
ज्योतिष इंद्रमोहन डंडरियाल
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🌤️ *दिनांक – 31 मार्च 2025*
🌤️ *दिन – सोमवार*
🌤️ *विक्रम संवत – 2082*
🌤️ *शक संवत – 1947*
🌤️ *अयन – उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु – वसंत ऋतु*
🌤️ *अमांत – 18 गते चैत्र मास प्रविष्टि*
🌤️ *राष्ट्रीय तिथि – 10 चैत्र मास*
🌤️ *मास – चैत्र*
🌤️ *पक्ष – शुक्ल*
🌤️ *तिथि – द्वितीया सुबह 09:11 तक तत्पश्चात तृतीया*
🌤️ *नक्षत्र – अश्विनी दोपहर 01:45 तक तत्पश्चात भरणी*
🌤️ *योग – वैधृति दोपहर 01:46 तक तत्पश्चात विष्कंभ*
🌤️ *राहुकाल – सुबह 07:44 से सुबह 09:16 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 06:09*
🌤️ *सूर्यास्त – 06:34*
👉 *दिशाशूल – पूर्व दिशा में*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- गौरी तृतीया, गणगौर, तृतीया क्षय तिथि*
💥 *विशेष – द्वितीया को बृहती (छोटा बैंगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🌷 *मंगलवारी चतुर्थी* 🌷
🙏 *मंगलवारी चतुर्थी को सब काम छोड़ कर जप-ध्यान करना …जप, ध्यान, तप सूर्य-ग्रहण जितना फलदायी है…*
🌷 *> बिना नमक का भोजन करें*
🌷 *> मंगल देव का मानसिक आह्वान करो*
🌷 *> चन्द्रमा में गणपति की भावना करके अर्घ्य दें*
💵 *कितना भी कर्ज़दार हो ..काम धंधे से बेरोजगार हो ..रोज़ी रोटी तो मिलेगी और कर्जे से छुटकारा मिलेगा |*
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🌷 *मंगलवार चतुर्थी* 🌷
👉 *भारतीय समय के अनुसार 01 अप्रैल 2025 को (सूर्योदय से रात्रि 02:32 तक) चतुर्थी है, इस महा योग पर अगर मंगल ग्रह देव के 21 नामों से सुमिरन करें और धरती पर अर्घ्य देकर प्रार्थना करें, शुभ संकल्प करें तो आप सकल ऋण से मुक्त हो सकते हैं..*
*👉🏻मंगल देव के 21 नाम इस प्रकार हैं :-*
🌷 *1) ॐ मंगलाय नमः*
🌷 *2) ॐ भूमि पुत्राय नमः*
🌷 *3 ) ॐ ऋण हर्त्रे नमः*
🌷 *4) ॐ धन प्रदाय नमः*
🌷 *5 ) ॐ स्थिर आसनाय नमः*
🌷 *6) ॐ महा कायाय नमः*
🌷 *7) ॐ सर्व कामार्थ साधकाय नमः*
🌷 *8) ॐ लोहिताय नमः*
🌷 *9) ॐ लोहिताक्षाय नमः*
🌷 *10) ॐ साम गानाम कृपा करे नमः*
🌷 *11) ॐ धरात्मजाय नमः*
🌷 *12) ॐ भुजाय नमः*
🌷 *13) ॐ भौमाय नमः*
🌷 *14) ॐ भुमिजाय नमः*
🌷 *15) ॐ भूमि नन्दनाय नमः*
🌷 *16) ॐ अंगारकाय नमः*
🌷 *17) ॐ यमाय नमः*
🌷 *18) ॐ सर्व रोग प्रहाराकाय नमः*
🌷 *19) ॐ वृष्टि कर्ते नमः*
🌷 *20) ॐ वृष्टि हराते नमः*
🌷 *21) ॐ सर्व कामा फल प्रदाय नमः*
🙏 *ये 21 मन्त्र से भगवान मंगल देव को नमन करें.. फिर धरती पर अर्घ्य देना चाहिए..अर्घ्य देते समय ये मन्त्र बोले :-*
🌷 *भूमि पुत्रो महा तेजा*
🌷 *कुमारो रक्त वस्त्रका*
🌷 *ग्रहणअर्घ्यं मया दत्तम*
🌷 *ऋणम शांतिम प्रयाक्ष्मे*
🙏 *हे भूमि पुत्र!..महा क्यातेजस्वी, रक्त वस्त्र धारण करने वाले देव मेरा अर्घ्य स्वीकार करो और मुझे ऋण से शांति प्राप्त कराओ..*
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🌷 *चैत्र नवरात्रि* 🌷
🙏🏻 *नवरात्रि के चौथे दिन यानी चतुर्थी तिथि को माता दुर्गा को मालपुआ का भोग लगाएं। इससे समस्याओं का अंत होता है ।*
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🌷 *चैत्र नवरात्रि* 🌷
🌷 *रोग, शोक दूर करती हैं मां कूष्मांडा* 🌷
*नवरात्रि की चतुर्थी तिथि की प्रमुख देवी मां कूष्मांडा हैं। देवी कूष्मांडा रोगों को तुरंत नष्ट करने वाली हैं। इनकी भक्ति करने वाले श्रद्धालु को धन-धान्य और संपदा के साथ-साथ अच्छा स्वास्थ्य भी प्राप्त होता है। मां दुर्गा के इस चतुर्थ रूप कूष्मांडा ने अपने उदर से अंड अर्थात ब्रह्मांड को उत्पन्न किया। इसी वजह से दुर्गा के इस स्वरूप का नाम कूष्मांडा पड़ा।*
🙏🏻 *मां कूष्मांडा के पूजन से हमारे शरीर का अनाहत चक्रजागृत होता है। इनकी उपासना से हमारे समस्त रोग व शोक दूर हो जाते हैं। साथ ही, भक्तों को आयु, यश, बल और आरोग्य के साथ-साथ सभी भौतिक और आध्यात्मिक सुख भी प्राप्त होते हैं।*
पंचक
26 मार्च, 2025 (बुधवार) को दोपहर 3:14 बजे शुरू होकर 30 मार्च, 2025 (रविवार) को शाम 4:35 बजे समाप्त होगा.
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
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