
बिजली बचत के साथ देगा अर्थ लीकेज की भी समय रहते चेतावनी
पहाड़ का सच देहरादून। ऊर्जा निगम के प्रवक्ता ने दावा किया है कि स्मार्ट मीटर अब केवल बिजली की खपत मापने वाला उपकरण नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा और बिजली की बचत का एक भरोसेमंद साथी बन गया है। नवीन तकनीक से युक्त स्मार्ट मीटर में अब ऐसी सुविधा उपलब्ध है, जो घर के विद्युत तंत्र में अर्थ लीकेज (Earth Leakage) होने की स्थिति में उपभोक्ता को समय रहते सचेत करती है।

यूपीसीएल ने अर्थ लीकेज की समस्या स्मार्ट मीटर द्वारा पहचाने जाने पर इस स्थिति को एसएमएस के माध्यम से उपभोक्ताओं को अवगत कराया जाना प्रारम्भ कर दिया गया है। अर्थ लीकेज होने पर स्मार्ट मीटर पर इसका स्पष्ट संकेत प्रदर्शित होता है तथा पंजीकृत मोबाइल नंबर पर तत्काल अलर्ट संदेश भी भेजा जाता है। इससे उपभोक्ता समय रहते आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई कर सकता है और सभावित दुर्घटनाओं से बच सकता है। इस सुविधा एवं जानकारी से उपभोक्ताओं को अनेक लाभ होंगे।
स्मार्ट मीटर के प्रमुख लाभ
विद्युत सुरक्षा में वृद्धि : अर्थ लीकेज की समय पर जानकारी मिलने से बिजली के झटके एवं अन्य विद्युत दुर्घटनाओं की संभावना कम होती है।
अग्नि दुर्घटनाओं से बचाव: वायरिंग में लीकेज या खराबी के कारण उत्पन्न होने वाले जोखिमों की समय पर पहचान होने से आग लगने जैसी घटनाओं की आशंका कम होती है।
अनावश्यक बिजली खपत पर नियंत्रण: अर्थ लीकेज के कारण होने वाली अतिरिक्त एवं अनचाही बिजली की खपत से बचाव होता है, जिससे बिजली बिल भी नियंत्रित रहता है।
समय पर सुधार की सुविधा: मोबाइल अलर्ट प्राप्त होते ही उपभोक्ता योग्य इलेक्ट्रीशियन से जांच एवं मरम्मत कराकर समस्या का शीघ्र समाधान कर सकता है।
सुरक्षित और स्मार्ट जीवनशैली आधुनिक तकनीक से लैस स्मार्ट मीटर उपभोक्ता को बिजली की बेहतर निगरानी, पारदर्शिता और सुरक्षा प्रदान करता है।
यूपीसीएल का उद्देश्य केवल निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना ही नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित, जागरूक और तकनीक सक्षम सेवाएं उपलब्ध कराना भी है। स्मार्ट मीटर इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो बिजली प्रबंधन को अधिक सरल, पारदर्शी और सुरक्षित बनाता है।
निगम सभी उपभोक्ताओं से अपील करता है कि यदि स्मार्ट मीटर पर अर्थ लीकेज का संकेत दिखाई दे अथवा मोबाइल पर अलर्ट प्राप्त हो, तो इसे नजरअंदाज न करें। तत्काल अपने परिसर की विद्युत वायरिंग एवं उपकरणों की जांच कराएं। छोटी-सी सावधानी न केवल अनावश्यक बिजली की खपत को रोक सकती है, बल्कि आपके परिवार और संपत्ति की सुरक्षा भी सुनिश्चित कर सकती है।
स्मार्ट मीटर अपनाइए बिजली बचाइए, सुरक्षा बढ़ाइए और तकनीक के साथ स्मार्ट भविष्य की ओर कदम बढ़ाइए।
उत्तराखंड के गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में बिजली के स्मार्ट मीटर लगाने की जिम्मेदारी मुख्य रूप से दो प्रमुख कंपनियों को दी गई है। कुमाऊं मंडल के लिए Adani Energy Solutions और गढ़वाल मंडल के लिए Genus Power Infrastructures Ltd (Garhwal Smart Metering Pvt Ltd)।
मंडल-वार कंपनियों का विवरणकुमाऊं मंडल (Kumaon Region):कंपनी: Adani Energy Solutions (अडानी ग्रुप)लक्ष्य/कार्य: कुमाऊं क्षेत्र में लगभग 7 लाख (6.55 लाख) स्मार्ट मीटर लगाने और एडवांस मीटरिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर (AMI) विकसित करने का अनुबंध
दूरसंचार सहयोग: बेहतर नेटवर्क और कनेक्टिविटी के लिए एयरटेल (Airtel) कंपनी के साथ करारगढ़वाल मंडल (Garhwal Region):कंपनी: Genus Power Infrastructures Ltd (जीनस पावर) तथा इसकी विशेष प्रयोजन इकाई Garhwal Smart Metering Private Limitedलक्ष्य/कार्य: गढ़वाल क्षेत्र (जैसे देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, रुड़की आदि) में लगभग 9.5 लाख स्मार्ट मीटर स्थापित करने का जिम्मा।*

