
AIDEF के 28वें राष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य आगाज़, निजीकरण और श्रमिक अधिकारों पर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ उठी आवाज
महासंघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित, केरल में अगला सम्मेलन
देहरादून। अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी महासंघ (AIDEF) के 28वें राष्ट्रीय सम्मेलन के आखिरी दिन राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा की गई। एस एन पाठक अध्यक्ष,बालकृष्ण उपाध्यक्ष, अशोक शर्मा (देहरादून) व सी कुमार महासचिव चुने गए। अगला त्रिवार्षिक सम्मेलन ” केरल चलो ” के नाम से केरल में आयोजित किया जाएगा। . गुरुवार को देहरादून में अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी महासंघ (AIDEF) के 28वें राष्ट्रीय सम्मेलन की शुरुआत हुई। सम्मेलन के पहले ही दिन देशभर से पहुंचे हजारों रक्षा असैनिक कर्मचारियों और श्रमिक नेताओं के उत्साह ने आयोजन स्थल पर कार्यक्रम की शुरुआत जुलूस और झंडारोहण के साथ हुई। फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस.एन. पाठक और महासचिव सी कुमार कार्यकर्ताओं के जुलूस के साथ आयोजन स्थल पहुंचे। इसके बाद शहीदों की स्मृति में श्रद्धांजलि दी गई तथा श्रमिक एकता के नारों के बीच सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन किया गया।

सम्मेलन में देश की तीन प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के शीर्ष नेताओं ने भाग लिया। एटक की राष्ट्रीय महासचिव अमरजीत कौर, एचएमएस के राष्ट्रीय महासचिव हरभजन सिंह सिद्धू तथा सीटू के महासचिव सबा करीम ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार की निजीकरण, निगमीकरण और श्रमिक विरोधी नीतियों पर गंभीर चिंता व्यक्त की। नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों के ट्रेड यूनियन अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा और सार्वजनिक क्षेत्र पर लगातार हमले हो रहे हैं, जिनके खिलाफ संगठित संघर्ष की आवश्यकता है। सम्मेलन में आयुध निर्माणियों के कॉरपोरेटाइजेशन, आउटसोर्सिंग, संविदा व्यवस्था, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, आठवें वेतन आयोग, श्रमिक विरोधी लेबर कोड्स तथा कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से उठाए गए। फेडरेशन ने 8वें वेतन आयोग में न्यूनतम मूल वेतन 69 हजार निर्धारित करने और फिटमेंट फैक्टर 3.833 लागू करने की मांग को भी दोहराया।
दीप प्रज्वलन के बाद आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सम्मेलन को विशेष रंग प्रदान किया। उत्तराखंड की लोक संस्कृति, पारंपरिक लोकनृत्य और लोक कलाओं की मनमोहक प्रस्तुतियों ने देशभर से आए प्रतिनिधियों को आकर्षित किया और देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया।
सम्मेलन में रक्षा असैनिक कर्मचारियों के भविष्य के आंदोलन, संगठनात्मक रणनीति और संघर्ष कार्यक्रमों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा। सम्मेलन के समापन पर “देहरादून घोषणा” जारी किए किया गया। सम्मेलन में देहरादून के विभिन्न रक्षा संस्थानों से संबद्ध यूनियनों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया। इनमें विनय मित्तल, नंदन सिंह बिष्ट, आशीष भंडारी, पदम सिंह, धीरेंद्र रावत, नरेश पंत तथा जगदीश कुकरेती ‘जग्गी’ प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
शुक्रवार को राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन विभिन्न निदेशालयों की अहम बैठकें सम्पन्न हुई। 28वें त्रैवार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन देशभर से आए रक्षा क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने विभिन्न विभागों की समस्याओं और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को जोरदार तरीके से सदन के समक्ष रखा। सम्मेलन में आयुध निर्माणियां, डीआरडीओ, एमईएस, ईएमई, नेवल डॉकयार्ड, एयरफोर्स, डीजीक्यूए, डीजीएफएमएस सहित रक्षा क्षेत्र की विभिन्न संस्थाओं के 100 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया और अपने-अपने विभागों की जमीनी समस्याओं, कर्मचारियों की कठिनाइयों तथा भविष्य की चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की।
ईव2सम्मेलन के दौरान सभी संस्थाओं की डायरेक्टरेट वाइज बैठकें आयोजित की गईं, जिनमें संबंधित विभागों की समस्याओं पर गंभीर मंथन और विचार-विमर्श किया गया। प्रतिनिधियों ने कर्मचारियों की सेवा शर्तों, रिक्त पदों, निजीकरण की नीतियों, संसाधनों की कमी तथा श्रमिक हितों से जुड़े अनेक को संबोधित किया। उन्होंने आश्वस्त किया कि कर्मचारियों से जुड़े सभी मुद्दों और समस्याओं को सम्मेलन में प्रस्ताव के रूप में पारित कर केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि महासंघ कर्मचारियों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्षरत है तथा सरकार से सकारात्मक समाधान निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
प्रतिनिधियों ने अपने संबोधन में महासंघ के महामंत्री द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट का सर्वसम्मति से अनुमोदन किया तथा संगठन की गतिविधियों और संघर्षों की सराहना की। साथ ही सम्मेलन के भव्य एवं सुव्यवस्थित आयोजन के लिए आयोजन समिति की मुक्तकंठ से प्रशंसा की गई। देशभर से आए प्रतिनिधियों ने कहा कि देहरादून में जिस आत्मीयता और अनुशासन के साथ सम्मेलन का आयोजन किया गया है, वह अत्यंत सराहनीय है।
सम्मेलन में आयोजन समिति की ओर से अध्यक्ष विनय मित्तल, महासचिव नंदन सिंह बिष्ट, संयोजक अशोक शर्मा, आशीष भंडारी एवं प्रमोद पाठक, पुरुषोत्तम भट्ट, धीरेन्द्र रावत, जगदीश कुकरेती सक्रिय रूप से उपस्थित रहे। वहीं महासंघ की ओर से छबीलाल यादव, आर.एस. रेड्डी, राजेंद्र झा सहित अनेक वरिष्ठ नेता एवं पदाधिकारी कार्यक्रम में मौजूद रहे। . राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन विभिन्न निदेशालयों की अहम बैठकें सम्पन्न
देहरादून। देहरादून में आयोजित अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी महासंघ (AIDEF) के 28वें त्रैवार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन देशभर से आए रक्षा क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने विभिन्न विभागों की समस्याओं और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को जोरदार तरीके से सदन के समक्ष रखा। .सम्मेलन में आयुध निर्माणियां, डीआरडीओ, एमईएस, ईएमई, नेवल डॉकयार्ड, एयरफोर्स, डीजीक्यूए, डीजीएफएमएस सहित रक्षा क्षेत्र की विभिन्न संस्थाओं के 100 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया और अपने-अपने विभागों की जमीनी समस्याओं, कर्मचारियों की कठिनाइयों तथा भविष्य की चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की।
सम्मेलन के दौरान सभी संस्थाओं की डायरेक्टरेट वाइज बैठकें आयोजित की गईं, जिनमें संबंधित विभागों की समस्याओं पर गंभीर मंथन और विचार-विमर्श किया गया। प्रतिनिधियों ने कर्मचारियों की सेवा शर्तों, रिक्त पदों, निजीकरण की नीतियों, संसाधनों की कमी तथा श्रमिक हितों से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। बैठकों में इस बात पर विशेष चिंता व्यक्त की गई ।

