
विभागीय योजनाओं की समीक्षा की, बेहतर समन्वय बनाएं विभाग
पहाड़ का सच देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने अलग-अलग बैठकों में सड़क सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास तथा आंगनबाड़ी योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपस में बेहतर समन्यव बनाएं।
मंगलवार को।सचिवालय में आयोजित विभागो की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने विभागों के बीच बेहतर समन्वय, योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। राज्य सड़क सुरक्षा कोष प्रबंध समिति की बैठक में मुख्य सचिव ने पूरे प्रदेश में एएनपीआर कैमरों के लिए एकीकृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि परिवहन, पुलिस, राज्यकर और खनन विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर साझा प्रणाली विकसित की जाए। परिवहन एवं पुलिस विभाग द्वारा किए जा रहे चालानों की संयुक्त मासिक रिपोर्ट मुख्य सचिव कार्यालय को भेजने के निर्देश भी दिए। सड़क सुरक्षा कोष की वार्षिक कार्ययोजना तैयार करने तथा रोड फर्नीचर, रोड मार्किंग और साइनेज जैसे नियमित कार्य विभागीय बजट से कराने पर बल दिया। जिन कार्यों के लिए बजट उपलब्ध नहीं होगा, उनके लिए सड़क सुरक्षा कोष से धनराशि उपलब्ध कराए जाने की बात कही गई।
महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने टेक होम राशन का शत-प्रतिशत वितरण फेस रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) के माध्यम से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली और पेयजल व्यवस्था उपलब्ध कराने तथा सुविधाविहीन केंद्रों की सूची संबंधित विभागों को उपलब्ध कराने को कहा।
मुख्य सचिव ने जिन आंगनबाड़ी केंद्रों के अपने भवन नहीं हैं, वहां अनुपयोगी पंचायत भवनों का उपयोग करने तथा आवश्यक मरम्मत कर उन्हें विकसित करने के निर्देश दिए,असुरक्षित भवनों को ध्वस्त कर नए भवन निर्माण की भी बात कही गई। इसके अलावा सभी राजकीय एवं स्वैच्छिक बाल देखरेख संस्थाओं का थर्ड पार्टी ऑडिट कराने के निर्देश भी दिए गए।
इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव अमित कुमार सिन्हा, सचिव चन्द्रेश कुमार यादव, डॉ . वी. षणमुगम, रणवीर सिंह चौहान, प्रमुख सचिव न्याय एवं विधि प्रदीप पंत, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, बृजेश कुमार संत, डॉ. वी. षणमुगम, अपर सचिव श्रीमती निवेदिता कुकरेती एवं रोहित मीणा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

