
ज्योतिष इंद्रमोहन डंडरियाल
🚩*~ सनातन पंचांग ~*🚩
🌤️ *दिनांक – 03 फरवरी 2026*
🌤️ *दिन – मंगलवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन – उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु – शिशिर ॠतु*
🌥️ *अमांत – 21 गते माघ मास प्रविष्टि*
🌥️ *राष्ट्रीय तिथि – 13 माघ मास*
🌤️ *मास – फाल्गुन ( गुजरात-महाराष्ट्र -माघ )*
🌤️ *पक्ष – कृष्ण*
🌤️ *तिथि – द्वितीया रात्रि 12:40 तक तत्पश्चात तृतीया*
🌤️ *नक्षत्र – मघा रात्रि 10:10 तक तत्पश्चात पूर्वाफाल्गुनी*
🌤️ *योग – शोभन 04 फरवरी रात्रि 02:39 तक तत्पश्चात अतिगण्ड*
🌤️ *राहुकाल – शाम 03:11 से शाम 04:31 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 07:07*
🌤️ *सूर्यास्त – 05:54*
👉 *दिशाशूल – उत्तर दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण-
💥 *विशेष – द्वितीया को बृहती (छोटा बैगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🚩*सनातन पंचांग* 🚩
🌷 *आर्थिक कष्ट निवारण हेतु* 🌷
👉🏻 *रविवार, सप्तमी, नवमी, अमावस्या, सूर्यग्रहण, चन्द्रग्रहण तथा संक्रांति – इन तिथियों को छोडकर बाकी के दिन आँवले का रस शरीर पर लगाकर स्नान करने से आर्थिक कष्ट दूर होता है | (स्कंद पुराण, वैष्णव खंड)*
🚩*~ सनातन पंचांग ~*🚩
🌷 *पत्तल में भोजन के लाभ* 🌷
🍝 *पलाश के पत्तल में भोजन करने से स्वर्ण के बर्तन में भोजन करने का पुण्य व आरोग्य मिलता है ।*
🍌 *केले के पत्तल में भोजन करने से चांदी के बर्तन में भोजन करने का पुण्य व आरोग्य मिलता है ।*
🚩*~ सनातन पंचांग ~*🚩
🌷 *शीतकाल में पुष्टिवर्धक नास्ता* 🌷
➡️ *1–1 कटोरी गेहूँ, मूँगफली, सोयाबीन, तिल, मूँग, काबुली चने अलग-अलग भूनकर पीस लें | इस मिश्रण की दुगनी मात्रा में गुड ले के एक तार की चाशनी बनायें और मिश्रण को अच्छी तरह मिलाकर १ कटोरी घी डाल दें और 25-30 ग्राम के लड्डू बना लें | आधी कटोरी काजू भी डाल सकते हैं |*
➡️ *शीतकाल में अपनी पाचनशक्ति के अनुसार 1 लड्डू रोज सुबह नाश्ते के रूप में लें | यह स्वादिष्ट नाश्ता प्रोटीन, विटामिन तथा लौह, कैल्शियम आदि पौष्टिक तत्त्वों से भरपूर होने से बढ़ते हुए बच्चों, गर्भवती महिलाओं और दूध पिलानेवाली माताओं के लिए विशेष लाभदायी हैं | साथ ही सभी के लिए वह गुणकारी व बलवर्धक हैं | रक्त की कमी और कुपोषण की स्थिति में इसका सेवन बहुत उपयोगी है |*
🙏🏻 पंचमुखी हनुमान जी की तस्वीर लगाने के प्रमुख फायदे:
नकारात्मकता का नाश: घर में किसी भी प्रकार की बुरी शक्तियों, ऊपरी हवा या नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश नहीं होता है।
वास्तु दोष में सुधार: यह घर की वास्तु संबंधी समस्याओं को दूर करती है और सुख-शांति लाती है।
धन और समृद्धि: पंचमुखी हनुमान की पूजा से धन और समृद्धि में वृद्धि होती है।
भय और डर से मुक्ति: यह हनुमान जी का उग्र स्वरूप है, जो सभी प्रकार के डर और चिंता को दूर करता है।
सुरक्षा कवच: मुख्य द्वार पर इसे लगाने से यह एक रक्षा कवच की तरह काम करता है, जिससे घर की सुरक्षा बनी रहती है।
सही दिशा और नियम:
सबसे उत्तम स्थान: घर का मुख्य द्वार या दक्षिण दिशा की दीवार।
दिशा: तस्वीर को ऐसे लगाएं कि हनुमान जी का चेहरा दक्षिण दिशा की ओर हो।
कहाँ न लगाएं: बेडरूम, बाथरूम या सीढ़ियों के नीचे बिल्कुल न लगाएं।
साफ-सफाई: तस्वीर वाली जगह को हमेशा साफ़ रखें और मंगलवार/शनिवार को पूजा करें।
🚩*~ सनातन पंचांग ~*🚩
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