
ज्योतिष इंद्रमोहन डंडरियाल

🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक – 30 अप्रैल 2026*
🌤️ *दिन – गुरूवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन – उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु – ग्रीष्म ॠतु*
⛅ *अमांत – 17 गते वैशाख मास प्रविष्टि*
⛅ *राष्ट्रीय तिथि – 10 वैशाख मास*
🌤️ *मास – वैशाख*
🌤️ *पक्ष – शुक्ल*
🌤️ *तिथि – चतुर्दशी रात्रि 09:12 तक तत्पश्चात पूर्णिमा*
🌤️ *नक्षत्र – चित्रा 01 मई रात्रि 02:16 तक तत्पश्चात स्वाती*
🌤️ *योग – वज्र रात्रि 08:55 तक तत्पश्चात सिद्धि*
🌤️*राहुकाल – दोपहर 01:53 से शाम 03:32 तक*🌤️ *सूर्योदय – 05:35*
🌤️ *सूर्यास्त – 06:52*
👉 *दिशाशूल – दक्षिण दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण-
💥 *विशेष – चतुर्दशी व पूर्णिमा एवं व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🌷 *व्यतिपात योग* 🌷
➡️ *01 मई 2026 शुक्रवार को रात्रि 09:13 से 02 मई, शनिवार को रात्रि 09:45 तक व्यतिपात योग है।*
🙏🏻 *व्यतिपात योग की ऐसी महिमा है कि उस समय जप पाठ प्राणायम, माला से जप या मानसिक जप करने से भगवान की और विशेष कर भगवान सूर्यनारायण की प्रसन्नता प्राप्त होती है जप करने वालों को, व्यतिपात योग में जो कुछ भी किया जाता है उसका १ लाख गुना फल मिलता है।*
🙏🏻 *वाराह पुराण में ये बात आती है व्यतिपात योग की।*🚩*~ सनातन पंचांग ~*🚩
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