
– युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और लगन से साकार होगा विकसित भारत 2047 का संकल्प : सीएम धामी
– जीवन में व्यवहार, विनम्रता और संस्कार ही तय करते हैं हमारी असली पहचान
– युवा रोजगार लेने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनें : मुख्यमंत्री
– यूपीईएस का अब तक का सबसे बड़ा दीक्षांत समारोह छह दिनों तक चलेगा, जिसमें सरकार, इंडस्ट्री और शिक्षा जगत के प्रमुख प्रतिनिधि शैक्षणिक उत्कृष्टता का जश्न मनाने के लिए एक साथ आएंगे
देहरादून। देहरादून स्थित मल्टीडिसिप्लिनरी और एआई–फर्स्ट यूनिवर्सिटी, यूपीईएस का 24वां दीक्षांत समारोह आज शुरू हुआ। यह यूनिवर्सिटी का अब तक का सबसे बड़ा दीक्षांत समारोह है, जिसमें इस वर्ष कुल 4,795 छात्र ग्रेजुएट हो रहे हैं। इनमें रेगुलर प्रोग्राम्स के 3,806 छात्र और यूपीईएस ऑनलाइन के 989 छात्र शामिल हैं।
यह दीक्षांत समारोह 22 से 27 अक्टूबर तक छह दिनों तक चलेगा, जिसमें यूपीईएस के सात स्कूलों और यूपीईएस ऑनलाइन के छात्रों के लिए 12 अलग–अलग सेशन्स आयोजित किए जाएंगे। ये सेशन्स विभिन्न विषयों के ग्रेजुएट्स को सम्मानित करने के लिए एक विशेष मंच प्रदान करेंगे। इस दौरान ग्रेजुएट होने वाले छात्रों को डिग्रियां प्रदान की जाएंगी, जबकि यूनिवर्सिटी के मेधावी छात्रों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए मेडल्स देकर सम्मानित किया जाएगा।

समारोह की शुरुआत उद्घाटन कार्यक्रम के साथ हुई, जिसमें सभी स्कूलों के रिसर्च स्कॉलर्स को पीएचडी डिग्रियां प्रदान की गईं। इसके बाद यूपीईएस ऑनलाइन का दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर श्री पुष्कर सिंह धामी, माननीय मुख्यमंत्री, उत्तराखंड, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि डॉ. दुर्गेश पंत, डायरेक्टर जनरल, उत्तराखंड स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी यानी यूकॉस्ट, विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में डॉ. सुनील राय, वाइस चांसलर, यूपीईएस, ने यूनिवर्सिटी की वार्षिक रिपोर्ट 2025–26 प्रस्तुत की। इसके साथ ही शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए छात्रों को मेडल्स भी प्रदान किए गए।
24वें दीक्षांत समारोह के उद्घाटन दिवस पर डॉ. सुनील राय, वाइस चांसलर, यूपीईएस, ने कहा, “आज हम केवल शैक्षणिक उपलब्धियों का जश्न नहीं मना रहे हैं, बल्कि उस दृढ़ता, जिज्ञासा और महत्वाकांक्षा का भी सम्मान कर रहे हैं, जिन्होंने हमारे ग्रेजुएट्स को इस महत्वपूर्ण मुकाम तक पहुंचाया है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरती टेक्नोलॉजीज़ के कारण दुनिया तेजी से बदल रही है। ऐसे समय में शिक्षा का वास्तविक महत्व खुद को बदलाव के अनुरूप ढालने, इनोवेशन करने और सार्थक प्रभाव पैदा करने की क्षमता में है। यूपीईएस में हमारा ध्यान इंडस्ट्री–अलाइनड लर्निंग, रिसर्च, इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरियल माइंडसेट के माध्यम से भविष्य के लिए तैयार प्रोफेशनल्स विकसित करने पर रहा है। मुझे विश्वास है कि क्लास ऑफ 2026 इसी भावना को आगे बढ़ाएगी और ज्ञान को उद्देश्य, ईमानदारी और दुनिया में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रतिबद्धता के साथ जोड़ेगी।”
यूपीईएस उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण पिलर है – मुख्यमंत्री धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा – “किसी भी विश्वविद्यालय की वास्तविक सफलता केवल उसके इन्फ्रास्ट्रक्चर या कैंपस से नहीं मापी जा सकती, बल्कि उसकी पहचान होती है कि वहाँ से कितने प्रतिभावान छात्र–छात्राएँ निकले हैं, कितनों को उन्होंने तैयार किया है, और कितनों को जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है। मुझे यह कहते हुए गर्व होता है कि उच्च शिक्षा साथ–साथ रिसर्च, स्किल डेवलपमेंट और इंडस्ट्री की ज़रूरतों के हिसाब से बेहतरीन प्रतिभाओं को तैयार करने के क्षेत्र में यूपीईएस अपनी एक मजबूत पहचान बना चुका है। यूपीईएस उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण पिलर है। मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले दिनों में यूपीईएस एक्सीलेंस के रास्ते में आगे बढ़ता रहेगा और उत्तराखंड के नाम को न केवल भारत में बल्कि पूरी दुनिया में भी आगे बढ़ाएगा।”
उद्घाटन दिवस पर स्कूल ऑफ कंप्यूटर साइंस यानी एसओसीएस का दीक्षांत समारोह भी आयोजित किया गया, जिसमें बी.एससी., बीसीए, एमसीए और एम.टेक प्रोग्राम्स के ग्रेजुएट्स को डिग्रियां प्रदान की गईं। इस समारोह में प्रदीप बत्रा, माननीय मंत्री, उत्तराखंड सरकार, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि हर्ष माथुर, फाउंडर और सीटीओ, अपस्विंग कॉग्निटिव हॉस्पिटैलिटी सॉल्यूशन्स, विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। मेधावी छात्रों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए मेडल्स देकर सम्मानित भी किया गया।
23 और 24 अक्टूबर को स्कूल ऑफ कंप्यूटर साइंस के विभिन्न प्रोग्राम्स के दीक्षांत समारोह जारी रहेंगे। इन सेशन्स में सौरभ बहुगुणा, मोहन बाबू नेल्लोर, डायरेक्टर ऑफ इंजीनियरिंग, लिंक्डइन, डॉ. अरिजीत रॉय, ग्रुप डायरेक्टर, आईआईआरएस (इसरो); और डॉ. धर्मेंद्र सिंह यादव, डिप्टी डायरेक्टर जनरल, नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर यानी एनआईसी, मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इन समारोहों में सेल्सफोर्स, ईवाई इंडिया, लेनोवो, एमजीगेम्स और अन्य संगठनों के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे। स्कूल ऑफ लॉ यानी एसओएल का दीक्षांत समारोह 24 अक्टूबर को आयोजित होगा, जिसमें डॉ. धन सिंह रावत, माननीय मंत्री, उत्तराखंड सरकार, मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
25 अक्टूबर को स्कूल ऑफ बिजनेस यानी एसओबी द्वारा पोस्टग्रेजुएट और अंडरग्रेजुएट छात्रों के लिए अलग–अलग दीक्षांत समारोह आयोजित किए जाएंगे। इन समारोहों में क्रमशः कुमार नितेश, सीईओ, एजियो बिजनेस एंड ट्रेंड्स फुटवियर, और सुबोध उनियाल, माननीय मंत्री, उत्तराखंड सरकार, मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
26 अक्टूबर को स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज़ एंड टेक्नोलॉजी यानी एसओएचएसटी और स्कूल ऑफ डिजाइन यानी एसओडी के दीक्षांत समारोहों के साथ आगे बढ़ेगा। एसओएचएसटी के समारोह में डॉ. डी. श्रीनिवास रेड्डी, डायरेक्टर, सीएसआईआर–इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी यानी आईआईसीटी, हैदराबाद, मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके साथ डॉ. शिवकुमार कल्याणरमन, सीईओ, अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन यानी एएनआरएफ, का रिकॉर्डेड संबोधन भी प्रस्तुत किया जाएगा। स्कूल ऑफ डिजाइन के दीक्षांत समारोह में डिजाइन इंडस्ट्री के प्रतिष्ठित प्रतिनिधियों का स्वागत किया जाएगा। इस समारोह में श्री संजीव चोपड़ा, आईएएस (सेवानिवृत्त) और पूर्व डायरेक्टर, लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन यानी एलबीएसएनएए, मसूरी, मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
छह दिवसीय समारोह का समापन 27 अक्टूबर को स्कूल ऑफ एडवांस्ड इंजीनियरिंग यानी एसओएई और स्कूल ऑफ लिबरल स्टडीज़ एंड ह्यूमैनिटीज़ यानी एसओएलएसएच के दीक्षांत समारोहों के साथ होगा। इन समारोहों में क्रमशः रोहन एम. गणपति, सीईओ और सीटीओ, बेलाट्रिक्स एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड, और रोहित विश्वकर्मा, मैनेजिंग एडिटर, एनडीटीवी, मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। पूरे दीक्षांत समारोह के दौरान सरकार, इंडस्ट्री, शिक्षा जगत और रिसर्च संगठनों के प्रतिष्ठित प्रतिनिधि यूपीईएस के ग्रेजुएट्स की उपलब्धियों का जश्न मनाने के लिए शामिल होंगे।
इस छह दिवसीय आयोजन के माध्यम से यूपीईएस शैक्षणिक उत्कृष्टता, इंडस्ट्री कोलैबोरेशन, इनोवेशन और स्टूडेंट सक्सेस के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराता है। यूनिवर्सिटी का उद्देश्य अपने ग्रेजुएट्स को इस तरह तैयार करना है कि वे समाज और तेजी से बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में सार्थक योगदान दे सकें।


