
गढ़वाल व कुमाऊं में सघन वृक्षारोपण कर बड़े धूमधाम से मनाया वृक्ष संरक्षण दिवस
पहाड़ का सच लैंसडाउन। वृक्ष संरक्षण दिवस पर समळौ॑ण संस्था द्वारा गढ़वाल व कुमाऊं में सघन वृक्षारोपण कर समाज व प्रकृति के बीच के अटूट रिश्ते को और प्रगाढ़ करने का काम किया गया। बेटी की याद में रोपे जाने वाले नन्हें पौधे से शुरू हुआ यह अभियान अब एक वृहद और प्रतिष्ठित स्वरूप ले चुका है।
गुरुवार 30जुलाई को वृक्ष संरक्षण दिवस पर पौड़ी गढ़वाल की ऐतिहासिक स्थली गढ़वाल रेजीमेंट लैंसडाउन परिसर में राठ क्षेत्र की प्रतिष्ठित संस्था समळौ॑ण द्वारा हर वर्ष की भान्ति इस वर्ष गढ़वाल रेजीमेंट ने सघन वृक्षारोपण किया गया। मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर विनोद नेगी ने वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं जवानों को इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए सेवानिवृत्ति उपरांत अपने क्षेत्रों में हर संस्कारों के अवसर पर समलौण पौधारोपण करने की अपील की।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि प्रकृति के प्रति प्रेम और उसकी सुरक्षा से ही हमारा भविष्य बच पाएगा, और आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक होगा।उन्होंने संस्था के उज्जवल भविष्य की मंगलमय कामना कर ढेर सारी शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम के मार्गदर्शक रेजीमेंट के कर्नल विजय तोमर ने कहा कि संस्था का कार्य बड़ा अद्वितीय एवं अनुकरणीय है। समलौण हमारी गढ़वाल राइफल के लिए प्रेरणादायक है। आज संस्था द्वारा 500 बांज एवं देवदार के समलौण पौधों का रोपण कर समळौ॑ण वन की स्थापना की गई जिनका संरक्षण करना हम सबका परम कर्तव्य है।

कार्यक्रम का संचालन संस्था के सचिव नरेंद्र सिंह नेगी ने किया। उन्होंने कहा कि समलौण पहल आज सम्पूर्ण राज्य ही नहीं अपितु देश के अन्य राज्यों में भी समाज के बीच पहचान बना चुकी है, जिसमें समलौण सेना के रूप में ग्रामीण स्तर पर ग्रामीण एवं शहरों में हर संस्कारों के अवसर पर समळौ॑ण पौधारोपण का कार्य व्यापक स्तर पर एक रीति रिवाज एवं परंपरा बन चुकी है,जो कि हर किसी के मन का भावनात्मक आंदोलन बन गया है।
संस्था के अध्यक्ष मनोज रोथाण ने संस्था के लक्ष्य और उद्देश्यों पर विस्तार से जानकारी दी। उक्त अवसर पर संस्थापक बीरेंद्र दत्त गोदियाल ने कहा कि वृक्ष संरक्षण दिवस हमारी संस्था का संकल्प है, हमारे मन में इसका प्रादुर्भाव वर्ष 2020 में उत्पन्न हुआ। राठ क्षेत्र की आराध्य देवी मां बू॑खाल का॑लिका में पशुवलि प्रथा को बंद करने 30 जुलाई 2010 को प्रख्यात पशु प्रेमी सांसद श्रीमती मेनका गांधी एक सेमिनार में राजकीय इंटर कॉलेज चौ॑रीखाल में आई।

उस अवसर पर मैंने उनके हाथों विद्यालय परिसर में उन निरीह पशुओं की याद में काफल का समलौण पौधा रोपकर उनकी आत्मा की शांति हेतु प्रार्थना की। उक्त पौधे का संरक्षण की जिम्मेदारी कॉलेज के प्रधानाचार्य को दी। उस पौधे ने वृक्ष का रूप ले लिया।
गोदियाल ने कहा कि तब मेरे मन में एक ख्याल आया कि जिस प्रकार से हम अपने और अपने बच्चों का जन्मदिवस बड़े धूमधाम से मनाते हैं क्यों न हम वृक्षों का भी जन्म दिवस मनाएं। इसलिए 30 जुलाई 2020 को उसे वृक्ष की 10वीं वर्षगांठ पर बड़े धूमधाम से वृक्षजन्मोत्सव मनाया गया। उसी दिन यह संकल्प लिया गया कि इस तिथि को हर वर्ष गांव के खाली स्थान में जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीण समलौण सेनाओ॑ के अथक सहयोग से सघन वृक्षारोपण कर समळौ॑ण वन की स्थापना की जाएगी,जो हर निरन्तर जारी है। इसे हर जन के अन्दर पर्यावरण के प्रति जागरूकता उत्पन्न होती है।
उन्होंने कहा कि इस पहल से हिमालय बच पाएगा और उससे निकलने वाली नदियां भी जीवित रहेंगी। जंगली जीव भी सुरक्षित रहेंगे और हमारा भविष्य भी बच पाएगा। उन्होंने जंगलों को आग से बचाने और उनके संरक्षण करने की अपील की।
मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी vsm,
डिप्टी कमांडर कुलदीप सिरोह सेना मेडल, ले. कर्नल विजय तोमर ,रिकॉर्ड ऑफिसर प्रताप सिंह , ट्रेनिंग बटालियन कमांडर सुमित लिंगवाल ,sm नंद किशोर , चियर पर्सन
श्रीमती रेखा नेगी FWO को समलोंण संस्था द्वारा स्मृति चिन्ह एवं अंग वस्त्र से सम्मानित किया गया।
संस्था के संस्थापक वीरेंद्र दत्त गोदियाल और सचिव नेगी ने अपील करते हुए कहा कि राज्य सरकार 30 जुलाई को वृक्ष संरक्षण दिवस घोषित करे। मांगल गीत के साथ हुआ सेना के अधिकारियों का स्वागत किया गया।
इस अवसर पर समळौ॑ण आन्दोलन के राज्य संयोजक मातबर सिंह बर्त्वाल, संयोजिका श्रीमती सावित्री देवी म॑मगाई, जिला संयोजक समलौण पवन पटवाल, अध्यक्ष मनोज रौथाण, उपाध्यक्ष मुकेश नौड़ियाल, कोषाध्यक्ष नथीराम नौड़ियाल, सचिव नरेंद्र सिंह नेगी, आजीवन सदस्य भगवानसिंह गुसाईं, सदस्य महावीर प्रसाद नौड़ियाल, सचिन पुसोला, संस्था के सलाहकार विश्वबन्धु नेगी , श्रीमती सरस्वती देवी आदि गढ़वाल राइफल के अधिकारी एवं जवान अधिक संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन समलौण संस्था के सचिव नरेंद्र सिंह नेगी जी ने किया।

अल्मोड़ा: जनपद अल्मोड़ा के विकास खण्ड सल्ट के गढ़ कुमाऊं अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज सराई॑खेत में समळौ॑ण आन्दोलन के तहत शिक्षकों एवं छात्र छात्राओं के मध्य पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के तहत विद्यालय परिसर में वृक्ष संरक्षण दिवस के अवसर 40बा॑ज, 20काफल, 10बु॑राश, 10 देवदार, 20तिलो॑ज सहित 100 समळौ॑ण पौधों का रोपण कर एक छात्र एक वृक्ष लगाकर सघन वृक्षारोपण कार्य कर समळौ॑ण वन की स्थापना की गयी।
कार्यक्रम का संचालन अल्मोड़ा जनपद के समळौ॑ण आन्दोलन के जिला संयोजक श्याम सिंह गुसाईं एवं थलीसैंण विकास खण्ड के समळौ॑ण संयोजक ललिता प्रसाद मंमगाई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। उन्होंने कहा वृक्ष बिना जीवन संभव नहीं है,यह हमारे जीवन के आधार होते हैं,इनसे हमें प्राणवायु के रूप में ऑक्सीजन प्राप्त होती है, इसलिए इनका संरक्षण करना हम मानव का परम कर्तव्य है।
उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं से एक वृक्ष एक छात्र के नाम से रोपित पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी आप सबकी है,जो भविष्य में पल्लवित पोषित होकर वृक्ष बनकर पर्यावरण संरक्षण को बचाने का संदेश देने के साथ-साथ आने वाले बच्चों के लिए एक प्रेरणा सूत्र बनेगा।
उन्होंने कहा कि आज का दिन समळौ॑ण संस्था का संकल्प वृक्ष संरक्षण दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिसमें छात्र छात्राओं एवं आम जनमानस को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया जाता है। उन्होंने जंगलों को आग से बचाने और उनका संरक्षण करने की अपील की। उक्त अवसर पर प्रधानाचार्य पुष्कर राम ने संस्था के कार्य की सराहना कर वृक्षारोपण आज की आवश्यकता बहुत जरूरी है पर बल दिया। उन्होंने सभी छात्रों से समलौण पहल के तहत अपने-अपने जन्म दिवस के अवसर पर विद्यालय परिसर में समलौण पौधारोपण करने हेतु प्रेरित किया।
उक्त अवसर पर पी टी ए अध्यक्ष इन्द्र सिंह नेगी, राजेंद्र सिंह, खुशीराम, शिवराज सिंह तड़ियाल, शिक्षक एवं शिक्षिकाए॑ एवं छात्र छात्राएं उपस्थित थे।

