
उत्तराखंड क्रांति दल के वरिष्ठ नेताओं ने पूर्व सैनिकों की हौंसला अफजाई की
देहरादून। भूतपूर्व सैनिकों द्वारा देहरादून महानगर में यातायात पुलिस की मदद के लिए विभिन्न चौराहों पर ट्रैफिक व्यवस्था को संभालते हुए ट्रैफिक का संचालन किया। सैनिकों की राष्ट सेवा से निवृत्त के बाद प्रदेश मे आमजनमानस की सेवा की भावना के लिए उत्तराखंड क्रांति दल, देश और प्रदेश के सभी सैनिकों का सम्मान करता है।
जहॉं सैनिकों ने स्वेच्छा से ट्रैफिक व्यवस्था को संभालनें का निर्णय लिया, वहीं उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकारी अध्यक्ष, जयप्रकाश उपाध्याय एवं दल के वरिष्ठ नेता लताफत हुसैन नें ट्रैफिक के संचालन में तैनात पूर्व सैनिको एवं पुलिस के जवानों का हौसला अफजाई करने के लिए विभिन्न चौराहों पर जाकर पानी की वोतलें वितरण की, उन्होंने कहा कि ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालन करना अपने आप में एक बहुत बड़ी चुनौती है। हमारे प्रदेश के पुलिस कर्मी इतनी कड़ी गर्मी के बावजूद ट्रैफिक में सड़क में दिनभर खड़े होकर ट्रैफिक संचालन करते हैं।

देहरादून महानगर मे यातायात पुलिस के साथ अधिकतर चौराहों पर सैनिक ट्रैफिक व्यवस्था के लिए पुलिस कर्मियों का सहयोग करते रहे। उन्होंने पाया कि अधिकतर चौराहों पर रेड लाइट सुचारू रूप से नहीं चल रही थी, जबकि स्मार्ट सिटी बनने के बाद रेड लाइट का खराब होना संदेह पैदा करता है। सैनिकों का कहना है कि वर्तमान में केवल देहरादून की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए चिंतित हैं, आरोप और प्रत्यारोप से हटकर वास्तविकता से कार्य किया जा सकता है, यह देखने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की योजनाओं में धन का दुरुपयोग होने से राज्य की जनता और पुलिसकर्मियों को असुविधा का सामना करना पड रहा है। इसी क्रम में केंद्रीय महामंत्री देव चंद उत्तराखंडी ने कहा कि उत्तराखंड क्रांति दल में सैनिक प्रकोष्ठ राजनीति से हटकर प्रदेश के लिए हर विषम परिस्थिति में लगातार काम करनें के लिए तैयार है। कर्नल सुनील चौहान (से0नि0) एवं उनकी टीम के सैनिको से बातचीत से पता चला है, कि सैनिक संगठन ने निर्णय लिया है कि वे देहरादून यातायात पुलिस के साथ मिलकर ट्रैफिक व्यवस्था मजबूत और सुदृढ़ करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।

इस दौरान दल के वरिष्ठ नेता जयप्रकाश उपाध्याय एवं दल के वरिष्ठ नेता लताफत हुसैन देव चंद उत्तराखण्डी, बिहारी लाल जगूड़ी और राजेंद्र प्रधान, ने शहर का भ्रमण किया और चौराहों पर उत्तराखंड के स्थानीय पुलिस के साथ ट्रैफिक संभलाते पूर्व सैनिकों को जल वितरण किया। इससे लगता है, उत्तराखंड क्रांति दल ही एक मात्र दल है,जो हर विषम परिस्थिति मैं राज्य की कमांड को संभाल सकता है। इसको लेकर प्रदेश भर में उत्तराखंड क्रांति दल के सैनिक प्रकोष्ठ की प्रशंसा की जा रही है,और स्थानीय जनता का दल के प्रति विश्वास भी उत्पन्न हो रहा है।

