
ज्योतिष इंद्रमोहन डंडरियाल
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक – 05 जुलाई 2026*
🌤️ *दिन – रविवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन – उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु – वर्षा ॠतु*
🌤️ *अमांत – 21 गते आषाढ़ मास प्रविष्टि*
🌤️ *राष्ट्रीय तिथि – 14 आषाढ़ मास*
🌤️ *मास – आषाढ*
🌤️ *पक्ष – कृष्ण*
🌤️ *तिथि – पंचमी दोपहर 01:30 तक तत्पश्चात षष्ठी*
🌤️ *नक्षत्र – शतभिषा शाम 03:12 तक तत्पश्चात पूर्वभाद्रपद*
🌤️ *योग – आयुष्मान शाम 04:40 तक तत्पश्चात सौभाग्य*
🌤️*राहुकाल – शाम 05:33 से शाम 07:17 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 05:21*
🌤️ *सूर्यास्त – 07:22*
👉 *दिशाशूल – पश्चिम दिशा मे*
🚩*व्रत पर्व विवरण-
💥*विशेष- पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
*💥 रविवार के दिन तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
💥 *रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90)*
💥 *रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75)*
💥 *स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए। इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं।*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🌷 *मन्दिर में light कैसी हो* 🌷
👉🏻 *शिव मन्दिर में लप- झप कराने वाली light है तो शिव दर्शन से दूर करती… लप-झप करानेवाली lights मन्दिर में, पूजा के जगह पे रखना नुकसान का काम है, फायदा नहीं … चंचलता बढ़ेगी……*
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌷 *समस्त रोगनाशक उपाय* 🌷
👉🏻 *स्वास्थ्यप्राप्ति हेतु सिर पर हाथ रख के या संकल्प कर इस मंत्र का १०८ बार उच्चारण करें*
🌷 *अच्युतानन्तगोविन्दनामोच्चारणभेषजात् |*
*नश्यन्ति सकला रोगा: सत्यं सत्यं वदाम्यहम् ||*
👉🏻 *‘हे अच्च्युत ! हे अनंत ! हे गोविंद ! – इस नामोच्चारणरूप औषध से समस्त रोग नष्ट हो जाते हैं, यह मैं सत्य कहता हूँ …. सत्य कहता हूँ |’*
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌷 *स्नान* 🌷
➡️ *गो-झरण से स्नान कराने से रोग नष्ट होंगे पाप नष्ट होंगे…स्नान में गो-झरण डाले…पंचगव्य से स्नान करने से पापनाशिनी उर्जा मिलती है ।*
➡️ *कभी बिलि के पत्ते से स्नान करो , कभी उबटन का स्नान करो..कभी गो-झरण का स्नान करो तो कभी दही लगा के स्नान करो… दही लगाके स्नान करने से लक्ष्मी प्राप्ति होती है ..ये सभी शरीर के लिए है….शरीर स्वस्थ रख के अंतरात्मा में आने के लिए ये सब है…*

