
ज्योतिष इंद्रमोहन डंडरियाल
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक – 29 जून 2026*
🌤️ *दिन – सोमवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन – दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु – वर्षा ॠतु*
🌤️ *अमांत – 15 गते आषाढ़ मास प्रविष्टि*
🌤️ *राष्ट्रीय तिथि – 8 आषाढ़ मास*
🌤️ *मास – ज्येष्ठ*
🌤️ *पक्ष – शुक्ल*
🌤️ *तिथि – पूर्णिमा 30 जून प्रात:05:26 तक तत्पश्चात प्रतिपदा*
🌤️ *नक्षत्र – मूल 30 जून प्रात: 04:03 तक तत्पश्चात पूर्वाषाढा*
🌤️ *योग – शुक्ल दोपहर 02:26 तक तत्पश्चात ब्रह्म*
🌤️*राहुकाल – सुबह 07:07 से सुबह 08:52 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 05:18*
🌤️ *सूर्यास्त – 07:22*
👉 *दिशाशूल – पूर्व दिशा मे*
🚩*व्रत पर्व विवरण- व्रत पूर्णिमा, ज्येष्ठ पूर्णिमा,वट पूर्णिमा, देवस्नान पूर्णिमा, वट सावित्री व्रत (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार)*
💥*विशेष- पूर्णिमा एवं व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🌷 *अनिद्रा से छुटकारा* 🌷
👌🏻 *१० मिनट विधिवत श्वासन करने से या जीभ के अग्रभाग को दाँतो से थोडा दबाकर १० मिनट तक ज्ञान मुद्रा लगा के बैठने से शारीरिक – मानसिक तनाव व अनिद्रा आदि की बीमारी दूर होती है |*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🌷 *विद्यालाभ योग* 🌷
➡ *01 एवं 02 जुलाई को विद्यालाभ योग (गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडू, आंध्र प्रदेश, आदि अमावस्यांत मास प्रचलनवाले राज्यों को छोड़कर भारतभर में)*
🙏🏻 *विद्यालाभ के लिए मंत्र*
👉🏻 *ॐ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं वाग्वादिनि सरस्वति मम जिह्वाग्रे वद वद ॐ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं नमः स्वाहा ।*
💥 *विशेष – जिन राज्यों में पूर्णिमा को माह का अंत माना जाता है वहाँ यह मंत्र 01 जुलाई 2026 बुधवार को सुबह 06:51 से रात्रि 11:45 तक 108 बार जप लें और फिर मंत्रजप के बाद रात्रि 11:00 से 12:00 बजे के बीच जीभ पर लाल चंदन से “ह्रीं” मंत्र लिख दें । जिसकी जीभ पर यह मंत्र इस विधि से लिखा जायेगा, उसे विद्यालाभ व विद्वत्ता की प्राप्ति होगी |*
➡️ *02 जुलाई, गुरुवार को प्रातः 04:21 से सुबह 09:27 तक 108 बार जप लें और फिर मंत्रजप के बाद रात्रि 11:00 से 12:00 बजे के बीच जीभ पर लाल चंदन से “ह्रीं” मंत्र लिख दें । जिसकी जीभ पर यह मंत्र इस विधि से लिखा जायेगा, उसे विद्यालाभ व विद्वत्ता की प्राप्ति होगी |*
👉🏻 *(ध्यान दें :- गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडू, आंध्र प्रदेश, आदि अमावस्यांत मास प्रचलनवाले राज्यों में यह योग 28 एवं 29 जुलाई को है ।)*
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
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