविधान की मूल भावना के खिलाफ: नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य
पहाड़ का सच देहरादून। हल्द्वानी में कांग्रेस के कार्यक्रम स्थल के ‘शुद्धिकरण’ की घटना के विरोध में उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को भाजपा सरकार के खिलाफ “हल्ला बोल” किया। पार्टी प्रभारी व आल इंडिया कांग्रेस की महासचिव कुमारी शैलजा व प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में परेड ग्राउंड से हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री आवास कूच किया।

दून की भारी बारिश में कांग्रेस की ललकार ने उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी पारा बढ़ा दिया है। हल्द्वानी की घटना व राहुल गांधी पर हुए मुकदमे के विरोध में कांग्रेस ने देहरादून में शक्ति प्रदर्शन किया। परेड ग्राउंड से निकले हजारों कांग्रेसियों को हाथीबड़कला के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक, धक्का-मुक्की और झड़प हुई। कई कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और बाद में वहीं धरने पर बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया और शाम को रिहा कर दिया।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि हल्द्वानी में कांग्रेस के कार्यक्रम स्थल का ‘शुद्धिकरण’ केवल कांग्रेस का अपमान नहीं, बल्कि उत्तराखंड की उस साझा संस्कृति, सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक परंपरा का अपमान है, जिसके लिए देवभूमि जानी जाती है। राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी राजनीतिक दल के कार्यक्रम स्थल को ‘अशुद्ध’ बताकर उसका शुद्धिकरण करना समाज में नफरत और विभाजन की मानसिकता को बढ़ावा देना है।
कांग्रेस ने सवाल उठाया कि यदि भाजपा सरकार वास्तव में “सबका साथ, सबका विकास” की बात करती है तो ऐसी विभाजनकारी मानसिकता के खिलाफ उसकी स्पष्ट कार्रवाई क्यों नहीं दिखाई देती? कांग्रेस ने सरकार से इस पूरे प्रकरण पर जवाब देने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता से है, न कि नफरत और भेदभाव से। भाजपा को स्पष्ट करना होगा कि वह संविधान और लोकतंत्र के साथ खड़ी है या समाज को बांटने वाली ताकतों के साथ।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि हल्द्वानी में हुआ ‘शुद्धिकरण’ लोकतंत्र और उत्तराखंड की सामाजिक चेतना पर हमला है। कांग्रेस किसी भी कीमत पर धर्म और जाति के नाम पर समाज को बांटने की राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी और इसके खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी।

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि उत्तराखंड की धरती पर किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल को ‘शुद्ध’ और ‘अशुद्ध’ बताने की मानसिकता संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। सरकार को इस मामले में अपनी चुप्पी तोड़कर जवाब देना चाहिए।
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि भाजपा की राजनीति अब विकास के सवालों से हटकर समाज में विभाजन पैदा करने तक पहुंच गई है। हल्द्वानी की घटना उत्तराखंड की गंगा-जमुनी और समरस संस्कृति का अपमान है। चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड को नफरत और भेदभाव की प्रयोगशाला नहीं बनने दिया जाएगा। जनता भाजपा की इस विभाजनकारी राजनीति का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी।

CWC सदस्य एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा ने कहा कि कांग्रेस के कार्यक्रम स्थल का ‘शुद्धिकरण’ करना भाजपा की उस सोच को उजागर करता है, जो राजनीतिक विरोध को सामाजिक वैमनस्य में बदलना चाहती है। कांग्रेस संविधान और सामाजिक बराबरी के लिए मजबूती से खड़ी है।राष्ट्रीय महासचिव एवं CWC सदस्य गुरदीप सिंह सप्पल ने कहा कि लोकतंत्र में विचारों का विरोध हो सकता है, लेकिन किसी राजनीतिक कार्यक्रम को ‘अशुद्ध’ बताना लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान है। कांग्रेस इस मानसिकता के खिलाफ हर मंच पर आवाज उठाएगी।
उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी ने कहा पर कि हल्द्वानी की घटना ने उत्तराखंड की राजनीति में भाजपा की विभाजनकारी सोच को बेनकाब किया है। सरकार को बताना चाहिए कि दोषियों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई हुई। विधायक विक्रम सिंह नेगी ने कहा कि उत्तराखंड के लोग भाईचारे और शांति में विश्वास रखते हैं। ‘शुद्धिकरण’ जैसी घटनाएं देवभूमि की संस्कृति को कलंकित करती हैं और कांग्रेस इन्हें कतई स्वीकार नहीं करेगी।पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल एवं पूर्व विधायक जीतराम ने भी सभा को संबोधित किया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह विरोध केवल हल्द्वानी की एक घटना के खिलाफ नहीं, बल्कि उस मानसिकता के खिलाफ है जो राजनीतिक असहमति को जाति, धर्म और कथित शुद्ध-अशुद्ध के पैमाने पर तौलना चाहती है। कांग्रेस ने कहा कि संविधान हर नागरिक को समान अधिकार और सम्मान देता है तथा उत्तराखंड में सामाजिक सौहार्द के साथ कोई खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने बढ़ते महिला अपराध, युवाओं में बेरोजगारी एवं भर्ती परीक्षाओं की अनियमितताओं, किसानों की समस्याओं, जमीनों की अनियंत्रित नीलामी और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर भी भाजपा सरकार को घेरा।
मुख्यमंत्री आवास कूच में उमड़ा विशाल जनसमूह इस बात का संदेश है कि उत्तराखंड की जनता नफरत की राजनीति नहीं, भाईचारा चाहती है; भेदभाव नहीं, समानता चाहती है; और दिखावा नहीं, जवाबदेह सरकार चाहती है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि हल्द्वानी ‘शुद्धिकरण’ प्रकरण में न्याय और दोषियों पर कार्रवाई होने तक उसका संघर्ष जारी रहेगा। साथ ही जनहित से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर भी कांग्रेस सड़क से सदन तक जनता की आवाज बुलंद करती रहेगी।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में अपने-अपने क्षेत्र के स्थापित नेताओं ने कांग्रेस पार्टी का दामन थामा। कांग्रेस ज्वाइन करने वालों में रुड़की के पूर्व महापौर यशपाल राणा हरिद्वार के पूर्व प्रधानाचार्य मनोज कुमार सैनी यमकेश्वर कोटद्वार से पूर्व प्रमुख भुवनेश खर्कवाल पूर्व अधिशासी अधिकारी नगर पालिका पुरोला भजनलाल आर्य, पुरोला से ही एडवोकेट सचिन कुमार रामकुमार वालिया एवं रविंद्र आनंद शामिल रहे। सभा का संचालन प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने किया।
मुख्यमंत्री घेराव हल्ला बोल कार्यक्रम में मुख्य रूप से पूर्व स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल , पूर्व विधायक रणजीत रावत ,नवप्रभात ,
विधायक फुरकान,सह प्रभारी सुरेंद्र शर्मा, मनोज यादव,
ममता राकेश, सुमित हृदेश, हरीश धामी मयूख महर, मदन बिष्ट, मनोज तिवारी, वीरेंद्र जाती, रवि बहादुर, विक्रम नेगी, काजी निजामुद्दीन, लखपत बुटोला पूर्व राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी,
पूर्व कैबिनेट मंत्री शूरवीर सिंह सजवान, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा,महेंद्र पाल पूर्व विधायक रामयश सिंह, जोत सिंह गुनसोला, ललित फर्स्वाण,हमेश खर्कवाल,कांग्रेस के फ्रंटल संगठनों के अध्यक्ष,महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष मीडिया इंचार्ज राजीव महर्षि, विशाल डोभाल, हेमा पुरोहित , विकास नेगी, सभी विभागों और प्रकोष्ठों के अध्यक्ष मदनलाल,सुशील राठी,अभिनव थापर,नरेशानंद,राजवीर सिंह चौधरी,दिनेश कौशल,गौरव कुमार, देहरादून जिला पंचायत अध्यक्ष सुखविंदर कौर उपाध्यक्ष अभिषेक सिंह, देहरादूनगानगर अध्यक्ष डॉ जसविंदर गोगी समेत सभी जिलों एवं महानगरों के अध्यक्ष शामिल रहे।

