
जानकारी के अनुसार समाजिक कार्यकर्ता के साथ मौन व्रत पर बैठे थे बुजुर्ग दंपति
अमित शाह के देहरादून दौरे के कारण अंकिता के माता पिता को परेशान कर रही है पुलिस : गोदियाल
पहाड़ का सच नई दिल्ली/देहरादून। बुधवार को राजघाट पर मौन व्रत कर रहे अंकिता भंडारी के माता-पिता को दिल्ली पुलिस ने राजघाट से हिरासत में लिया है। बेहोश होने पर अंकिता की माता को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के अनुसार अंकिता भंडारी के माता-पिता बुधवार बुधवार को सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना के साथ राजघाट पर मौन व्रत रख रहे थे। दिल्ली पुलिस ने उन्हें वहीं से जबरन हटाया और हिरासत में ले लिया। इस दौरान अंकिता की मां सोनी देवी बेहोश हो गईं, जिन्हें बाद में बुराड़ी अस्पताल ले जाया गया।
इस बारे में उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने एक वीडियो बयान जारी किया है। उनका कहना है कि दिल्ली पुलिस अंकिता भंडारी के माता-पिता को इंडिया गेट के पास से जबरन अपने साथ ले गई और करीब दो घंटे तक इधर-उधर घुमाती रही। बाद में अंकिता की मां की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें बुराड़ी के एक अस्पताल ले जाया गया। इस संबंध में उनकी अंकिता के पिता से फोन पर बात हुई है।
गोदियाल ने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह के देहरादून दौरे से पहले अंकिता के माता-पिता को इस तरह परेशान करना, डराना और धमकाना बिल्कुल अनुचित है। वे शांतिप्रिय लोग हैं, उनसे किसी को कोई खतरा नहीं है।पीसीसी अध्यक्ष ने मांग की है कि अंकिता के माता-पिता को तत्काल रिहा किया जाए। दिल्ली में मौजूद उत्तराखंड के सभी भाई-बहन उनसे संपर्क कर हरसंभव मदद करें।
इससे पहले 14-15 अक्टूबर 2026 को अंकिता के माता-पिता ने कांग्रेस नेताओं के साथ मिलकर इंडिया गेट पर रातभर धरना दिया था। उस समय पुलिस ने उन्हें 15 अक्टूबर की सुबह करीब 4 बजे इंडिया गेट से हिरासत में लिया था और आधे घंटे बाद छोड़ दिया था। पीड़ित परिवार अंकिता भंडारी हत्याकांड (2022) में शामिल कथित ‘VIP’ के नाम का खुलासा करने के लिए सीबीआई (CBI) जांच की मांग कर रहा है। वे भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने का भी विरोध कर रहे हैं।


