
राज्य के सभी जिलों में अधूरी योजना और भुगतान किया पूरा
साल 2025 में भी उद्यान विभाग के अधिकारियों से मांगे गए थे योजना की पूरी होने का सर्टिफिकेट
पहाड़ का सच देहरादून। उत्तराखंड की अधूरी पॉलीहाउस योजना को किए गए 112 करोड़ के भुगतान को लेकर कांग्रेस ने गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि सरकार इस बात का जबाव दे कि किसके कहने पर निजी कंपनी को पूरा भुगतान कर दिया गया।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष का कहना है कि पॉलीहाउस योजना का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और आधुनिक खेती को बढ़ावा देना था, अब कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के कारण चर्चा में है। उन्होंने आरोप लगाया कि Draithwet & Company को लगभग 112 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया, जबकि जमीनी स्तर पर बड़ी संख्या में पॉलीहाउस या तो अधूरे थे या निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए।
अब सवाल यह उठ रहा है कि यदि कार्य पूरा नहीं हुआ था, तो बिना पर्याप्त भौतिक सत्यापन, तकनीकी निरीक्षण और गुणवत्ता परीक्षण के इतनी बड़ी राशि आखिर किस आधार पर जारी की गई? जानकारी के अनुसार, मामला सामने आने के बाद कंपनी से लगभग 38 करोड़ रुपये वापस जमा कराए गए, लेकिन अब भी करीब 74 करोड़ रुपये के भुगतान को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यदि यह सही है, तो यह केवल वित्तीय लापरवाही नहीं बल्कि सरकारी धन के उपयोग और निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
पीसीसी के पूर्व अध्यक्ष का कहना है कि उत्तराखंड की जनता जानना चाहती है कि भुगतान की मंजूरी किसने दी? निरीक्षण रिपोर्ट किस आधार पर तैयार हुई, जिम्मेदार लोगों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई? और किसानों के नाम पर चलने वाली योजना में जवाबदेही कौन तय करेगा?
माहरा ने कहा कि यदि जांच में ये आरोप सही साबित होते हैं, तो दोषियों पर कठोर कार्रवाई, सरकारी धन की पूरी वसूली और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होना जनता का अधिकार है। जनता के टैक्स के पैसे का हिसाब देना ही होगा।
जानिए पॉलीहाउस योजना के बारे में : .उत्तराखंड में पॉलीहाउस मुख्य रूप से उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग (Horticulture Department) के अंतर्गत आते हैं। राज्य सरकार इस विभाग के माध्यम से “उत्तराखंड पॉलीहाउस योजना” चलाती है, जिसमें किसानों को पॉलीहाउस लगाने के लिए 50 फीसद से 80 फीसद तक का अनुदान (सब्सिडी) प्रदान किया जाता है।
इस योजना के तहत किसानों की आय बढ़ाने, जैविक खेती को प्रोत्साहित करने और पहाड़ी क्षेत्रों से पलायन रोकने पर जोर दिया जाता है।पॉलीहाउस में किसान मुख्य रूप से बेमौसमी सब्जियां (जैसे टमाटर, शिमला मिर्च) और फूलों की खेती करते हैं।

