
ज्योतिष इंद्रमोहन डंडरियाल

🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक – 04 मई 2026*
🌤️ *दिन – सोमवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन – उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु – ग्रीष्म ॠतु*
⛅ *अमांत – 21 गते वैशाख मास प्रविष्टि*
⛅ *राष्ट्रीय तिथि – 14 वैशाख मास*
🌤️ *मास – ज्येष्ठ (गुजरात- महाराष्ट्र वैशाख)*
🌤️ *पक्ष – कृष्ण*
🌤️ *तिथि – तृतीया 05 मई प्रातः 05:24 तक तत्पश्चात चतुर्थी*
🌤️ *नक्षत्र – अनुराधा सुबह 09:58 तक तत्पश्चात ज्येष्ठा*
🌤️ *योग – परिघ रात्रि 11:20 तक तत्पश्चात शिव*
🌤️*राहुकाल – सुबह 07:15 से सुबह 08:55 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 05:33*
🌤️ *सूर्यास्त – 06:56*
👉 *दिशाशूल – पूर्व दिशा मे*
🚩 व्रत पर्व विवरण-
💥 *विशेष – तृतीया को पर्वल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🌷 *मंगलवारी चतुर्थी* 🌷
➡️ *05 मई 2026 मंगलवार को सूर्योदय से 06 मई सूर्योदय तक मंगलवारी चतुर्थी है।*
🙏 *मंगलवारी चतुर्थी को सब काम छोड़ कर जप-ध्यान करना …जप, ध्यान, तप सूर्य-ग्रहण जितना फलदायी है…*
🌷 *> बिना नमक का भोजन करें*
🌷 *> मंगल देव का मानसिक आह्वान करो*
🌷 *> चन्द्रमा में गणपति की भावना करके अर्घ्य दें*
💵 *कितना भी कर्ज़दार हो .. काम धंधे से बेरोजगार हो ..रोज़ी रोटी तो मिलेगी और कर्जे से छुटकारा मिलेगा |*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🌷 *कोई कष्ट हो तो* 🌷
➡️ *05 मई 2026 मंगलवार को संकष्ट चतुर्थी (चन्द्रोदय रात्रि 10:20)*
🙏🏻 *हमारे जीवन में बहुत समस्याएँ आती रहती हैं, मिटती नहीं हैं ।, कभी कोई कष्ट, कभी कोई समस्या | ऐसे लोग शिवपुराण में बताया हुआ एक प्रयोग कर सकते हैं कि, कृष्ण पक्ष की चतुर्थी (मतलब पुर्णिमा के बाद की चतुर्थी ) आती है | उस दिन सुबह छः मंत्र बोलते हुये गणपतिजी को प्रणाम करें कि हमारे घर में ये बार-बार कष्ट और समस्याएं आ रही हैं वो नष्ट हों |*
👉🏻 *छः मंत्र इस प्रकार हैं –*
🌷 *ॐ सुमुखाय नम: : सुंदर मुख वाले; हमारे मुख पर भी सच्ची भक्ति प्रदान सुंदरता रहे ।*
🌷 *ॐ दुर्मुखाय नम: : मतलब भक्त को जब कोई आसुरी प्रवृत्ति वाला सताता है तो… भैरव देख दुष्ट घबराये ।*
🌷 *ॐ मोदाय नम: : मुदित रहने वाले, प्रसन्न रहने वाले । उनका सुमिरन करने वाले भी प्रसन्न हो जायें ।*
🌷 *ॐ प्रमोदाय नम: : प्रमोदाय; दूसरों को भी आनंदित करते हैं । भक्त भी प्रमोदी होता है और अभक्त प्रमादी होता है, आलसी । आलसी आदमी को लक्ष्मी छोड़ कर चली जाती है । और जो प्रमादी न हो, लक्ष्मी स्थायी होती है ।*
🌷 *ॐ अविघ्नाय नम:*
🌷 *ॐ विघ्नकरत्र्येय नम:*
🚩*~ सनातन पंचांग ~*🚩
🙏🍀🌻🌹🌸💐🍁🌷🌺🙏
क्रमश:…………

