
हवन करने वालों का आरोप, मंच से हिन्दुओं का विरोध किया गया, रामलीला मैदान गलत राजनीति करने वालों के लिए नहीं
भाजपा की जातिवादी घृणित सोच का पुरजोर विरोध करेगी कांग्रेस: पीसीसी अध्यक्ष गोदियाल
पहाड़ का सच देहरादून/हल्द्वानी। हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ‘विजय शंखनाद रैली’ के बाद, भाजपा और कांग्रेस के बीच तीखे आरोप-प्रत्यारोप के बीच आयोजन स्थल रामलीला मैदान के शुद्धिकरण से एक नया विवाद खड़ा हो गया है।

प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि ये भाजपा का चरित्र है उसकी असलियत है जो पिछले कई सालों से समाज में विद्वेष फैला रही है। उन्होंने कहा कि यदि एसएसपी नैनीताल विवेक जागेगा तो ऐसे संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे अन्यथा कांग्रेस का आम कार्यकर्ता कानून के दायरे में रहकर आंदोलन करेगा।
गोदियाल ने अपने ताजा वीडियो में कहा कि जिस मंच से कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने राज्य के युवाओं ,माता बहिनों को संबोधित किया,भाजपा के कुछ लोगों ने उस मंच पर हवन कर कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता की तौहीन की है।उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस में यही फर्क है। कांग्रेस सभी वर्गों का सम्मान करते हुए देश व समाज को जोड़ने का काम करती है जबकि भाजपा जाति,धर्म व सम्प्रदाय के नाम पर विद्वेष फैलाकर समाज को बांटने का काम करती है। उन्होंने कहा कि एसएसपी नैनीताल ने कानून की किताब पढ़ी होगी और कानून में किसी भी वर्ग के व्यक्ति की तौहीन भी अपराध की श्रेणी में आता है। लिहाजा समाज में विद्वेष फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।,अन्यथा कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से ऐसी घृणित मानसिकता के विरोध में आंदोलन करेगी।
इससे पहले हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कई संगठनों ने गंगा जल छिड़ककर मैदान में हवन किया और कहा कि उस व्यक्ति के आने से रामलीला मैदान अशुद्ध हो गया था जो हिंदुओं को मारने के लिए मुस्लिमों को उकसा रहा था।
हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की शंखनाद सभा के बाद स्थल की शुद्धि को लेकर धार्मिक आयोजन किया गया। श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास के तत्वावधान में न्यास के सचिव राम अवस्थी के नेतृत्व में शुद्धि हवन का आयोजन हुआ। आयोजकों का आरोप है कि कांग्रेस की शंखनाद सभा के दौरान मंच से इस्लामिक नारे लगाए गए और हिंदू संगठनों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले व्यक्ति को मंच दिया गया।

उनका कहना है कि रामलीला मैदान हिंदू धार्मिक आयोजनों और रामलीला मंचन का प्रमुख स्थल है और कथित गतिविधियों से इसकी धार्मिक पवित्रता प्रभावित हुई। इसी को लेकर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन-यज्ञ कर स्थल की शुद्धि और धार्मिक पवित्रता की पुनर्स्थापना का प्रयास किया गया। आयोजन में कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता और श्रद्धालु मौजूद रहे। रामलीला मैदान में हुए इस शुद्धि हवन को लेकर हल्द्वानी में राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।

इससे पहले भी कांग्रेस की रैली के बाद से ही दोनों पार्टियों ने एक-दूसरे पर गंभीर राजनीतिक और प्रशासनिक हमले किए हैं। भाजपा के आरोप (कांग्रेस पर पलटवार)भाजपा नेताओं (जैसे प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और स्थानीय विधायकों) ने कांग्रेस पर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और अमर्यादित राजनीति करने के आरोप लगाए हैं। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस की रैली में कथित रूप से विशिष्ट धार्मिक और इस्लामिक नारे लगाए गए, जिससे देवभूमि की शांति और सनातन मर्यादा को ठेस पहुँची है। पुलिस कप्तान (SSP) से अभद्रता: भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं (गणेश गोदियाल, यशपाल आर्य आदि) ने नैनीताल के एसएसपी कार्यालय में घुसकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ अमर्यादित भाषा का प्रयोग और अभद्र व्यवहार किया। इसके विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस का पुतला भी फूंका था।भीड़ न जुटने का बहाना: भाजपा नेताओं का दावा है कि कांग्रेस अपनी रैली में अपेक्षित भीड़ नहीं जुटा पाई, इसलिए उन्होंने ध्यान भटकाने के लिए प्रशासन पर झूठे आरोप लगाए और एसएसपी दफ्तर में हंगामा किया।
भाजपा के अनुसार, राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस अब देश और राज्यों में केवल अराजकता फैला रही है, जिसका कोई लोकतांत्रिक आधार नहीं है। कांग्रेस ने साफ कहा कि रैली बेहद सफल रही, जिससे बौखलाकर भाजपा माहौल बिगाड़ने के लिए फर्जी एआई जनित (AI Generated) वीडियो का सहारा ले रही है और झूठी ओछी राजनीति कर रही है।
कांग्रेस का मुख्य आरोप था कि भाजपा सरकार ने विपक्ष की आवाज दबाने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया। रैली में आ रहे कार्यकर्ताओं और समर्थकों की बसों को पुलिस द्वारा जानबूझकर जगह-जगह रोका और परेशान किया गया। खड़गे ने सीधे भाजपा और आरएसएस (RSS) पर निशाना साधते हुए कहा कि औरों को देशभक्ति का पाठ पढ़ाने वालों का देश की आजादी की लड़ाई में कोई योगदान नहीं रहा है और उनका आकोई भी नेता जेल नहीं गया।
कांग्रेस ने राज्य सरकार पर “पैसा दो, नौकरी लो” का आरोप लगाया और कहा कि मुख्यमंत्री सड़कों के गड्ढे तो भर नहीं पा रहे, लेकिन विज्ञापनों में करोड़ों रुपये बहा रहे हैं।

