
देहरादून। उत्तराखंड में गर्मी के बढ़ते प्रकोप और जल स्रोतों में आती कमी को देखते हुए जल संस्थान ने एक बड़ा सुरक्षात्मक कदम उठाया है। विभाग ने आगामी एक अप्रैल से अगले तीन महीनों (जून के अंत तक) के लिए सभी नए व्यवसायिक (कमर्शियल) पानी कनेक्शनों पर पूर्ण रूप से रोक लगाने का निर्णय लिया है।

इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य गर्मियों के दौरान घरेलू उपभोक्ताओं को पर्याप्त पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करना है। हालांकि, राहत की इस खबर के साथ ही जनता के लिए एक बुरी खबर यह भी है कि नए वित्तीय वर्ष के साथ उपभोक्ताओं को पानी के बिलों में बढ़ोतरी का भी सामना करना पड़ेगा।
गर्मियों में पानी की मांग और आपूर्ति के बीच बढ़ते अंतर को पाटने के लिए व्यवसायिक प्रतिष्ठानों, होटलों और निर्माण कार्यों के लिए नए कनेक्शनों पर अस्थायी पाबंदी लगाई गई है।
विभाग का मानना है कि कमर्शियल लोड कम होने से रिहायशी इलाकों में पानी का दबाव बेहतर रहेगा और लोगों को पीने के पानी के लिए नहीं जूझना पड़ेगा। शहरी क्षेत्रों में चल रहे बड़े कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स को इस फैसले से बड़ा झटका लग सकता है, क्योंकि उन्हें अब निजी टैंकरों या अन्य विकल्पों पर निर्भर रहना होगा।
देहरादून समेत प्रदेश के कई हिस्सों में मार्च के महीने में ही पानी की किल्लत शुरू हो गई है। पहाड़ों और मैदानी इलाकों के पारंपरिक जल स्रोतों में पानी का स्तर तेजी से नीचे गिर रहा है, जो प्रशासन के लिए चिंता का विषय है। जल संस्थान के अधिकारियों के अनुसार, पानी की बर्बादी रोकने के लिए क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों की मरम्मत और लीकेज को दुरुस्त करने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है।
