
खास बातें: उपनल कार्मिक के साथ एक साल का होगा अनुबंध .
एक मार्च 2026 से मिलेगा लाभ, जुलाई तक के एरियर का भुगतान समान किश्तों में होगा
सरकारी आवास में रह रहे ऐसे कार्मिकों को देना होगा न्यूनतम किराया
पहाड़ का सच देहरादून। ऊर्जा निगम में एक जनवरी 2016 से पहले नियमित रूप उपनल के माध्यम से आउटसोर्स पर काम करने वाले कार्मिकों को वेतन एवं देय मंहगाई भत्ते की स्वीकृति के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
निगम प्रबंधन की तरफ से यह स्वीकृति उपरोक्तानुसार उल्लिखित शासनादेशों में दी गयी विभिन्न सेवा शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अन्तर्गत की जा रही है, जो समय-समय पर उत्तराखण्ड शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों एवं अनुबन्ध के अधीन रहेगी।

उपरोक्त शासनादेशों के कम में कार्मिकों को वेतनमान का न्यूनतम वेतन एवं देय मंहगाई भत्ता सहित (ई०पी०एफ० की राशि नियोक्ता अंशदान कार्मिक का अंशदान को शामिल करते हुये) कुल धनराशि का भुगतान किया जायेगा। यदि किसी कार्मिक की ग्रेच्यूटी आदि की देयता बनती है, तो वह कुल मानदेय में सम्मिलित मानी जायेगी। इसके अतिरिक्त कोई अन्य भत्ते देय नहीं होंगे।
1 जुलाई, 2026 के अनुपालन में अर्ह उपनल कार्मिकों को वेतनमान का न्यूनतम वेतन एवं देय मंहगाई भत्ता का लाभ 01 मार्च, 2026 से प्रदान किया जायेगा। उपरोक्त कार्मिकों के माह अगस्त, 2026 के मानदेय का भुगतान उत्तराखण्ड पावर कारपोरेशन लि० के विभिन्न कार्यालयों एवं कार्मिकों के मध्य अनुबन्ध के अनुसार से किया जायेगा।
माह मार्च, 2026 से माह जुलाई, 2026 तक की अवधि का एरियर का भुगतान समान किस्तों में अनुवर्ती माह कमशः अगस्त, सितम्बर, अक्टूबर, नवम्बर एवं दिसम्बर 2026 के मानदेय के साथ पृथक से प्रदत्त किया जायेगा।
सम्बन्धित आहरण एवं वितरण अधिकारी द्वारा उपरोक्त कार्मिकों का वेतन एवं ई०पी०एफ० निस्तारण का कार्य एस०ए०पी० (SAP) के माध्यम से कराने हेतु आवश्यक कार्यवाही की जायेगी।
समस्त अनुबन्धित कार्मिकों की बायोमैट्रिक उपस्थित (Biometric Attendance) लिया जाना कारपोरेशन हित में आवश्यक होगा। इस हेतु नियंत्रक अधिकारी का दायित्व होगा कि वह अपने कार्यालयों में (मुख्यालय को छोडकर) उपस्थिति पंजिका संग्रहित करेगें एवं बायोमैट्रिक उपस्थिति से सम्बन्धित उपस्थिति का भी रखरखाव सुनिश्चित करेगें।
यदि कोई कार्मिक वेतनमान का न्यूनतम वेतन एवं देय मंहगाई भत्ता दिये जाने हेतु पद के अनुरुप शैक्षिक / तकनीकी योग्यता के आधार पर निर्धारित पद पर कार्य करने का इच्छुक नहीं है तो कार्मिक के पास विकल्प होगा कि वह पूर्व की भाँति उपनल के माध्यम से आउटसोर्स पर ही कार्य करें।
समस्त उपनल कार्मिकों द्वारा रु० 100/- के नॉन-ज्यूडिशियल स्टाम्प पेपर पर सम्बन्धित इकाईयों के नियन्त्रक अधिकारी द्वारा अनुबन्ध की कार्यवाही की जायेगी तथा मुख्यालय में अधिशासी अभियन्ता (का०में०) द्वारा अनुबन्ध की कार्यवाही की जायेगी।कार्मिकों से किये जाने वाले अनुबन्ध की अवधि 1 वर्ष होगी।
उपनल कार्मिकों की संलग्न सूची, क्षेत्रों से प्राप्त सत्यापित सूचना के आधार पर जांच कर तैयार की गयी है। सम्बन्धित नियंत्रक अधिकारी का दायित्व होगा की वह उपनल कार्मिकों के साथ अनुबन्ध करने से पूर्व एक बार अपने स्तर से भी भली-भांति जॉच / प्रमाणित करना सुनिश्चित करेंगे।
उक्त कार्मिकों को समान कार्य समान वेतन करने के आदेश इस प्रतिबन्ध के साथ निर्गत किये जा रहे है कि भविष्य में कोई भी प्रतिकूल तथ्य / विवरण जैसे कि न्यायालय में अभियोजन, पुलिस जॉच / चरित्र सत्यापन, दस्तावेजों के सत्यापन इत्यादि के संज्ञान में आने पर प्रश्नगत नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।
यह है कि कार्मिकों को वेतनमान का न्यूनतम वेतन एवं देय मंहगाई भत्ता दिये जाने की स्थिति में विभागीय आवासों में रह रहे कार्मिकों के वेतन से न्यूनतम आवास किराया धनराशि निर्धारित कर कटौती किये जाने हेतु सम्बन्धित अधिशासी अभियन्ता (जानपद) / सचिव, आवास आंवटन समिति द्वारा अलग से दरें निर्धारित किये जाने हेतु कमेटी का गठन कर कार्यवाही की जायेगी।

पिटकुल :समान कार्य-समान वेतन लागू किये जाने के आदेश निर्गत
पिटकुल में उपनल के माध्यम से 01.01.2016 से पूर्व विभिन्न पदों पर कार्योजित 112 कार्मिकों को समान कार्य-समान वेतन अनुमन्य किये जाने के आदेश निर्गत कर दिये गये हैं।
इस अवसर पर प्रबन्ध निदेशक पिटकुल पीसी ध्यानी द्वारा लाभान्वित समस्त कार्मिकों को शुभकामनाएं प्रेषित करते हुये अवगत कराया गया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कार्मिकों के प्रति सकारात्मक सोच एवं कुशल नेतृत्व से उपनल कार्मिकों को समान कार्य-समान वेतन अनुमन्य हुआ है।
इसके साथ ही उनके द्वारा अवगत कराया गया कि प्रदेश मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन तथा प्रमुख सचिव (ऊर्जा) डाॅ0 आर0 मीनाक्षी सुन्दरम के मार्गदर्शन एवं पिटकुल में कार्यरत स्थायी एवं संविदा कार्मिकों की मेहनत एवं टीम भावना के कारण पिटकुल निरन्तर प्रगति की ओर बढ रहा है। .ध्यानी ने आह्वाहन किया कि भविष्य में भी सभी कार्मिक और अधिक मेहनत एवं लगन से कार्य करेंगे एवं पिटकुल को नयी बुलंदियों पर पहुंचायेंगे।
उक्त आदेश निर्गत होने से उपनल के माध्यम से कार्याेजित कार्मिकों में हर्ष की लहर हैं तथा उनके द्वारा मुख्यमंत्री , मुख्य सचिव, एवं प्रमुख सचिव ऊर्जा तथा पिटकुल प्रबंधन को धन्यवाद ज्ञापित किया गया ।

