
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्किंग, यातायात, स्वास्थ्य और सुरक्षा के पुख़्ता इंतजाम करने के निर्देश
पौड़ी। बूंखाल मेले को सुव्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में विकास भवन सभागार में कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया, मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी सहित संबंधित विभागों और हितधारकों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से पूरी की जाएं।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि जनपद पौड़ी गढ़वाल के प्रसिद्ध बूंखाल मेले का क्षेत्र में विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। देवी के दर्शन और आशीर्वाद के लिए प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। यह मेला क्षेत्र की धार्मिक आस्था, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक होने के साथ ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने तथा स्थानीय गतिविधियों को प्रोत्साहित करने का भी महत्वपूर्ण अवसर है।
कैबिनेट मंत्री ने लोक निर्माण विभाग को चेकपोस्ट और बैरियर का निर्माण समय पर पूरा करने तथा पैठाणी से चौरीखाल तक सड़क पर पैचवर्क कराने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य द्वार से मंदिर तक मार्ग चौड़ा करने और तीव्र मोड़ों को दुरुस्त करने को कहा। कैबिनेट मंत्री ने श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए पार्किंग व्यवस्था पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को मेला स्थल के आसपास उपलब्ध स्थानों का आकलन कर पर्याप्त अस्थायी पार्किंग विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों को व्यवस्थित रूप से खड़ा कराया जा सके और सड़क पर जाम की स्थिति न बने।
कैबिनेट मंत्री ने मेले के दौरान सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए पुलिस कंट्रोल रूम स्थापित करने, आयोजन स्थल पर लाउडस्पीकर की व्यवस्था करने तथा यातायात संचालन के लिए प्रभावी इंतजाम करने को कहा। साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को मेला स्थल पर मेडिकल कैंप लगाने और एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कैबिनेट मंत्री ने जिला पंचायत को मंदिर परिसर के आसपास सफाई, झाड़ी कटान, शौचालय और कूड़ेदान की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। बैठक में तय हुआ कि शौचालयों का निर्माण कर उनके संचालन की व्यवस्था के साथ मंदिर समिति को सौंपा जाएगा। इसके अलावा कैबिनेट मंत्री ने पेयजल और विद्युत आपूर्ति सुचारु रखने, हाईमास्ट लाइट लगाने तथा पहले से स्थापित लाइटों की मरम्मत करने के निर्देश दिए। साथ ही ठंड के मद्देनजर आवश्यक स्थानों पर अलाव जलाने के साथ अग्निशमन और बायो टॉयलेट की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में पैठाणी स्थित राहु मंदिर के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। पार्किंग व्यवस्था विकसित करने के लिए सिंचाई विभाग से समन्वय कर आवश्यक निर्माण कार्य कराने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि मेले की तैयारियों को लेकर विभिन्न हितधारकों के साथ हुई चर्चा सकारात्मक रही है। सभी विभाग आपसी समन्वय से व्यवस्थाएं समय पर पूरी करें। तैयारियों का जायजा लेने के लिए एक टीम मेला स्थल का निरीक्षण करेगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में स्थानीय स्तर पर भी बैठक आयोजित की जाएगी, ताकि स्थानीय लोगों और संबंधित पक्षों के सुझावों को भी व्यवस्थाओं में शामिल किया जा सके।
मेला समिति के सचिव कमल रावत ने कहा कि बूंखाल मेला ग्रामीण क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा है। ऐसे आयोजन स्थानीय परंपराओं को जीवंत रखने के साथ सामाजिक सहभागिता को भी मजबूत करते हैं।
बैठक में संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मेघना असवाल, सीओ अस्मिता ममगाईं, अधिशासी अभियंता जल संस्थान टी.एस. रावत, लोनिवि के शिवम मित्तल, पीएमजीएसवाई के परशुराम चमोली, एआरटीओ मंगल सिंह, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत संजय खंडूरी, परियोजना अधिकारी उरेडा चंद्रप्रकाश उपाध्याय, एसडीओ वन आयशा बिष्ट, प्रभारी थाना निरीक्षक कुलदीप रमोला, जिलाध्यक्ष भाजपा कमल किशोर रावत, मेला समिति के सचिव कमल रावत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, मेला समिति के प्रतिनिधि और व्यापार मंडल के सदस्य उपस्थित रहे।


