
बोर्ड के फैसले: तीनों निगमों के कार्मिकों के स्टैब्लिशमेंट के लिए एक समान होगी नीति, प्रमुख सचिव ऊर्जा को नीति बनाने का जिम्मा
गढ़वाल व कुमाऊं में बनेंगे बारह नए सब स्टेशन
पहाड़ का सच देहरादून। प्रदेश में बढ़ती मांग और मंहगी दरों पर ओपन मार्केट से खरीदी जा रही बिजली को देखते हुए ऊर्जा निगम निदेशक मंडल ने यूपीसीएल को तीन महीने में अगले पांच साल का रिसोर्स एडेक्वेंसी प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। बोर्ड ने गढ़वाल व कुमाऊं में 12 नए सब स्टेशन स्थापित करने का फैसला भी लिया है।

सोमवार को मुख्य सचिव एवं अध्यक्ष, निदेशक मंडल आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में यूपीसीएल निदेशक मंडल की बैठक सम्पन्न
उत्तराखण्ड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के निदेशक मंडल (Board of Directors) की बैठक आज मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन एवं अध्यक्ष, निदेशक मंडल श्री आनंद बर्द्धन, आईएएस की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।
बैठक में स्वतंत्र निदेशक पराग गुप्ता, प्रमुख सचिव, वित्त दिलीप जावलकर, प्रबंध निदेशक, यूपीसीएल, प्रबंध निदेशक, यूजेवीएनएल सहित निदेशक मंडल के अन्य सदस्य एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु यूपीसीएल के वार्षिक राजस्व बजट (Annual Revenue Budget) एवं पूंजीगत बजट (Capital Budget) को विस्तृत विचार-विमर्श उपरांत निदेशक मंडल द्वारा अनुमोदित किया गया।
बोर्ड ने विश्वास व्यक्त किया कि स्वीकृत बजट के माध्यम से निगम की वित्तीय सुदृढ़ता, विद्युत वितरण प्रणाली के आधुनिकीकरण तथा उपभोक्ता सेवाओं की गुणवत्ता को और अधिक मजबूती मिलेगी। मानव संसाधन से संबंधित विभिन्न विषयों पर विचार करते हुए निदेशक मंडल ने निर्णय लिया कि नव नियुक्त कार्मिकों को रियायती विद्युत दर (Subsidized Tariff), सेवाकाल के दौरान दिवंगत कार्मिकों के आश्रितों को प्रदान की जाने वाली अनुग्रह राशि (Ex-gratia) तथा विद्युत दुर्घटनाओं में पशुओं की मृत्यु पर देय क्षतिपूर्ति हेतु प्रक्रिया सरलीकरण जैसे विषयों पर उत्तराखण्ड की तीनों ऊर्जा निगमों के लिए एक समान नीति तैयार किए जाने हेतु प्रमुख सचिव, ऊर्जा, उत्तराखण्ड शासन के स्तर पर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
विद्युत अवसंरचना के विस्तार के अंतर्गत निदेशक मंडल ने गढ़वाल एवं कुमाऊ क्षेत्र में 12 नए विद्युत उपकेंद्रों की स्थापना को स्वीकृति प्रदान की। इसके अतिरिक्त विस्तृत विचार-विमर्श के उपरांत जनपद चम्पावत के अमोरी तथा भगीना-भण्डारी में दो नए विद्युत उपकेंद्रों की स्थापना को भी अनुमोदन प्रदान किया गया। इन उपकेंद्रों की स्थापना से संबंधित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता एवं विश्वसनीयता में उल्लेखनीय सुधार होगा तथा भविष्य की बढ़ती विद्युत मांग की पूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।
इसके अतिरिक्त निदेशक मंडल ने निर्देशित किया कि आगामी 3 माह में यूपीसीएल द्वारा अगले 5 वर्षो का Resource Adequacy Plan तैयार कर लिया जाए।
बैठक के अंत में पी सी ध्यानी, प्रबंध निदेशक, यूपीसीएल द्वारा मुख्य सचिव व अध्यक्ष , स्वतंत्र निदेशक, प्रमुख सचिव (वित्त) एवं प्रबन्ध निदेशक, UJVNL के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया गया। .
*क्या है (Resource Adequacy Plan) विद्युत प्रणाली की वह व्यवस्था है, जिसके तहत भविष्य की बिजली मांग का अनुमान लगाया जाता है, पर्याप्त उत्पादन क्षमता सुनिश्चित की जाती है, और ग्रिड की विश्वसनीयता बनाए रखी जाती है। यह योजना राज्यों और बिजली वितरण कंपनियों को बिना किसी बाधा के निरंतर बिजली आपूर्ति करने में मदद करती है।
मुख्य विशेषताए और उद्देश्य का आकलन: भविष्य में होने वाली चरम बिजली मांग (Peak Demand) और कुल ऊर्जा आवश्यकता का सटीक अनुमान लगाना।उत्पादन क्षमता: सौर, पवन, कोयला और अन्य ऊर्जा स्रोतों का सही संतुलन तैयार करना ताकि न्यूनतम लागत पर मांग पूरी हो सके।
ग्रिड स्थिरता: पवन और सौर जैसी परिवर्तनशील नवीकरणीय ऊर्जा (VRE) के बढ़ते उपयोग के दौरान भी बिजली आपूर्ति को स्थिर रखना। .विश्वसनीयता मानक: लोड हानि की संभावना (LOLP) जैसे संकेतकों का उपयोग करके बिजली कटौती के जोखिम को कम करना।*

