– कहा ,‘कलंक’ मिटाने के लिए जनता के जाऊंगा
– वीडियो पोस्ट में चंदन जीना की सम्पत्ति सीज करने पर जताई चिंता
पहाड़ का सच देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपने फेस बुक पेज पर एक बेहद भावुक पोस्ट और वीडियो साझा किया है, जिसमें उन्होंने खुद पर लग रहे आरोपों पर अपनी मां की कसम खाकर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि वे उनके ऊपर लगे कलंक को मिटाने के लिए जनता के बीच जाएंगे।
https://www.facebook.com/share/v/1EbmDJmG8s/
हाल ही में उनके पूर्व ओएसडी पर हुई ईडी की कार्रवाई और भर्ती घोटाले के आरोपों के बाद मचे सियासी घमासान के बीच उन्होंने यह बयान जारी किया है। हरीश रावत ने अपनी पोस्ट की शुरुआत “मां की सौगंध… सच के लिए आख़िरी दम तक संघर्ष करूंगा। कलंक का जवाब—सच और संघर्ष से” के नारे के साथ की।
उन्होंने लिखा कि वे अपने ऊपर लग रहे राजनीतिक कलंक को मिटाने के लिए सच की राह पर लड़ते रहेंगे। .उन्होंने लिखा, “मां मैं आपकी सौगंध खाता हूं, आपके दूध की सौगंध खाता हूं, मैंने कभी किसी को नौकरी देने के बदले एक पैसा लेना तो छोड़िए, मैंने उससे कभी चाय और पानी तक नहीं पिया।” इसके जरिए उन्होंने पूर्व में हुई भर्ती परीक्षाओं (जैसे 2016 VPDO भर्ती) से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है।
अपनी पोस्ट में भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि उनकी तीन माताएँ हैं—पहली जगत जननी देवी भवानी (माँ दुर्गा) जिनकी वे रोज पूजा करते हैं, दूसरी धरती माँ (उत्तराखंड) जिसने उन्हें पहचान दी और तीसरी उनकी अपनी मां। उन्होंने अपनी दिवंगत मां को याद करते हुए लिखा कि यदि उन्होंने जीवन में किसी भी काम के बदले गलत तरीके से पैसा लिया हो, तो मां उन्हें श्राप देकर कहें कि “हरीश तूने मेरे दूध को लज्जित करने का काम किया”।
उन्होंने दावा किया कि उन्होंने अपने जीवन का हर काम मां को साक्षी मानकर और उनके संस्कारों के मुताबिक ही किया है। हरीश रावत ने कहा कि वर्तमान में उनका स्वास्थ्य और उनका शरीर भले ही पूरी तरह गवाही न दे रहा हो, लेकिन अपनी बेगुनाही साबित करने और अपनी बात रखने के लिए उन्हें लोगों के बीच जाना ही होगा। उन्होंने पोस्ट के अंत में भावुक होकर लिखा— “माँ, मेरी रक्षा करना। मेरी रक्षा करना। मेरी रक्षा करना।
दूसरी तरफ देखें तो ईडी द्वारा नकदी , सोना व बेशकीमती घड़ियों की बरामदगी के बाद चंदन सिंह जीना पर किसी प्रकार के मुकदमे या गिरफ्तारी की कोई खबर नहीं है। ईडी ने छापे के बाद किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं की। अलबत्ता, पूर्व सीएम हरीश रावत पर भाजपा के खुले हमले और कुछ कांग्रेसी नेताओं की अंदरूनी मार के जबरदस्त चर्चे हैं। कहा तो यहां तक जा रहा है कि दलबदल करने वाले कुछ कांग्रेस के नेताओं के लिए पार्टी में हरीश रावत की सक्रियता बड़ी बाधा बन सकती है। इसलिए हरीश रावत पर चौतरफा बार हो रहा है।

