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उप सचिव ने विभाग में बरकत अली और शाहिद शमी सिद्दीकी को मूल विभाग भेजने की संस्तुति
अतिरिक्त प्रभार देने की प्रक्रिया पर भी आपत्ति, विशेष सचिव हैं आईएफएस अधिकारी जबकि उप सचिव सचिवालय संवर्ग से
पहाड़ का सच देहरादून। उत्तराखंड के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में दो महत्वपूर्ण पदों पर हुई तैनातियों को लेकर शासन स्तर पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। विभाग के उपसचिव हीरा सिंह बसेड़ा ने 28 जुलाई को विशेष सचिव मधुकर धकाते (आईएफएस) को भेजे पत्र में मुख्य फार्मेसी अधिकारी बरकत अली को सहायक निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण का अतिरिक्त प्रभार देने और राजकीय महाविद्यालय रुद्रपुर के प्रवक्ता शाहिद शमी सिद्दीकी को उत्तराखंड वक्फ विकास निगम में महाप्रबंधक पद पर तैनात किए जाने को नियमों के विपरीत बताया है।

उपसचिव ने दोनों कार्मिकों को उनके मूल विभागों में तत्काल वापस भेजने और आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।शासन के आदेश से ही बरकत अली को अतिरिक्त प्रभार मिला था।
मामले में सामने आए दस्तावेजों के अनुसार, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते ने 29 जून 2026 को आदेश जारी कर राज्य कर्मचारी बीमा योजना, श्रम चिकित्सा सेवाएं, उत्तराखंड में कार्यरत मुख्य फार्मेसी अधिकारी बरकत अली को सहायक निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का अतिरिक्त प्रभार देने का आदेश जारी किया था। .आदेश में कहा गया था कि वह अपने मूल पद का वेतन अपने मूल विभाग से प्राप्त करते रहेंगे और अतिरिक्त प्रभार के लिए उन्हें कोई अतिरिक्त लाभ देय नहीं होगा।

आदेश में बरकत अली को तत्काल सहायक निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार ग्रहण करने और इसकी योगदान आख्या शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे।
हालांकि, इसके बाद विभागीय उपसचिव हीरा सिंह बसेड़ा ने विशेष सचिव को पत्र भेजकर इस व्यवस्था पर गंभीर आपत्ति जताई। .उपसचिव ने लिखा कि एक विभाग के कार्मिक को दूसरे विभाग में अतिरिक्त प्रभार दिए जाने की कोई व्यवस्था नहीं है।
पत्र के अनुसार बरकत अली के मूल विभाग की ओर से प्रतिनियुक्ति अथवा सेवा स्थानांतरण के लिए अनापत्ति दी गई थी और इस संबंध में मुख्यमंत्री का अनुमोदन भी एक वर्ष की प्रतिनियुक्ति/सेवा स्थानांतरण के प्रस्ताव पर प्राप्त हुआ था, लेकिन आदेश अतिरिक्त प्रभार के रूप में जारी कर दिया गया।
तीन साल से जीएम पद पर तैनाती पर भी सवाल
उपसचिव ने वक्फ विकास निगम में महाप्रबंधक पद पर तैनात शाहिद शमी सिद्दीकी की नियुक्ति पर भी आपत्ति दर्ज की है। सिद्दीकी मूल रूप से राजकीय महाविद्यालय रुद्रपुर में जंतु विज्ञान के प्रवक्ता हैं। पत्र में कहा गया है कि उनके मूल विभाग से तत्कालीन उप निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण के पद के लिए विभागीय अनापत्ति ली गई थी, लेकिन उन्हें पिछले तीन वर्षों से महाप्रबंधक पद पर तैनात किया गया है, जिसे उपसचिव ने नियम विरुद्ध बताया है।
पत्र में एक और महत्वपूर्ण सवाल उठाया गया है। उपसचिव के मुताबिक, इन दोनों पदों पर नियुक्ति या तैनाती के लिए विभागीय स्तर से कोई आवेदन तक नहीं मांगे गए जबकि व्यवस्था के आधार पर भरे जाने वाले पदों के लिए विभागीय स्तर पर आवेदन आमंत्रित किया जाना आवश्यक था।
मूल विभागों में वापसी की सिफारिश
उपसचिव ने अपने पत्र में कहा है कि दोनों कार्मिकों को उनके मूल विभागों में तत्काल वापस किया जाना उचित होगा। साथ ही उन्होंने विशेष सचिव से नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। पत्र में यह भी उल्लेख है कि इस संबंध में उन्हें पहले मौखिक रूप से भी अवगत कराया जा चुका था।
दोनों पत्रों को साथ रखकर देखने पर अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में तैनाती की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल सामने आते हैं। एक ओर विशेष सचिव के स्तर से बरकत अली को अतिरिक्त प्रभार देने का आदेश जारी किया गया, वहीं विभाग के उपसचिव ने उसी व्यवस्था को नियमों के विपरीत बताते हुए दोनों कार्मिकों की मूल विभाग में वापसी की संस्तुति कर दी।
आदेश : बरकत अली, मुख्य फार्मेसी अधिकारी, देहरादून को वर्तमान कार्य दायित्वों के साथ-साथ उत्तराखण्ड अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय में सहायक निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, उत्तराखण्ड, देहरादून के पद का अतिरेक्त पदभार अग्रिम आदेशों तक के लिए एतदद्वारा प्रदान किया जाता है।
भी बरकत अली के सम्पूर्ण वेतन का भुगतान मूल विभाग-कर्मचारी राज्य बीमा योजना, श्रम चार संवार, उत्तराखण्ड देहरादून से किया जायेगा एवं इस कार्य हेतु कोई अतिरिक्त भत्ते अन्यधन्य नहीं होंगे।
श्री बरकत अली को निर्देशित किया जाता है कि वह उक्त आदेश के क्रम में सहायक निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, उत्तराखण्ड देहरादून का अतिरिक्त कार्यभार तत्काल ग्रहण कस्ते हुए तत्सबंधी योगदान आख्या शासन को उपलब्ध करायेंगें।
Digitally signed by
Parag Madhukar Dhakate
Date: 29-06-2026
19:06:45
(डॉ० पराग मुचकर धकाते) विशेष सचिव ।
विशेष सचिव,
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग,
उत्तराखण्ड शासन।
विषय :- अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अन्तर्गत की गई अनियमित नियुक्तियों के सम्बन्ध में।
महोदय,
सविनय अवगत कराना है कि अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, उत्तराखण्ड शासन स्तर पर सुस्थापित प्रक्रियाओं एवं व्यवस्थाओं के विपरीत कार्य किए जा रहे हैं। इनमें अभी हाल ही में निदेशालय राज्य कर्मचारी बीमा योजना, श्रम, चिकित्सा सेवाएं, उत्तराखण्ड में कार्यरत मुख्य फार्मेसी आधिकारी श्री बरकत अली को सहायक निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण का अतिरिक्त प्रभार दिया जाना तथा श्री शाहिद शमी सिद्दिकी, प्रवक्ता, जन्तु विज्ञान, राजकीय महाविद्यालय, रूद्रपुर को महाप्रबन्धक, उत्तराखण्ड वक्फ विकास निगम के पद पर नियुक्त किया जाना सम्मिलित हैं।
उल्लेखनीय है कि एक विभाग के कार्मिक को किसी अन्य विभाग में अतिरिक्त प्रभार दिए जाने की कोई व्यवस्था नहीं है। श्री बरकत अली को उनके मूल विभाग द्वारा प्रतिनियुक्ति/सेवा स्थानान्तरण हेतु अनापत्ति निर्गत की गई थी और सम्बन्धित पत्रावली में मा0 मुख्यमंत्री जी का भी अनुमोदन एक वर्ष की प्रतिनियुक्ति / सेवा स्थानान्तरण के प्रस्ताव पर अनुमोदन प्राप्त किया गया, परन्तु आदेश अतिरिक्त प्रभार के रूप में निर्गत किया गया। इसी प्रकार श्री सिद्दिकी, जिनके द्वारा अपने मूल विभाग से तत्समय उप निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण पद के लिए विभागीय-अनापत्ति ली गई थी, परन्तु उनको विगत 03 वर्षों से महाप्रबन्धक के पद पर तैनात किया गया है, जो कि नियम-विरूद्ध है। यह भी उल्लेखनीय है कि उक्त दोनों पदों नियुक्ति / तैनाती हेतु विभागीय स्तर से कोई आवेदन भी नहीं मांगे गए थे। इस सम्बन्ध में मेरे द्वारा आपको मौखिक रूप में भी अवगत कराया गया था।
अतः उक्त वर्णित स्थिति में दोनों कार्मिकों को उनके मूल विभाग हेतु तत्काल वापस किया जाना उचित होगा। तद्मसार आवश्यक कार्यवाही हेतु अनुरोध है।
28.07.2026
उप सचिव, अल्पसंख्यक कल्याण, उत्तराखण्ड शासन।

