
प्रदेश के चार जिलों उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ के 131 गांव और तीन नगर पंचायतों को स्नोबाउंड क्षेत्र
पहाड़ का सच देहरादून। उत्तराखंड में जनगणना के पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के दूसरे चरण के तहत प्रदेश के स्नो बाउंड क्षेत्रों में व्यक्तिगत जनगणना का कार्य 1 सितम्बर 2026 से शुरू होने जा रहा है। जनगणना निदेशालय की ओर से तैयारियां शुरू कर दी हैं।
स्नो बाउंड क्षेत्रों में व्यक्तिगत जनगणना किए जाने संबंधित अधिसूचना भी जारी हो गई हुई है। एक सितंबर से 30 सितंबर तक जनगणना का कार्य चलेगा। वहीं, स्वगणना की प्रक्रिया 17 अगस्त से शुरू हो जाएगी, जो 31 अगस्त 2026 तक चलेगी।
उत्तराखंड में स्नोबाउंड क्षेत्रों के उत्तरकाशी जिले में 69 गांव और एक नगर पंचायत गंगोत्री है। चमोली जिले में 23 गांव और एक नगर पंचायत बदरीनाथ, रुद्रप्रयाग जिले में चार गांव और एक नगर पंचायत केदारनाथ है। इसके अलावा, पिथौरागढ़ जिले में 35 गांव ऐसे हैं जो स्नो बाउंड क्षेत्र है। कुल मिलाकर प्रदेश के इन चार जिलों में 131 गांव और तीन नगर पंचायत स्नोबाउंड क्षेत्र हैं।इन सभी इसमें बहुत क्षेत्र में अनुमानित पापुलेशन 52,000 के करीब है।
जनगणना निदेशक ईवा आशीष श्रीवास्तव ने कहा आबादी की गिनती ऑफिशियल जनगणना मोबाइल एप्लीकेशन का इस्तेमाल करके डिजिटल तरीके से की जाएगी। प्रगणक और सुपरवाइज़र घर-घर जाकर घर के लोगों से जुड़ी जानकारी एकत्र करेंगे। जिसको देखते हुए निदेशक ने जनता से अनुरोध किया है कि वो सहयोग करें। जनगणना के दौरान एकत्र की गई जानकारी जनगणना एक्ट के नियमों के तहत पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी। इसका इस्तेमाल सिर्फ़ स्टैटिस्टिकल मकसद के लिए किया जाएगा। एन्यूमरेटर और सुपरवाइज़र के पास वैलिड पहचान पत्र होंगे। वे कभी भी कोई OTP, बैंक अकाउंट डिटेल्स या फाइनेंशियल जानकारी नहीं मांगेंगे।
स्नो बाउंड क्षेत्रों में जनगणना के लिए तय कार्यक्रम
स्नो बाउंड क्षेत्रों का विवरण:उत्तरकाशी: मोरी, पुरोला, भटवाड़ी और डुंडा के ऊंचे इलाके। चमोली: इसमें लगभग 23 गांव और बद्रीनाथ नगर पंचायत शामिल है। रुद्रप्रयाग: केदारघाटी और आसपास के चार उच्च ऊंचाई वाले गांव स्नो बाउंड में आते हैं। पिथौरागढ़: मुनस्यारी, धारचूला और जोहार घाटी के दूरदराज के क्षेत्र।

