
पहाड़ का सच देहरादून। लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल के पास न होने के बाद भाजपा,कांग्रेस में एक दूसरे ऊपर आरोप प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने ट्वीट में कहा है कि विधेयक के विरोध में वोट कर कांग्रेस का महिला आरक्षण विरोधी चेहरा सामने आ गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का बयान नीचे लिंक में
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जबकि पीसीसी अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि बंगाल चुनावों को देखते गए मोदी सरकार बिल लाकर सिर्फ़ दिखावा कर रही है।
पीसीसी अध्यक्ष गोदियाल ने एक वीडियो में कहा कि भाजपा कांग्रेस पर आरोप लगा रही है, जबकि सच्चाई यह है कि महिला आरक्षण का मूल कानून 2023 में ही पारित हो चुका है। यह नया बिल आरक्षण लागू करने के बजाय सीटें बढ़ाने से जुड़ा था, जिसका औचित्य स्पष्ट नहीं किया गया। कांग्रेस ने सिर्फ यही सवाल उठाया कि बिना ठोस आधार के सीटें बढ़ाने की जरूरत क्या है, जबकि वर्तमान सीटों पर ही 33% आरक्षण लागू किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि भाजपा जनता, खासकर महिलाओं को गुमराह कर राजनीतिक लाभ लेना चाहती है, जबकि वास्तविक महिला सशक्तिकरण के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

