
पहाड़ का सच देहरादून। भाजपा के कई बड़े दिग्गजों को पछाड़कर दिनेश आर्य ने उत्तराखंड से राज्यसभा के लिए टिकट हासिल करने में कामयाबी पा ली है। राज्य विधानसभा में भाजपा के पूर्ण बहुमत में होने के कारण दिनेश आर्य का चुना जाना तय है।
दिनेश आर्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की पृष्ठभूमि से आते हैं और लंबे समय से वैचारिक और जमीनी स्तर पर सक्रिय रहे हैं।
वह उत्तराखंड भाजपा के पुराने और कद्दावर संगठनात्मक चेहरों में गिने जाते हैं। वह कुमाऊं क्षेत्र के नैनीताल जिले के भाजपा जिलाध्यक्ष के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
दिनेश आर्य भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति (SC) मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
वर्तमान में दिनेश आर्य उत्तराखंड सरकार में राज्यस्तरीय पेयजल अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष हैं।
• आर्य मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बेहद करीबी और विश्वसनीय नेताओं में से एक माने जाते हैं। साल 2021 में जब पुष्कर सिंह धामी पहली बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बने थे, तब दिनेश आर्य ने उनके जनसंपर्क अधिकारी (PRO) के रूप में काम किया था और मुख्यमंत्री के प्रशासनिक व जन-कार्यों को करीब से संभाला था।
भाजपा आलाकमान ने संगठन के लिए समर्पित एक जमीनी कार्यकर्ता को तरजीह दी है। उत्तराखंड की राजनीति में क्षेत्रीय (कुमाऊं बनाम गढ़वाल) और सामाजिक संतुलन को साधने के लिए दिनेश आर्य का नाम सबसे उपयुक्त माना गया।
इस राज्यसभा सीट के लिए भाजपा की प्रदेश कोर कमेटी की बैठक में करीब 24 बड़े दावेदारों के नामों पर विचार हुआ था, जिनमें महिला, युवा और एससी-एसटी वर्ग के कई चेहरे शामिल थे। आखिरकार दिल्ली केंद्रीय चुनाव समिति ने दिनेश आर्य के नाम पर अंतिम मुहर लगाई।


