
पौड़ी/थलीसैंण। जनपद के थलीसैंण थाना क्षेत्र स्थित रौली गांव में आपसी विवाद के चलते एक ग्रामीण को पेट्रोल छिड़ककर आग के हवाले कर दिया गया था। शनिवार को हुए खौफनाक पेट्रोल कांड में सोमवार को एक नया और सनसनीखेज मोड़ आ गया है। अपने ही पड़ोसी पर पेट्रोल छिड़ककर उसे जिंदा जलाने के प्रयास के बाद से फरार चल रहे मुख्य आरोपी ने कीटनाशक गटककर अपनी जान दे दी है।
पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों के संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान सोमवार सुबह गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर झाड़ियों से आरोपी का शव बरामद किया गया है। थानाध्यक्ष थलीसैंण रविंद्र नेगी ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि रौली गांव के रहने वाले वीरेंद्र सिंह पर बीते शनिवार की शाम करीब सात बजे उनके पड़ोसी आनंद सिंह (पुत्र गोविंद सिंह) ने पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी थी। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद से ही आरोपी आनंद सिंह लगातार फरार चल रहा था।
पुलिस की टीम और स्थानीय ग्रामीण शनिवार देर रात और पूरे रविवार उसकी तलाश में जुटे रहे, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया था। सोमवार सुबह पुलिस और ग्रामीणों ने एक बार फिर जंगलों और गदेरों की तरफ तलाश अभियान शुरू किया। इसी दौरान एक ग्रामीण को गांव से डेढ़ किमी दूर गदेरे में घराट के समीप झाड़ी में आरोपी का शव दिखाई दिया।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर देखा कि आरोपी आनंद सिंह बैठने की मुद्रा में मृत पड़ा था और उसके पास कीटनाशक की एक शीशी पड़ी हुई थी।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की आवश्यक कार्रवाई पूरी कर ली है और उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल पौड़ी भेज दिया है। दूसरी तरफ, इस जानलेवा हमले में गंभीर रूप से घायल हुए ग्रामीण वीरेंद्र सिंह का जिला अस्पताल पौड़ी में इलाज चल रहा है। अस्पताल के पीएमएस डॉ. एलडी सेमवाल ने बताया कि वीरेंद्र सिंह करीब 45 फीसदी तक झुलस चुके हैं, लेकिन समय पर इलाज मिलने के कारण अब वे पूरी तरह खतरे से बाहर हैं और डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है।

