– सौंपा ज्ञापन, कथित ‘शुद्धिकरण यज्ञ’ की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
पहाड़ का सच देहरादून। कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की आठ अगस्त को हल्द्वानी में हुई जनसभा के बाद हुए कथित ‘शुद्धिकरण यज्ञ’ प्रकरण को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार की चुप्पी पर कई सवाल उठाए हैं। .कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष एवं विधायक प्रीतम सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

ज्ञापन में कहा गया कि यदि किसी सार्वजनिक स्थल को किसी व्यक्ति की जाति के आधार पर ‘अशुद्ध’ बताकर उसका शुद्धिकरण किया गया है तो यह संविधान, सामाजिक न्याय और समानता की भावना के खिलाफ गंभीर मामला है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्यसभा में इस मामले की जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बावजूद अब तक दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार की चुप्पी सामाजिक सौहार्द और संवैधानिक मूल्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने राज्यपाल से प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों की पहचान कर भारतीय न्याय संहिता समेत अन्य संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही जातिगत भेदभाव और सामाजिक वैमनस्य फैलाने वाले ऐसे कृत्यों पर प्रभावी रोक लगाने का आग्रह किया।
प्रीतम सिंह ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और यहां छुआछूत व जातिगत भेदभाव की मानसिकता के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। कांग्रेस संविधान और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी।
ज्ञापन देने वालों में डॉ. हरक सिंह रावत, जोत सिंह गुनसोला, शूरवीर सिंह सजवान, नवप्रभात, मदन बिष्ट, विक्रम सिंह नेगी, मनोज रावत, राजकुमार, ज्योति रौतेला, गोदावरी थापली, गरिमा मेहरा दसौनी, मदनलाल, कर्नल राम रतन नेगी, आरेंद्र शर्मा, सूर्यकांत धस्माना और लालचंद शर्मा सहित कांग्रेस के अन्य नेता मौजूद रहे।



