
ज्योतिष इंद्रमोहन डंडरियाल
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक – 07 अगस्त 2026*
🌤️ *दिन – शुक्रवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन – दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु – वर्षा ॠतु*
🌦️ *अमांत – 23 गते श्रावण मास प्रविष्टि*
🌦️ *राष्ट्रीय तिथि – 15 श्रावण मास*
🌤️ *मास – श्रावण ( गुजरात महाराष्ट्र अनुसार आषाढ)*
🌤️ *पक्ष – कृष्ण*
🌤️ *तिथि – नवमी शाम 04:36 तक तत्पश्चात दशमी*
🌤️ *नक्षत्र – कृत्तिका शाम 06:43 तक तत्पश्चात रोहिणी*
🌤️ *योग – वृद्धि दोपहर 12:11 तक तत्पश्चात ध्रुव*
🌤️*राहुकाल – सुबह 10:43 से दोपहर 12:22 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 05:37*
🌤️ *सूर्यास्त – 07:07*
👉 *दिशाशूल – पश्चिम दिशा मे*
🚩 व्रत पर्व विवरण-
💥*विशेष- नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🌷 *अर्थप्रद सोमवार व्रत* 🌷
🙏🏻 *स्कंद पुराण में अर्थप्रद व्रत बताया है जिससे अर्थ की प्राप्ति हो और जीवन में से अनर्थ दूर हो | किसी भी सोमवार को शिवजी के मंदिर में जाकर, शिवलिंग पर दूध, बेलपत्र चढ़ाये और आठ नामों से शिवजी को प्रणाम करें | ये आठ मंत्र स्कंद पुराण में शिवजी के लिए बताये है कि भगवान शिवजी को को स्मरण करते हुये, उनको प्रणाम करते हुए आठ मंत्र बोले | आठ मंत्र इसप्रकार है –*
👉🏻 *ॐ दशभुजाय नम:*
👉🏻 *ॐ त्रिनेत्राय नम:*
👉🏻 *ॐ पंचवदनाय नम:*
👉🏻 *ॐ शूलिने नम:*
👉🏻 *ॐ श्वेतवृषभारूढाय नम :*
👉🏻 *ॐ सर्वाभरणभूषिताय नम:*
👉🏻 *ॐ उमादेहार्द्धस्थाय नम:*
👉🏻 *ॐ सर्वमूर्तये नम:*
➡️ *हर सोमवार को दूध, जल चढाते हुये बोले | ये व्रत बहेने भी कर सकती है |*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🌷 *शक्तिवान बनने* 🌷
👉🏻 *खाली पेट अथवा भोजन के बीच आँवले का रस, मिश्री और घी थोडा-सा लेने से बलवान बन जायेगा, शक्तिवान बन जायेगा |*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🌷 *किसकी आयु कम हो जाती है* 🌷
➡️ *जिनको अति अभिमान होता है, जो अधिक एवं व्यर्थ का बोलते हैं उनकी आयु कम हो जाती है |*
➡️ *जो निंदा-ईर्ष्या करते है या दुर्व्यसन में फँसे हैं अथवा जो जरा-जरा बात में क्रुद्ध हो जाते हैं उनकी भी उम्र कम हो जाती है |*
➡️ *जो अधिक खाना खाते हैं, रात को देर से खाते हैं, बिनजरूरी खाते हैं, चलते-चलते खाते हैं, खड़े-खड़े खाते हैं उनका भी स्वास्थ्य लडखडा जाता है और आयु कम हो जाती है |*
➡️ *जो मित्र, परिवार से द्रोह करते हैं, संतो, सज्जनों की निंदा करते है उनकी भी आयु कम होती है, जो ठाँस- ठाँस के खाता है, ब्रह्मचर्य का नाश करता रहता है वह जल्दी मरता है |*
➡️ *जो प्राणायाम और भगवद-मंत्र का जप नहीं करता उसकी लम्बी आयु होने में संदेह रहता है और जो ब्रह्मचर्य पालते हैं, प्राणायाम करते हैं उनकी आयु बढती है |*
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
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