पहाड़ का सच देहरादून। राज्य सरकार ने प्रदेश में विद्युत आपूर्ति एवं ऊर्जा सेवाओं से जुड़े तीनों निगमों में हड़ताल पर 6 महीने तक के लिए रोक लगा दी है।

राज्य में बिजली की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए शासन की तरफ से जारी अधिसूचना के अनुसार उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (UJVNL), उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) तथा पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) की समस्त सेवाओं को 6 माह की अवधि के लिए आवश्यक सेवा घोषित करते हुए हड़ताल पर रोक लगाई गई है।
प्रमुख सचिव (ऊर्जा )डॉ. आर मीनाक्षी सुन्दरम की ओर से जारी निर्देश में साफ किया गया कि लोकहित में निर्बाध विद्युत उत्पादन, पारेषण एवं वितरण व्यवस्था बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार ने अत्यावश्यक सेवाओं का अनुरक्षण अधिनियम के अंतर्गत यह निर्णय लिया है।
सुंदरम ने कहा कि इस निर्णय से प्रदेशभर में विद्युत सेवाओं की निरंतरता बनाए रखने, आम जनता को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने तथा औद्योगिक, व्यावसायिक एवं घरेलू उपभोक्ताओं के हितों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

उत्तराखंड में लागू हो चुका एस्मा
बीती 30 जुलाई को ही उत्तराखंड में अगले 6 महीनों तक के लिए कर्मचारियों की हड़ताल पर रोक लगाया जा चुका है। .कार्मिक विभाग से आदेश जारी होते ही अगले 6 महीनों के लिए एस्मा भी लागू हो गया था जिसके तहत प्रदेश में राज्य कर्मचारी अपनी किसी भी मांग को लेकर हड़ताल नहीं जा सकते हैं। धामी सरकार ने 6 महीनों के लिए विशेष शक्ति का इस्तेमाल करते हुए हड़ताल पर रोक से जुड़ा आदेश जारी किया था। इसमें उत्तर प्रदेश अत्यावश्यक सेवाओं का अनुरक्षण अधिनियम 1966 (उत्तराखंड राज्य में यथा प्रवृत्त) की धारा 3 की उप धारा 1 के अधीन शक्ति का इस्तेमाल किया गया और राज्यपाल के आदेश से 6 महीनों के लिए हड़ताल पर रोक लगाई गई।
