
पहाड़ का सच देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल( रिटायर्ड) भुवन चंद्र खंडूडी का निधन का मंगलवार को निधन हो गया है। उनके निधन से प्रदेश में शोक की लहर है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनके निधन पर गहरा शोक जताया है।
पूर्व मुख्यमंत्री खंडूडी ने मंगलवार को मैक्स अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन से प्रदेश में शोक की लहर दौड़ है। मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी भारतीय सेना में सेवाएं देने के बाद राजनीति में आए और अपनी साफ-सुथरी छवि, ईमानदार प्रशासन और सुशासन के लिए पहचाने जाते थे। उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में दो कार्यकाल संभाले और राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूडी ने 1954 से 1990 तक भारतीय सेना की कोर ऑफ इन्जिनीयर्स में सेवा की। भारतीय सेना में विशिष्ट सेवा के लिए उन्हे 1982 में राष्ट्रपति द्वारा अति विशिष्ट सेवा मैडल प्रदान किया गया। सेवानिवृत्ति के बाद वे राजनीति में आए और 1991 और उसके बाद के चुनावों में उत्तराखण्ड के गढ़वाल क्षेत्र से लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए। वे केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री रहे और दो बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे। .मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ राजनेता मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (सेवानिवृत्त) के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खंडूड़ी ने भारतीय सेना में रहते हुए राष्ट्र सेवा, अनुशासन एवं समर्पण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया।सार्वजनिक जीवन में भी उन्होंने उत्तराखंड के विकास, सुशासन, पारदर्शिता और ईमानदार कार्यशैली की मजबूत पहचान बनाई। उन्होंने प्रदेशहित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लेकर विकास को नई दिशा प्रदान की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खंडूड़ी की सादगी, स्पष्टवादिता एवं कार्यकुशलता सदैव प्रेरणास्रोत रहेगी। उनका निधन उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी अपूरणीय क्षति है।
मुख्यमंत्री ने ईश्वर से पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान तथा शोक संतप्त परिजनों एवं समर्थकों को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।

