
ज्योतिष इंद्रमोहन डंडरियाल
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक – 05 जून 2026*
🌤️ *दिन – शुक्रवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन – उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु – ग्रीष्म ॠतु*
🌤️ *अमांत – 22 गते ज्येष्ठ मास प्रविष्टि*
🌤️ *राष्ट्रीय तिथि – 15 ज्येष्ठ मास*
🌤️ *मास – अधिक ज्येष्ठ*
🌤️ *पक्ष – कृष्ण*
🌤️ *तिथि – पंचमी 06 जून रात्रि 01:20 तक तत्पश्चात षष्ठी*
🌤️ *नक्षत्र – श्रवण पूर्ण रात्रि तक*
🌤️ *योग – ब्रह्म सुबह 09:43 तक तत्पश्चात इन्द्र*
🌤️*राहुकाल – सुबह 10:32 से दोपहर 12:15 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 05:को5*
🌤️ *सूर्यास्त – 07:16*
👉 *दिशाशूल – पश्चिम दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- विश्व पर्यावरण दिवस*
💥*विशेष- पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🌷 *घर में सुख-समृद्धि के लिए* 🌷
🙏🏻 *मंत्रों में बहुत शक्ति होती है। मंत्रों के माध्यम से असंभव को भी संभव किया जा सकता है। हमारे धर्म ग्रंथों में ऐसे अनेक मंत्रों का वर्णन मिलता है जिसके नियमित जप से मुश्किल काम भी आसानी से हो जाते हैं तथा जीवन में हमेशा सुख-समृद्धि बनी रहती है। ऐसा ही एक मंत्र ये भी है-*
🌷 *तुलसी नामाष्टक मंत्र* 🌷
🙏🏻 *वृंदा वृंदावनी विश्वपूजिता विश्वपावनी।*
*पुष्पसारा नंदनीय तुलसी कृष्ण जीवनी।।*
*एतभामांष्टक चैव स्त्रोतं नामर्थं संयुतम।*
*य: पठेत तां च सम्पूज्य सौश्रमेघ फलंलमेता।।*
🌷 *जप विधि* 🌷
🌿 *- सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद तुलसी के पौधे की पूजा व परिक्रमा करें तथा दीप लगाएं।*
☺ *- इसके बाद एकांत में जाकर कुश के आसन पर बैठकर तुलसी की माला से इस मंत्र का जप करें। साधक का मुख पूर्व में होना चाहिए।*
👌🏻 *- कम से कम 5 माला जप अवश्य करें।*
🌫 *- एक ही समय, स्थान, आसन व माला हो तो ठीक रहता है।*
🏡 *- कुछ ही समय में आप देखेंगे कि आपकी घर में सुख- समृद्धि का वास हो गया है। आपकी हर मुश्किल आसान
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌷 *वास्तु शास्त्र* 🌷
🏡 *टूटी या खुली अलमारी*
6⃣ *घर या दुकान की अलमारी टूटी हुई नहीं होनी चाहिए।टूटी अलमारी पैसों के नुकसान का कारण बनती है। इसके अलावा काम न होने पर अलमारी को हमेशा बंद रखें। अलमारी को बेवजह खुला रखने पर हर तरह के कामों में रुकावट आती है।*🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌷 *वायु की तकलीफ़ में राहत पाने* 🌷
🍶 *१ लीटर पानी उबालो, उसमे हो सके तो ३ बिली पत्ते और १ काली मिर्च मसल के डाल दो , पौना लीटर हो जाए …ठंडा होवे ..तब वो ही पिया करो।*
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
पंचक
आरंभ: 6 जून 2026, शनिवार — शाम 7:03 बजे
समाप्त: 11 जून 2026, गुरुवार — सुबह 8:16 बजे
प्रकार: शनिवार से शुरू होने के कारण इसे मृत्यु पंचक माना जाता है।
🙏🏻परमा एकादशी — 11 जून 2026 (गुरुवार)
एकादशी तिथि प्रारंभ: 11 जून 2026 को रात्रि 12:57 बजे (यानि 10 जून की आधी रात के बाद)
एकादशी तिथि समाप्त: 11 जून 2026 को रात्रि 10:36 बजे
उदया तिथि के अनुसार व्रत 11 जून, गुरुवार को रखा जाएगा।
.🙏🏻 निर्जला एकादशी
25 जून 2026 (गुरुवार)
एकादशी तिथि प्रारंभ: 24 जून शाम 6:12 बजे
एकादशी तिथि समाप्त: 25 जून रात 8:09 बजे
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