
जिलाधिकारी ने ली विभागीय अधिकारियों बैठक,गांवों में जाकर लोगों को योजनाओं की जानकारी दें

पहाड़ का सच रुद्रप्रयाग। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने एससी-एसटी अत्याचार निवारण, सरकारी संपत्तियों पर किए गए अतिक्रमण को हटाने व घरेलू गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए अफसरों की अलग अलग बैठकें ली। उन्होंने सभी अधिकारियों को निमयानुसार सख्ती से प्रकरणों के निस्तारण के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को एससी-एसटी से जुड़े मामलों पर गंभीरता से कार्य करने तथा जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी एवं समिति के सदस्य/सचिव टी.आर. मलेठा ने जिलाधिकारी को जनपद में एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत की जा रही कार्यवाही की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2022-2023 से वित्तीय वर्ष 2025-2026 तक जनपद में कुल 07 प्रकरण प्राप्त हुए हैं, जिन पर विवेचना करते हुए आवश्यक कार्रवाई की गई है। उन्होंने अवगत कराया कि विवेचना उपरांत 05 प्रकरणों में पीड़ितों को नियमानुसार आर्थिक सहायता का भुगतान किया जा चुका है, जबकि 02 प्रकरणों में विवेचना के उपरांत भुगतान से पूर्व ही एससी-एसटी एक्ट विलोपित हो गया था।
बैठक में उपस्थित अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति से संबंधित गैर-सरकारी सदस्यों द्वारा विभिन्न मांगें भी जिलाधिकारी के समक्ष रखी गईं। इनमें एससी-एसटी बाहुल्य क्षेत्रों में कम्युनिटी हॉल, अंबेडकर भवन तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास उपलब्ध कराने जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से शामिल रहे।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि एससी-एसटी से जुड़े सभी प्रकरणों पर गंभीरता से कार्य करते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कम्युनिटी हॉल एवं अंबेडकर भवन के निर्माण के लिए खंड विकास अधिकारी के माध्यम से स्थानीय जनप्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित कर उपयुक्त भूमि का चयन करने तथा आवश्यक कार्रवाई शीघ्र करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि एससी-एसटी बहुल क्षेत्रों एवं गांवों में जाकर लोगों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन समाज के सभी वर्गों के हितों के प्रति संवेदनशील है और एससी-एसटी से संबंधित सभी मामलों में गंभीरता के साथ कार्य किया जा रहा है।
बैठक में समिति के सदस्य मुख्य विकास अधिकारी रुद्रप्रयाग राजेन्द्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, पुलिस उपाधीक्षक विकास पुंडीर, जिला समाज कल्याण अधिकारी टी.आर. मलेठा, जिला पूर्ति अधिकारी के.एस. कोहली, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति से संबंधित गैर-सरकारी सदस्य रघुवीर लाल, हर्ष लाल तथा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति से भिन्न प्रवर्ग के सदस्य (गैर-सरकारी संगठन से संबद्ध) राजेन्द्र सिंह नेगी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
सरकारी परिसम्पत्तियों के प्रबंधन व अतिक्रमण रोकने के निर्देश
जिलाधिकारी ने सरकारी/सार्वजनिक परिसम्पत्तियों के प्रबंधन, संरक्षण तथा अतिक्रमण की रोकथाम एवं हटाए जाने के संबंध में आयोजित बैठक में अफसरों को सख्त निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों की परिसंपत्तियों का विवरण गवर्नमेंट एसेट्स मैनेजमेंट सिस्टम (GAMS) पोर्टल पर अपलोड किए जाएं। सभी विभागों द्वारा पोर्टल पर उपलब्ध कराए गए डाटा की जानकारी लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि वास्तविक परिसंपत्तियों के सापेक्ष पोर्टल पर डाटा का शत-प्रतिशत एवं सटीक अपडेशन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग अपने अधीन आने वाली सभी सरकारी परिसंपत्तियों का पूर्ण विवरण, भूमि अभिलेख तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों के साथ पोर्टल पर शीघ्र अपडेट करे, ताकि सरकारी संपत्तियों का सुव्यवस्थित प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके और अतिक्रमण की संभावनाओं को समय रहते रोका जा सके।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि यदि किसी विभाग को परिसंपत्तियों से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने में कठिनाई आती है, तो संबंधित पटवारी तथा ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक अभिलेख तैयार किए जाएं और डाटा अपडेशन की प्रक्रिया पूर्ण की जाए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपनी परिसंपत्तियों की विस्तृत सूची अपर जिलाधिकारी को भी उपलब्ध कराएं, ताकि इस संबंध में अलग से बैठक आयोजित कर आवश्यक दस्तावेजों की समीक्षा तथा डाटा फीडिंग की प्रक्रिया को तेज किया जा सके।
जिलाधिकारी ने जनपद स्तर पर जी.आई.एस. एक्सपर्ट की नियुक्ति के लिए आवश्यक कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि जीआईएस आधारित मैपिंग के माध्यम से सरकारी परिसंपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, जिससे उनके संरक्षण और निगरानी में और अधिक पारदर्शिता आएगी।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि उक्त कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किया जाए तथा इसकी प्रगति रिपोर्ट आगामी शनिवार को अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाए। बैठक में उप वन संरक्षक रजत सुमन, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, उपजिलाधिकारी भगत सिंह फोनिया, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामप्रकाश, अधिशासी अभियंता लोनिवि इंद्रजीत बोस, अधिशासी अभियंता सिंचाई खुशवंत सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी प्रेम सिंह रावत, खंड विकास अधिकारी ऊखीमठ अनुष्का, अगस्त्यमुनि सुरेश शाह, जखोली विजय सिंह नेगी सहित सभी अधिशासी अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
एलपीजी गैस व पेट्रोल की संभावित कमी की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट
*पहाड़ का सच जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित हुई वन विभाग व होटल एसोसिएशन के साथ महत्वपूर्ण बैठक में कहा गया कि वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव के कारण एलपीजी गैस और पेट्रोल की संभावित कमी की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन तैयारी कर रहा है।
जिलाधिकारी ने बताया कि बैठक का उद्देश्य एलपीजी गैस की कमी होने पर वैकल्पिक व्यवस्था बनाया जाना है। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सुझाव दिया कि होटल और अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा एलपीजी के साथ-साथ इंडक्शन चूल्हे का इस्तेमाल किया जा सकता है। साथ ही जरूरत पड़ने पर कोयला और लकड़ी को भी विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यतः आगामी यात्रा के समय आने वाले पर्यटकों या भीड़ के समय खाना बनाने की व्यवस्था प्रभावित न हो, इसलिए पहले से तैयारी की जानी आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि प्रशासन होटल और ढाबों को पहले से ही तैयारी सुनिश्चित करने का सुझाव दे रहा है ताकि किसी तरह की असुविधा से बचा जा सके। वैश्विक परिस्थितियों के कारण आने वाले समय में एलपीजी और पेट्रोल की सप्लाई में समस्या आने की आशंका को ध्यान में रखते हुए तैयारियों को मजबूत किया जा रहा है। इसी क्रम में आज वन विभाग, वन निगम तथा होटल एसोसिएशन के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि बैठक में उपस्थित वन विभाग व वन निगम के अधिकारियों को होटल एसोसिएशन को नियमानुसार लकड़ी उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया गया है ताकि ईंधन की कमी होने पर उसका उपयोग किया जा सके। उन्होंने कहा कि आने वाली चारधाम यात्रा के दौरान रुद्रप्रयाग में श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रहने की संभावना है इसलिए यात्रियों को रहने और खाने की बेहतर सुविधाएं मिलें और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसी उद्देश्य से होटल एसोसिएशन के साथ आज बैठक कर आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर वन विभाग के अधिकारियों सहित होटल एसोसिएशन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
गैस की कालाबाजारी , 22 घरेलू सिलेंडर जब्त
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के निर्देश के क्रम में जनपद में एलपीजी गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा गठित टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान टीमों ने बाजारों और दुकानों का औचक निरीक्षण कर घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध भंडारण और उपयोग की जांच की।
छापेमारी के दौरान एक टीम ने घोलतीर और सुमेरपुर बाजार क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 22 घरेलू गैस सिलेंडर बरामद कर जब्त किए। .जांच के दौरान पाया गया कि घरेलू उपयोग के लिए निर्धारित सिलेंडरों का व्यावसायिक कार्यों में इस्तेमाल किया जा रहा था, जो नियमों का उल्लंघन है। जब्त किए गए सिलेंडरों को नियमानुसार कब्जे में लेते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इस अभियान के दौरान पूर्ति निरीक्षक पी.बी. सती, पूर्ति निरीक्षक सी.एम. बरमोला, वीरेंद्र सिंह नेगी, एच.एस. रावत तथा थानाध्यक्ष रुद्रप्रयाग सुरेश बलूनी सहित पुलिस और प्रशासन के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
डीएम ने स्पष्ट किया है कि एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी और दुरुपयोग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे मामलों पर लगातार निगरानी रखते हुए समय-समय पर छापेमारी अभियान चलाया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति सुचारू रूप से मिलती रहे और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
