– कहा, बैरांगना (चमोली) में ग्रामीण पर्यटन का नया मॉडल बनेगा
– एंग्लिंग टूरिज्म, कैफे और स्थानीय आंचल उत्पादों को मिलेगा स्थान
पहाड़ का सच देहरादून। पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि बद्री गाय के संरक्षण के लिए ग्रौशमकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में नई योजना जल्द ही अमल में आयेगी। उन्होंने कहा कि बैरांगना (चमोली) में ग्रामीण पर्यटन का नया मॉडल विकसित किया जा रहा है। जहां एंग्लिंग टूरिज्म, कैफे और स्थानीय आंचल उत्पादों को विशेष स्थान मिलेगा।

सोमवार को पशुपालन मंत्री बहुगुणा ने पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य विभाग की योजनाओं एवं कार्यों की समीक्षा की। बैठक में अपर सचिव, मत्स्य; अपर सचिव, पशुपालन एवं डेयरी सहित तीनों विभागों के निदेशक, संयुक्त निदेशक, उप निदेशक एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री द्वारा तीनों विभागों द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा योजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया गया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करते हुए अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रिडीयान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं जनहित को प्राथमिकता देते हुए विभागीय लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित की जाए।

समीक्षा बैठक में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई अहम फैसले लिए।
मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए ‘प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा’ और ‘ट्राउट प्रोत्साहन योजना’ को तेज़ किया जा रहा है। साथ ही एंग्लिंग टूरिज्म, कैफे और स्थानीय आंचल उत्पादों को जोड़कर बैरांगना (चमोली) से ग्रामीण पर्यटन का एक नया मॉडल शुरू किया जाएगा, और मछलियों की बेहतर बिक्री के लिए सीधी मार्केटिंग चेन बनाई जाएगी।

इसी तरह ‘गंगा गाय योजना’ को और अधिक फार्मर्स-फ्रेंडली बनाने पर काम चल रहा है, ताकि पशुपालकों को इसका पूरा फायदा मिल सके। हमारी लोक संस्कृति और पहचान से जुड़ी ‘बद्री गाय’ के संरक्षण के लिए हम भराड़ीसैण में जल्द ही एक नई योजना शुरू करने जा रहे हैं।
हमारा लक्ष्य साफ है…योजनाओं का सीधा फायदा जमीन पर पहुंचे और हमारे किसान एवं पशुपालक भाई-बहन आत्मनिर्भर बनें: सौरभ बहुगुणा पशुपालन मंत्री

