
मतदाता सूची में गड़बड़ी बनी वजह, कोर्ट के फैसले के बाद सीट रिक्त घोषित

पहाड़ का सच चम्पावत। जिले की शक्तिपुर बुंगा जिला पंचायत सीट से निर्वाचित प्रत्याशी कृष्णानंद जोशी का चुनाव जिला न्यायालय ने निरस्त कर दिया है। मंगलवार को सुनाए गए फैसले में अदालत ने स्पष्ट कहा कि मतदाता सूची में गंभीर गड़बड़ी के चलते यह चुनाव अमान्य है। इसके साथ ही यह सीट आधिकारिक रूप से रिक्त घोषित कर दी गई है।
क्या था पूरा मामला?
इस मामले में मतदाता सूची की त्रुटि सामने आई। आरोप था कि विजेता प्रत्याशी कृष्णानंद जोशी का नाम दो अलग-अलग स्थानों की वोटर लिस्ट में दर्ज था। इसी आधार पर दूसरे स्थान पर रहे प्रत्याशी मनमोहन सिंह बोहरा ने अदालत का रुख किया। लंबी सुनवाई और दस्तावेजों की जांच के बाद अदालत ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते हुए इसे रद्द करने का फैसला सुना दिया।
कितना था जीत का अंतर?
इस सीट पर मुकाबला बेहद कांटे का रहा।
कृष्णानंद जोशी: 2259 वोट
मनमोहन सिंह बोहरा: 1914 वोट
जीत का अंतर: 345 वोट
अन्य उम्मीदवारों में मनीष मेहर (1734), दिनेश चंद्र चौड़ाकोटी (1041) और चंद्र सिंह (812) वोट हासिल करने में सफल रहे थे।
जिला जज अनुज कुमार संगल ने अपने फैसले में कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सर्वोपरि है। मतदाता सूची में गड़बड़ी लोकतंत्र की बुनियाद को कमजोर करती है, इसलिए ऐसे चुनाव को जारी रखना न्यायसंगत नहीं हो सकता।
अब इस सीट पर दोबारा चुनाव कराए जाने की संभावना तेज हो गई है। फैसले के बाद जिले की राजनीति में हलचल बढ़ गई है और सभी राजनीतिक दल नई रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
हाईकोर्ट जाएंगे कृष्णानंद जोशी
जिला न्यायालय के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कृष्णानंद जोशी ने कहा कि वे इस निर्णय को उच्च न्यायालय में चुनौती देंगे। इससे साफ है कि मामला अभी थमने वाला नहीं, बल्कि आने वाले दिनों में और गरमा सकता है।
बढ़ सकती है सियासी हलचल
इस फैसले के बाद पूरे चम्पावत जिले में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि मतदाता सूची से जुड़े अन्य मामलों की भी जांच हो सकती है, जिससे कई और खुलासे सामने आ सकते हैं। आने वाले दिनों में जिले की राजनीति और अधिक उथल-पुथल भरी रहने की संभावना है।

