ज्योतिष इंद्रमोहन डंडरियाल
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक – 01 अक्टूबर 2026*
🌤️ *दिन – गुरूवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन – दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु – शरद ॠतु*
⛅ *अमांत – 15 गते आश्विन मास प्रविष्टि*
⛅ *राष्ट्रीय तिथि – 9 आश्विन मास*
🌤️ *मास – आश्विन*
🌤️ *पक्ष – कृष्ण*
🌤️ *तिथि – पंचमी दोपहर 12:35 तक तत्पश्चात षष्ठी*
🌤️ *नक्षत्र – रोहिणी 02 अक्टूबर प्रातः 04:27 तक तत्पश्चात मृगशिरा*
🌤️ *योग – सिद्धि रात्रि 09:18 तक तत्पश्चात व्यतीपात*
🌤️*राहुकाल – दोपहर 01:34 से शाम 03:03 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 06:10*
🌤️ *सूर्यास्त – 06:02*
👉 *दिशाशूल – दक्षिण दिशा मे*
🚩*व्रत पर्व विवरण – षष्ठी का श्राद्ध,व्यतीपात योग (रात्रि 09:18 से 02 अक्टूबर शाम 06:18 तक)*
*विशेष- पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
👉🏻 *इंदिरा एकादशी व्रत 5 या 6 सितंबर को? इस दिन यह कार्य जरूर करें, नीच योनि में पड़े पितरों की भी होगी सद्गति*
🌷 *पितृ पक्ष* 🌷
🙏🏻 *धर्म ग्रंथों के अनुसार, विधि-विधान पूर्वक श्राद्ध करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। वर्तमान समय में देखा जाए तो विधिपूर्वक श्राद्ध कर्म करने में धन की आवश्यकता होती है। पैसा न होने पर विधिपूर्वक श्राद्ध नहीं किया जा सकता। ऐसे में पितृ दोष होने से कई प्रकार की समस्याएं जीवन में बनी रहती हैं। पुराणों के अनुसार, ऐसी स्थिति में पितरों के प्रति श्रद्धा व्यक्त कर कुछ साधारण उपाय करने से भी पितर तृप्त हो जाते हैं।*
👉🏻 *3 अक्टूबर को करले यह कार्य समृद्धि की वृद्धि के योग बनेंगे*
➡ *न कर पाएं श्राद्ध तो करें इनमें से कोई 1 उपाय, नहीं होगा पितृ दोष*
🙏🏻 *जिस स्थान पर आप पीने का पानी रखते हैं, वहां रोज शाम को शुद्ध घी का दीपक लगाएं। इससे पितरों की कृपा आप पर हमेशा बनी रहेगी। इस बात का ध्यान रखें कि वहां जूठे बर्तन कभी न रखें।*
🙏🏻 *सर्व पितृ अमावस्या के दिन चावल के आटे के 5 पिंड बनाएं व इसे लाल कपड़े में लपेटकर नदी में बहा दें।*
🙏🏻 *गाय के गोबर से बने कंडे को जलाकर उस पर गूगल के साथ घी, जौ, तिल व चावल मिलाकर घर में धूप करें।*
🙏🏻 *विष्णु भगवान के किसी मंदिर में सफेद तिल के साथ कुछ दक्षिणा (रुपए) भी दान करें।*
🙏🏻 *कच्चे दूध, जौ, तिल व चावल मिलाकर नदी में बहा दें। ये उपाय सूर्योदय के समय करें तो अच्छा रहेगा।*
🙏🏻 *श्राद्ध में ब्राह्मण को भोजन कराएं या सामग्री जिसमें आटा, फल, गुड़, सब्जी और दक्षिणा दान करें।*
🙏🏻 *श्राद्ध नहीं कर सकते तो किसी नदी में काले तिल डालकर तर्पण करें। इससे भी पितृ दोष में कमी आती है।*
🙏🏻 *श्राद्ध पक्ष में किसी विद्वान ब्राह्मण को एक मुट्ठी काले तिल दान करने से पितृ प्रसन्न हो जाते हैं।*
🙏🏻 *श्राद्ध पक्ष में पितरों को याद कर गाय को हरा चारा खिला दें। इससे भी पितृ प्रसन्न व तृप्त हो जाते हैं।*
🙏🏻 *सूर्यदेव को अर्ध्य देकर प्रार्थना करें कि आप मेरे पितरों को श्राद्धयुक्त प्रणाम पहुँचाए और उन्हें तृप्त करें।*
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