– पिछले बारह सालों में करीब 547 करोड़, साल 2025-26 में सर्वाधिक
– 2004-2009 के दौरान भी खर्च हुआ 94 करोड़, 2009-2014 के बीच के आंकड़े उपलब्ध नहीं हुए
पहाड़ का सच/एजेंसी।
नई दिल्ली। सूचना का अधिकार में मिली जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में दिल्ली के लुटियंस जोन में केंद्रीय मंत्रियों के आधिकारिक आवासों की मरम्मत, साज-सज्जा और रखरखाव पर कुल 92.35 करोड़ रुपये खर्च किए गए जो अब तक की सर्वाधिक धनराशि है। पिछले बाइस सालों में मंत्रियों के आवासों पर करीब 650 करोड़ खर्च किए गए हैं।
केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) के माध्यम से मंत्रियों के आवास की साज सज्जा व मरम्मत के काम में साल 2025-26 में कुल ₹92.35 करोड़ खर्च हुए। मंत्रिपरिषद में लगभग 70-72 मंत्री (कैबिनेट और राज्य मंत्री) शामिल होते हैं, जिसके हिसाब से प्रति मंत्री औसत खर्च लगभग 1.2 करोड़ रुपये रहा।
अधिकारियों के अनुसार ये बंगले 80 से 100 साल पुराने औपनिवेशिक कालीन हैं, जिनमें सीलन, दीमक, पुरानी प्लंबिंग और जर्जर बिजली व्यवस्था जैसी समस्याओं के कारण रखरखाव की लागत काफी बढ़ गई है। एक अन्य जानकारी के अनुसार साल 2014 से 2026 (पिछले 12 वित्तीय वर्षों) के बीच केंद्रीय मंत्रियों के आधिकारिक आवासों की मरम्मत, साज-सज्जा और रखरखाव पर केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) द्वारा कुल 547.68 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
पूर्व में जारी एक आरटीआई के अनुसार, साल 2004 से 2009 (यूपीए-1 सरकार के 5 वर्ष) के बीच सांसदों और मंत्रियों दोनों के बंगलों के रखरखाव पर कुल 93.50 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। साल 2014 से अब तक का वर्षवार खर्च (कुल: ₹547.68 करोड़)हाल ही में पीटीआई (PTI) द्वारा प्राप्त आरटीआई के अनुसार पिछले 12 वर्षों का आधिकारिक विवरण के अनुसार 2014-15 ₹27.47 करोड़, 2015-16 ₹29.57 करोड़ , 2016-17 में ₹30.10 करोड़, 2017-18 में ₹23.34 करोड़ 2018-19 ₹23.42 करोड़ खर्च किए गए।
इसी क्रम में 2019-20 में ₹26.37 करोड़, 2020-21 में ₹53.87 करोड़, 2021-22 के दौरान ₹40.84 करोड़, 2022-23 में ₹73.86 करोड़, साल 2023-24 में ₹54.52 करोड़, 2024-25 में ₹71.98 करोड़ व 2025-26 में ₹92.35 करोड़ (अब तक का सर्वाधिक (साभार अमर उजाला)।

