
ज्योतिष इंद्रमोहन डंडरियाल
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक – 28 जुलाई 2026*
🌤️ *दिन – मंगलवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन – दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु – वर्षा ॠतु*
🌦️ *अमांत – 13 गते श्रावण मास प्रविष्टि*
🌦️ *राष्ट्रीय तिथि – 6 श्रावण मास*
🌤️ *मास – आषाढ*
🌤️ *पक्ष – शुक्ल*
🌤️ *तिथि – चतुर्दशी शाम 06:18 तक तत्पश्चात पूर्णिमा*
🌤️ *नक्षत्र – पूर्वाषाढा दोपहर 01:11 तक तत्पश्चात उत्तराषाढ़ा*
🌤️ *योग – विष्कंभ रात्रि 11:33 तक तत्पश्चात प्रीति*
🌤️*राहुकाल – शाम 03:46 से शाम 05:27 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 05:33*
🌤️ *सूर्यास्त – 07:14*
👉 *दिशाशूल – उत्तर दिशा मे*
🚩*व्रत पर्व विवरण- विद्यालाभ योग (दोपहर 01:11 से रात्रि 11:45 तक)*
💥*विशेष- चतुर्दशी व पूर्णिमा एवं व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।* 🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
*गुरुपूर्णिमा के दिन गुरुद्वार पर जाकर गुरु का दर्शन, सत्संग-श्रवण व मानस-पूजन करने से वर्षभर के सभी व्रत-पर्वों का पुण्यफल फलित हो जाता है।*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🙏🏻 *विद्यालाभ के लिए मंत्र*
👉🏻 *ॐ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं वाग्वादिनि सरस्वति मम जिह्वाग्रे वद वद ॐ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं नमः स्वाहा ।*
➡️ *28 जुलाई 2026 मंगलवार को दोपहर 01:11 से रात्रि 11:45 तक 108 बार जप लें और फिर मंत्रजप के बाद रात्रि 11:00 से 12:00 बजे के बीच जीभ पर लाल चंदन से “ह्रीं” मंत्र लिख दें । जिसकी जीभ पर यह मंत्र इस विधि से लिखा जायेगा, उसे विद्यालाभ व विद्वत्ता की प्राप्ति होगी |*
➡️ *29 जुलाई, बुधवार को प्रातः 04:30 से दोपहर 03:37 तक 108 बार जप करते-करते लें और फिर मंत्रजप के बाद रात्रि 11:00 से 12:00 बजे के बीच जीभ पर लाल चंदन से “ह्रीं” मंत्र लिख दें । जिसकी जीभ पर यह मंत्र इस विधि से लिखा जायेगा, उसे विद्यालाभ व विद्वत्ता की प्राप्ति होगी |*
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