
पहाड़ का सच चमोली। जिले की नीति घाटी में भारी बारिश से तमक नाला उफान पर आ गया, जिससे वैली ब्रिज बह गया और ज्योतिर्मठ-मलारी मार्ग बाधित हो गया।
जानकारी के अनुसार नीति घाटी में सोमवार शाम हुई भारी बारिश के बाद तमक नाला अचानक उफान पर आ गया। पानी के तेज बहाव में ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर तमक नाले में बना वैली ब्रिज बह गया, जिससे नीति घाटी में वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार बीआरटीएफ, सुराईथोटा द्वारा निर्मित वैली ब्रिज नाले में अत्यधिक पानी के बहाव के कारण क्षतिग्रस्त होकर बह गया।
पुल के बहने के दौरान GREIF का स्कॉर्पियो वाहन संख्या 24 BE 16058, बोलेरो कैंपर संख्या 23 B 15947 तथा एक अन्य वाहन भी प्रभावित हुए। इस दौरान स्कॉर्पियो चालक NK पंकज कुमार के बहने की सूचना है, जिनकी तलाश में रेस्क्यू अभियान जारी है। स्कॉर्पियो वाहन को सुरक्षित साइड किया गया है।
सुरक्षा के मद्देनजर मलारी की ओर से वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही हैं और राहत एवं बचाव कार्य की तैयारी की जा रही है।
तमक नाले में बढ़े जल प्रवाह के कारण अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने निचले इलाकों में नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। पुलिस प्रशासन की ओर से मुनादी कर लोगों को सावधानी बरतने और नदी-नालों से दूर रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक यात्रा न करें और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान, निचले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता के निर्देश
मुख्यमंत्री धामी ने सचिव आपदा प्रबंधन से ली घटना की जानकारी
चमोली जिले के ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर तमकनाला में अत्यधिक जलप्रवाह के कारण बेली ब्रिज बहने की घटना का मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन से घटना की जानकारी ली। माननीय मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निचले क्षेत्रों में आवश्यक एहतियाती कदम उठाने, संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा स्थिति सामान्य होने तक प्रभावित मार्ग पर आवाजाही प्रतिबंधित रखने के निर्देश दिए।
माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा बेली ब्रिज बहने के कारण आसपास के गांवों में राशन, खाद्य सामग्री, दवाइयों एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित न हो, इसके लिए प्रशासन को विशेष व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा की आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक मार्गो से ग्रामीणों तक आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
माननीय मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से निर्देश दिए कि नदी-नालों एवं जलप्रवाह वाले क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रखा जाए और आवश्यकता के अनुसार उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रोका जाए। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की कमी न रहने तथा सभी संबंधित एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लगातार बदल रहे मौसम को देखते हुए प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ कार्य करे और किसी भी संभावित स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए।
SEOC से लगातार स्थिति पर नजर : विनोद कुमार सुमन
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) से चमोली सहित प्रदेश के सभी संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार 24×7 निगरानी रखी जा रही है। जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों से लगातार समन्वय किया जा रहा है तथा आवश्यकता के अनुसार राहत एवं बचाव दलों को तत्काल सक्रिय किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर तमकनाला में 123 बीआरटीएफ, सुराईथोटा द्वारा निर्मित बेली ब्रिज अत्यधिक जलप्रवाह के कारण पूरी तरह बह गया है। घटना के संबंध में प्राप्त सूचना के अनुसार नाले में अचानक बढ़े पानी के तेज बहाव की चपेट में आने से एक व्यक्ति एवं एक वाहन (कैंपर) के बहने की सूचना प्राप्त हुई है।
सूचना मिलते ही एसडीआरएफ एवं एनडीआरएफ की टीमें घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गई हैं। स्थानीय प्रशासन, पुलिस एवं संबंधित विभागों द्वारा भी आवश्यक राहत एवं बचाव कार्रवाई की जा रही है। घटना स्थल पर स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।
मलारी की ओर आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित
सुरक्षा के दृष्टिगत ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर मलारी की ओर वाहनों का आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया है। प्रशासन द्वारा लोगों को प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्र से दूर रहने तथा मार्ग की स्थिति सामान्य होने तक इस मार्ग पर यात्रा न करने की सलाह दी गई है।
सचिव आपदा प्रबंधन ने कहा कि नदी-नालों में जलस्तर बढ़ने तथा अचानक तेज जलप्रवाह की संभावना को देखते हुए निचले एवं नदी किनारे के क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। संबंधित जिला प्रशासन को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक एहतियाती कदम उठाने तथा लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।

