
राज्य में सुशासन व दीर्घकालीन विकास और मजबूत होगा: सीएम धामी
पहाड़ का सच देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को देवभूमि परिवार पोर्टल और ‘विकसित उत्तराखंड विजन-2047’ का शुभारंभ कर दिया है। मुख्यमंत्री की इस पहल से राज्य में सुशासन व दीर्घकालीन विकास को और अधिक मजबूती और गति मिलेगी।

मुख्य विशेषताएं और नियम:
• विशिष्ट परिवार आईडी: पोर्टल पर पंजीकरण के बाद हर परिवार को एक विशिष्ट ‘देवभूमि परिवार आईडी’ (Unique Family ID) प्रदान की जाएगी।
एक परिवार, एक पहचान: यह योजना ‘एक परिवार, एक पहचान, एक प्लेटफॉर्म’ की अवधारणा पर आधारित है।
• यह आईडी सिर्फ मूल निवासियों को ही नहीं, बल्कि पिछले 15 साल से उत्तराखंड में रह रहे नागरिकों को भी मिल सकेगी। इसके अलावा राज्य सरकार के कर्मचारी और स्थानीय निकाय के कर्मचारी भी इसके दायरे में आएंगे।
• डेटा सुरक्षा और सजा: नागरिकों के निजी डेटा की सुरक्षा के लिए कड़े नियम बनाए गए हैं। डेटा में सेंधमारी करने पर 10 साल तक की जेल और 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
• सरकारी योजनाओं का लाभ: इस एकीकृत डिजिटल डेटाबेस के जरिए सरकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों की पहचान आसानी होगी और बार-बार दस्तावेज जमा करने या दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।
• प्रशासनिक व्यवस्था: इसके सुचारू संचालन के लिए राज्य स्तर पर ‘देवभूमि परिवार प्राधिकरण’ और जिला स्तर पर ‘जिला देवभूमि परिवार अधिकारी’ की व्यवस्था प्रस्तावित है।
‘देवभूमि परिवार आईडी’ उत्तराखंड सरकार की एक बेहद महत्वाकांक्षी डिजिटल सुशासन पहल है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा 2 नवंबर 2026 को शुरू की गई यह योजना हरियाणा के ‘परिवार पहचान पत्र’ (PPP) की तर्ज पर बनाई गई है।
इस डिजिटल पहल के पीछे राज्य सरकार के तीन मुख्य उद्देश्य हैं:
एकीकृत डिजिटल डेटाबेस तैयार करना: राज्य के सभी नागरिकों और परिवारों का पूरा विवरण (जैसे आधार, जन्मतिथि, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक-आर्थिक स्थिति) एक ही केंद्रीकृत सुरक्षित प्लेटफॉर्म पर लाना।
पारदर्शिता बढ़ाना और भ्रष्टाचार रोकना: सरकारी योजनाओं के वितरण को पारदर्शी बनाना ताकि नकली (फर्जी) या डुप्लिकेट लाभार्थियों को हटाया जा सके और केवल असली हकदारों को लाभ मिले।
डेटा-आधारित सरकारी नीतियां: विभिन्न विभागों के बीच तालमेल बैठाना ताकि सरकार को यह सटीक अंदाजा हो कि किस क्षेत्र या परिवार को किस प्रकार की सहायता या बजट आवंटन की आवश्यकता है।
नागरिकों और सरकार को होने वाले लाभ
इस आईडी के बन जाने से आम जनता और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों को बड़े फायदे होंगे:
• कागजी कार्रवाई और दफ्तरों के चक्करों से मुक्ति: किसी भी सरकारी सेवा या योजना के लिए नागरिकों को बार-बार अपने पहचान पत्र, आय प्रमाण पत्र या निवास दस्तावेज जमा नहीं करने होंगे। एक बार पोर्टल पर डेटा दर्ज होने के बाद इसी आईडी से सारा काम हो जाएगा।
• घर बैठे योजनाओं का स्वतः (Automatic) लाभ: इस डेटाबेस के जरिए प्रणाली खुद ही पहचान लेगी कि कौन सा परिवार किस योजना (जैसे मुफ्त राशन, पेंशन या छात्रवृत्ति) के लिए पात्र है। पात्रता मैच होते ही लाभ सीधे परिवार तक पहुंचेगा।
• महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा: परिवार के रिकॉर्ड प्रबंधन के लिए घर की 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की सबसे वरिष्ठ महिला को ही सामान्यतः परिवार का मुखिया (Head of Family) माना जाएगा।
• आसान ऑनलाइन अपडेशन: परिवार के मुखिया को एक लॉगिन आईडी और पासवर्ड दिया जाएगा। इससे वे अपने परिवार के किसी नए सदस्य का नाम जोड़ने (जैसे शादी या बच्चे के जन्म पर) या पता बदलने का काम घर बैठे ऑनलाइन कर सकेंगे।


